CLOSE

Health Tips: 'Mood Swings' या 'Mental Health' इश्यू? महिलाओं के इमोशंस को पीरियड्स से जोड़ना पड़ सकता है भारी

By Healthy Nuskhe | Aug 13, 2026

अक्सर महिलाएं तब गुस्सा होती हैं, या चिढ़ती हैं या इमोशनल होती हैं, तो उनके पार्टनर या आसपास के लोग सवाल करते हैं कि पीरियड्स की वजह से चिढ़ रही हो। या तुमको पीरियड्स आए हैं क्या। हालांकि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को मूड स्विंग्स होते हैं। कई बार उनका छोटी-छोटी बातों पर रोना आता है या तेज गुस्सा आता है। लेकिन महिलाओं के इमोशंस को पीरियड्स से जोड़ देना सही नहीं है।

इसका महिलाओं की मेंटल हेल्थ पर भी असर होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा हैं कि इस तरह के कमेंट्स किस तरह से महिलाओं की मेंटल हेल्थ को प्रभावित करते हैं।

महिलाएं व्यक्त नहीं कर पातीं अपनी फीलिंग्स

पीरियड्स होने से पहले भावनात्मक बदलावों को यह कहकर टाल देना कि 'तुमको तो पीरियड हो रहा है' या फिर उनके इमोशनल होने को पीरियड से जोड़ देना गलत होता है। भले ही पीरियडस में होने वाले हार्मोनल बदलाव का असर मूड पर पड़ता है। लेकिन सभी भावनात्मक प्रतिक्रियाएं बायोलॉजिकल नहीं होती हैं। वहीं सभी महिलाओं में एक तरह के लक्षण भी नहीं दिखते हैं।

जब महिलाओं द्वारा अपनी फीलिंग्स शेयर करने पर उसको पीरियड्स से जोड़ दिया जाए, तो कई बार महिलाएं मदद लेने से हिचकिचा जाती हैं। इस तरह से वह अपने इमोशंस को अपने मन में रखती हैं। जिसका उनकी मेंटल हेल्थ पर भी असर होता है।

हर बात को हार्मोन से जोड़ना

महिलाओं की हर बात, नाराजगी या गुस्से को सिर्फ हार्मोन्स से जोड़ देना बात की गंभीरता को खत्म करता है। इससे वह खुद में बुरा महसूस करने लगती हैं।

कम होने लगता है आत्मविश्वास

जब कई बार आप महिलाओं की असल परेशानी को इस तरह से नकार देते हैं, तो महिलाओं का सेल्फ कॉन्फिडेंस भी कम होने लगता है। उनको ऐसा महसूस होता है कि शायद उनका गुस्सा या इमोशंस सही नहीं है। जिस कारण वह खुद को कम आंकने लगती हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

साथ ही एक बात का और भी ध्यान रखना चाहिए कि पीरियड्स के दिनों में ज्यादा मूड स्विंग्स होना सही नहीं है। भले ही पीएमएस नॉर्मल है। लेकिन प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर या मूड डिसऑर्डर जैसी स्थितियां नॉर्मल नहीं हैं अगर इमोशंस पर काबू करना मुश्किल हो जाता है और रोजाना के कामों में भी मुश्किल होने लगे, तो इस चीज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए।
Copyright ©
Dwarikesh Informatics Limited. All Rights Reserved.