प्रेगनेंसी में शीर्षासन करना कितना सुरक्षित? जानें क्या है हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय


प्रेगनेंसी में शीर्षासन करना कितना सुरक्षित? जानें क्या है हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का इन दिनों प्रेगनेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर में हैं।  रिपोर्ट्स के मुताबिक अनुष्का जनवरी में बच्चे को जन्म देंगी।  सोशल मीडिया पर अपनी प्रेगनेंसी की अनाउंसमेंट के बाद अनुष्का ने अपनी पूरी प्रेगनेंसी के दौरान सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और पोस्ट शेयर किए। लेकिन हाल ही में अनुष्का का एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। दरअसल, इस तस्वीर में अनुष्का शीर्षासन यानी हेडस्टैंड करती नज़र आ रही हैं।  इस तस्वीर में अनुष्का सिर नीचे और पैर ऊपर किए हुए शीर्षासन करती दिख रही हैं। तस्वीर में अनुष्का के पति और इंडियन क्रिकेट टीम के कैप्टन विराट कोहली भी उन्हें सपोर्ट देते नज़र आ रहे हैं।  अपनी तस्वीर शेयर करते हुए अनुष्का ने लिखा कि उन्‍हें योगा करने में मजा आता है और ये उनकी जिंदगी का अहम हिस्‍सा बन गया है। अनुष्का ने खुलासा किया कि डॉक्टर की सलाह और योग एक्सपर्ट की देखरेख में वह प्रेगनेंसी में भी उन सभी तरह के योगासनों को आसानी से कर पा रही हैं जिसे वह प्रेगनेंसी से पहले से करती आ रही हैं।  अनुष्का की इस तस्वीर को देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनकी खूब तारीफ कर रहे हैं।  लेकिन कुछ लोगों का यह पूछना भी है कि क्या प्रेगनेंसी में इस तरह का इन्वर्जन यानी उलटने वाले योगासन करना सेफ है? आइए जानते हैं कि प्रेगनेंसी में शीर्षासन जैसे इन्वेर्जन योगासन करना कितना सुरक्षित है -


​हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक वैसे तो प्रेगनेंसी के दौरान योग करना बहुत फायदेमंद माना जाता है।  डॉक्टर्स के मुताबिक योग में सांस लेने की प्रक्रिया शरीर को अधिक ऑक्सीजन प्रदान करती है जो गर्भावस्था के दौरान बेहद जरूरी है।  इसके साथ ही योग करने के बाद गर्भ में पल रहे बच्चे को ऑक्सीजन से भरपूर खून का फायदा भी मिलता है।  हालांकि, प्रेग्‍नेंसी में किसी गर्भवती महिला को शीर्षासन या अन्य तरह के इन्वर्जन योगासन करना चाहिए या नहीं, यह पूरी तरह से महिला की सेहत, फिटनेस लेवल, प्रेग्‍नेंसी के चरण और गर्भ में पल रहे बच्चे की स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति पर निर्भर करता है। डॉक्टर्स के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को इन्वर्जन व कुछ अन्य तरह के योगासन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए वरना इससे होने वाले बच्चे को नुकसान होने का खतरा हो सकता है। 


डॉक्टर्स के मुताबिक यदि आप प्रेगनेंसी से पहले ही शीर्षासन जैसे कठिन योगासनों का अभ्यास कर रही हैं और आपको इसकी अच्छी प्रैक्टिस है तभी आप प्रेगनेंसी के दौरान ऐसी कोई भी एक्‍सरसाइज और योगासन करें।  इसके साथ ही प्रेगनेंसी में किसी भी तरह की एक्सरसाइज या योगासन करने से पहले गर्भवती महिला को डॉक्‍टर या हेल्थ एक्‍सपर्ट से बात करनी चाहिए। अगर आप उनकी सलाह से कोई योगासन कर भी रही हैं तो एक्‍सपर्ट की गाइडेंस में ही करें।


अब इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अनुष्‍का शर्मा कैसे शीर्षासन कर रही हैं। उनकी मदद के लिए योगा एक्‍सपर्ट के अलावा उनके पति विराट भी कोहली हैं। एक्ट्रेस योगा एक्‍सपर्ट से बात करने के बाद ही इस आसन को कर रही हैं।


​गर्भावस्‍था में शीर्षासन करने के फायदे

शीर्षासन करने का प्रमुख कारण होता है मस्तिष्‍क तक खून की सप्‍लाई को बढ़ाना और दिमाग की कोशिकाओं को पोषण देना। यह दिमाग को शांत करता है और स्‍ट्रेस एवं एंग्‍जायटी से निजात दिलाता है। माइग्रेन और सिरदर्द को कम करने के लिए भी शीर्षासन किया जाता है।


यह आसन पिट्यूटरी ग्रंथि को बूस्‍ट कर डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। इस तरह गर्भवती महिलाएं जेस्‍टेशनल डायबिटीज से बच सकती हैं। शीर्षासन से कंधे और बांह मजबूत होते हैं। इससे आंखों में ब्‍लड सप्‍लाई तेज होती है जिससे आंखों की रोशनी में सुधार आता है।


यह आसन बालों को मजबूत करके बाल झड़ने से रोकता है। इससे पाचन भी ठीक तरह से होता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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