हो रही है घबराहट तो तुरंत करें ये योगासन, जल्द मिलेगी राहत


हो रही है घबराहट तो तुरंत करें ये योगासन, जल्द मिलेगी राहत

कभी-कभी घबराहट होना सामान्य है। कोई इंटरव्यू हो, रिजल्ट आने वाला हो या कोई मीटिंग हो तो घबराहट होती ही है। लेकिन कई लोगों को बहुत ज़्यादा घबराहट या बेचैनी होने लगती है। कई बार घबराहट इतनी ज़्यादा होने लगती है कि इसकी वजह से हमारी तबियत भी ख़राब हो सकती है। जब बेचैनी और घबराहट बहुत ज़्यादा होने लगे तो इसे एंग्जायटी कहते हैं। आजकल की भाग-दौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में एंग्जायटी की समस्या आम हो गई है। कई बार यह परेशानी इतनी ज़्यादा बढ़ जाती है कि दवाइयों का सहारा लेना पड़ता है। हालाँकि, योग से भी इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। आज के इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासन बताएंगे जो आपके दिमाग को शांत करके घबराहट को दूर करने में मदद करेंगे -     


सेतुबंधासन (ब्रिज पोज़)

ज़मीन पर पीठ के बल लेट जाएं। हाथ को शरीर से सटा कर और हथेलियों को ज़मीन से लगा कर रखें। फिर धीरे-धीरे नितंबों, कमर और पीठ के सबसे ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। इस अवस्‍था में 3 से 5 मिनट तक रहें। सांस छोड़ते हुए आसन से बाहर आ जाएं।


शवासन

ज़मीन पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों के बीच में थोड़ी दूरी रखें और हाथों को बगल में सीधा रखें। हथेलियों को ऊपर की ओर रखें और शरीर को ढ़ीला छोड़ दें। आंखों को बंद कर लें। सांस को सामान्य ही रखें और अपना पूरा ध्यान अब अपनी सांसों पर केंद्रित करें।


धनुरासन

जमीन पर पेट के बल उल्टा लेट जाएं और अपनी ठुड्डी को जमीन पर नीचे टिका दें। फिर अपने दोनों पैरों को मिलाएं और सीधे रहें। इसके बाद अपने पैरों को मोड़ते हुए पीछे लाएं और अपने हाथों से टकने को पकड़ने की कोशिश करें। फिर अपने दोनों पैरों को खींचे और इस अवस्था में 20-30 सेकंड तक रहें। इस आसान को 10 बार करें।

 

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मत्यासन 

जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। अपनी टांगों को आपस में जोड़ें और हाथों को शरीर बगल में सीधा रखें। अब अपनी हथेलियों को हिप्स के नीचे लगाएं और  कोहनियों को एक-दूसरे के करीब लाने की कोशिश करें। इसके बाद अपने पैरों की पालथी मार लें। अब सांस खींचते हुए सीने को ऊपर की तरफ उठाएं। सिर भी ऊपर की तरफ उठाएं और सिर का ऊपरी हिस्सा जमीन को छूता रहेगा। इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रहें। अब सांस को छोड़ते हुए आसान से बहार आ जाएं।


शीर्षासन 

जमीन पर चटाई बिछाकर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों की उंगलियों को इंटरलॉक करते हुए आगे की तरफ झुकें। अपने हाथों को जमीन पर रखें। अब सिर को झुकाकर हाथों के बीच में रखते हुए जमीन से सटाएं। अब अपने पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और सीधे कर लें। इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें। फिर सांस छोड़ते हुए पैरों को नीचे करें और धीरे-धीरे पहले वाली अवस्था में वापस आ जाएं। इस आसन को दो से तीन बार तक करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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