By Healthy Nuskhe | Sep 17, 2026
आज के समय में देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा डायबिटीज जैसे गंभीर सेहत संबंधी समस्या से परेशान है। आधुनिक लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतें इस बीमारी की मुख्य वजह हैं। सोने-जागने का अनिश्चित समय, गलत खानपान, फिजिकल एक्टिविटी में कमी, स्मोकिंग और एल्कोहल भी इसमें प्रमुख कारण हैं। हालांकि वैसे तो डायबिटीज से बचाव के कई तरीकों के बारे में बताया जाता है। जैसे मैदे, तेल, घी, चावल, चीनी और आलू आदि से परहेज करना आदि। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्लो वॉक भी डायबिटीज को कम करने में मदद कर सकती है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक रोजाना लंच या डिनर के बाद अगर 10-15 मिनट हल्की वॉक की जाए, तो इसके बाद लोगों में ब्लड शुगर लेवल में कमी देखी गई है। शोधकर्ताओं के मुताबिक खाना खाने के करीब 30 मिनट बाद अगर 10 मिनट भी वॉक कर ली जाए, तो यह आपकी सेहत को लाभ पहुंचा सकती है। वहीं अगर आप भी डायबिटीज की समस्या से राहत पाना चाहती हैं, तो लंच व डिनर के बाद टहलने की आदत को रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए। इससे न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है, बल्कि यह फिटनेस को भी बनाए रखने में मदद करता है।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो यह रिसर्च सही है। खाने के बाद शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से होता है। स्लो वॉक से खून में मौजूद ग्लूकोज का मसल्स सही तरीके से इस्तेमाल कर लेते हैं। नियमित रूप से वॉक करने से तनाव दूर होता है और नींद भी अच्छी आती है। इससे शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।
वॉक करना सबसे आसान एक्टिविटी होती है। ऐसे में डायबिटीज से परेशान लोग स्लो वॉक कर सकते हैं। इसमें चोट लगने का जोखिम भी कम होता है और वॉक करने के लिए किसी स्पेशल इक्विपमेंट की आवश्कता नहीं पड़ती है। लेकिन आरामदायक कपड़े और जूते पहनने से आपको मोटिवेट रहने में सहायता जरूर मिल सकती है। जब आप रेगुलर वॉक करते हैं, तो आपको सेहत से जुड़े कई फायदे मिलते हैं।
मेटाबॉलिज्म बढ़ता है।
बैलेंस में सुधार होता है।
मूड बेहतर होता है।
स्लो वॉक से दिल की सेहत में सुधार होता है।
इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है।
ब्लड शुगर का लेवल कम होता है।
स्लो वॉक से ज्यादा फोकस्ड और अलर्ट महसूस होता है।
याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता में भी सुधार होता है।
वेट कंट्रोल में आसानी होती है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।