आज ही लाइफस्टाइल से जुड़ी एक आम समस्या मूड स्विंग्स है, जोकि नजरअंदाज करने वाली समस्या नहीं है। उदासी, अचानक गुस्सा, बेचैनी या चिड़चिड़ापन यह सभी मानसिक असंतुलन का संकेत हो सकता है। नींद की कमी, तनाव, हार्मोनल बदलाव और अनिय़मित लाइफस्टाइल इसके प्रमुख कारण हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है। जोकि शरीर और मन दोनों को संतुलित करता है। योग हमारे नर्वस सिस्टम को शांत करता है और हार्मोनल संतुलित करने में सहायता करता है और दिमाग के पॉजिटिव सोच को बढ़ावा देता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मूड स्विंग्स को कंट्रोल करने वाले योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं।
बालासन
इस आसन को करने से मानसिक थकान दूर होगा और ओवरथिंकिंग का समस्या भी कंट्रोल होती है। आप तुरंत रिलैक्सेशन के लिए यह आसन कर सकते हैं। इसके लिए घुटनों के बल बैठें और सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। फिर माथा जमीन पर लगाते हुए दोनों हाथ आगे की ओर रखें। फिर आंखें बंद कर सामान्य सांस लें।
सेतु बंधासन
सेतु बंधासन का अभ्यास करने से थकान और तनाव कम होता है और हार्मोन को संतुलित करने में मदद मिलता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं, पैरों को जमीन पर रखें और घुटनों को मोड़ें। अब हाथ को आगे की ओर रखें और सांस लेते हुए कमर को ऊपर की ओर उठाएं। ठुड्डी छाती पर रखें और कुछ सेकेंड रुकें और धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
भुजंगासन
भुजंगासन का अभ्यास करने से हार्मोन बैलेंस करने में मदद मिलती है। यह आसन डिप्रेशन और लो मूड लाभकारी होता है और यह शरीर में ऊर्जा बढ़ाने में सहायता करता है। इस आसन को करने के लिए पेट के बल जमीन पर लेट जाएं, हथेलियों को कंधों के पास रखें। सांस लेते हुए छाती को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और नाभि को जमीन से लगाए रखें। इस पोजिशन में कुछ सेकेंड रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस आसन को 5 से 7 बार दोहराएं।
शवासन
इस आसन को करने से मानसिक तनाव कम होता है और नकारात्मक विचार कम आते हैं। वहीं दिमाग भी रिलैक्स होता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएं, आंखें बंद करें और हाथ-पैर ढीला छोड़ दें। फिर रिलैक्स होते हुए सांस पर ध्यान फोकस करें।
सुखासन
इस आसन को करने से मन शांत होता है, तनाव और एंग्जायटी कम होती है। साथ ही भावनात्मक संतुलन बनाए रखें। इस आसन को करने के लिए पलथी मारकर बैठें, रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और दोनों हाथ घुटनों पर रखें। फिर आंखें बंद करते हुए गहरी सांस लें और सांस आने-जाने पर ध्यान केंद्रित करें। सुखासन को आप 5-10 मिनट तक कर सकते हैं।
वज्रासन
वज्रासन का अभ्यास करने से पाचन तंत्र सुधरता है और मन स्थिर होता है। इस आसन को भोजन के बाद किया जा सकता है। वज्रासन करने के लिए घुटनों के बल बैठे, पैरों को पीछे रखें और एड़ियों पर बैठ जाएं। अब रीढ़ को सीधा रखें और सामान्य सांस लें।