By Healthy Nuskhe | Oct 14, 2026
अक्सर हम सभी भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच में खुद का ध्यान रखना भूल जाते हैं। अक्सर हम यही सोचते हैं कि छुट्टी वाले दिन या वीकेंड पर नींद पूरी पूरी होने पर थकान दूर हो जाएगी। लेकिन असल में ऐसा होता नहीं है। जब लंबे समय तक आपके शरीर को रोजाना उतनी नींद नहीं मिल पाती है, जितना कि शरीर को जरूरत होती है। तो इसका असर साफ तौर पर हमारे शरीर और मन पर नजर आने लगता है। नींद की कमी के पीछे कई वजह हो सकती हैं।
वहीं कई बार तनाव की वजह से तो कई बार बिजी शेड्यूल की वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती है। ऐसे में Sleep Debt बढ़ता जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि Sleep Debt क्या होता है और नींद पूरी न होने के क्या लक्षण हैं और कैसे आपका मन और शरीर इससे प्रभावित होता है।
Sleep Debt तब होता है, जब आपकी नींद की जरूरत और असल में मिलने वाली नींद की मात्रा में अंतर होता है। ऐसा तब होता है, जब आपकी नींद पूरी नहीं होती है और आप देर तक काम किया करते हैं, तनाव के कारण सो नहीं पाते हैं या फिर आपके सोने का समय तय नहीं होता है। रोजाना एक या दो घंटे कम सोने से भी Sleep Debt हो सकता है और इसका आपकी हेल्थ पर बुरा असर हो सकता है।
दिन में बहुत ज्यादा नींद आना
ध्यान और फोकस में कमी
सुबह उठने में मुश्किल
भूलने की आदत
चिड़चिड़ापन
सिरदर्द
थकान
नींद की कमी होने पर फिजिकल और मेंटल हेल्थ खराब होने लगती है। नींद न आने के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, वेट पर असर प़ड़ता है, मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और बार-बार बीमार होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। वहीं पर्याप्त नींद न लेने से सीखने की क्षमता, याददाश्त और ध्यान लगाने की शक्ति पर असर पड़ता है। इसके साथ ही व्यक्ति तनाव और बेचैनी महसूस करने लगता है। नींद की भारी कमी के कारण व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो रोजाना कम से कम 8 से 9 घंटे की नींद लेना चाहिए। वहीं आपका स्लीप साइकिल भी तय होना चाहिए। अगर किसी कारण से आप पूरी नींद नहीं ले पा रहे हैं, तो इस पर ध्यान देना चाहिए। वहीं अगर नींद आने में मुश्किल होती है या लाख कोशिश के बाद भी नींद नहीं आती है, तो आपको डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।