शांत होगा विचलित मन बस अपनी दिनचर्या में शामिल करें इन योगासनों को


शांत होगा विचलित मन बस अपनी दिनचर्या में शामिल करें इन योगासनों को

मनुष्य अपनी सारी आदतों को सुधार सकता है, समस्त गतिविधियों को शांत कर सकता है। लेकिन मन की चंचलता और उथल-पुथल को काबू करना आसान काम नहीं होता है। मनुष्य की चित्त वृत्ति चेतना का संचालन स्वयं मनुष्य नहीं करता है, ऐसा मानना गलत होगा। क्योंकि पुराने समय में ऋषि मुनियों में मन को एकाग्र करने की शक्तियां मौजूद होती थीं। इन शक्तियों को प्राप्त करने के लिए कोई विशेष साधन की आवश्यकता नहीं होती। बल्कि कुछ ऐसे कार्य करने होते हैं, जिससे आप अपने मन को स्थिर करने के लायक बन जाते हैं।

कभी-कभार मनुष्य अपने मन की चपलता को अच्छा भी मानता है वहीं कुछ व्यक्ति मन की दौड़ भाग से परेशान हो जाते हैं। ऐसे लोग यह उपाय खोजते हैं कि मन को शांत करने के लिए क्या किया जा सकता है?आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे योग के जरिए मन को एकाग्र चित्त करने की शक्ति हासिल की जा सकती है।

प्राणायाम स्थापित करेगा मन को काबू करने के नए आयाम
प्राणायाम का अर्थ शरीर में मौजूद उस वायु से है जो हमारे शरीर को जीवित रखने में महती भूमिका निभाती है। इस वायु को ही लोग प्राण कहते हैं। योग के अनुसार आयाम का अर्थ नियंत्रण करना होता है।

प्राणायाम के इतने प्रकारों से मन को काबू करें
शीतली प्राणायाम, कपालभाति प्राणायाम, भस्त्रिका प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, वाह्य प्राणायाम, नाड़ी-शोधन प्राणायाम, अग्निसार क्रियाै। प्राणायाम करने के लिए सूर्योदय से पहले का समय बिल्कुल सही रहेगा। इस योग को खाली पेट करना चाहिए। इस योग को करने के दौरान पद्मासन, सुखासन, वज्रासन की स्थिति में बैठा जा सकता है।

भुजंगासन
इस योग को विशेषता चित्त की चेतना को जगाने वाला माना जाता है। इस योग को करने के से मन बहुत ही प्रसन्नचित रहता है। इस आसन में शरीर फन उठाए हुए सांप की भांति आकृति निर्मित करता है। इसीलिए इसे कोबरा पोज भी कहा जाता है। इस आसन के द्वारा शरीर को लचीलापन बनाने में भी सहायता मिलती है।

जानुशीर्षासन
इस आसन के द्वारा मन की सम्पूर्ण चंचलता को खत्म कर सकने वाली क्षमता प्राप्त की जा सकती है। माथे को घुटनों से छूने का प्रयास करते हुए हथेलियों को उल्टा करते हुए तलवों से बांधने का प्रयास करें। तनाव रहित जीवन की कामना करने वाले और मन को एकाग्र करने में मदद मिलती है।

शवासन
शवासन एक अकेला ऐसा योग है जिसके द्वारा मनुष्य अपनी थकान चिंता और हताशा को दूर कर सकता है। मनुष्य का मन तभी भटकता है जब वह चिंतित होता है। ऐसे में मन को एकाग्र करने के लिए शवासन योग करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। शवासन का संधि विच्छेद करते हुए देखा जाए तो यह दो शब्दों का मेल है, शव + आसन जहां शव का अर्थ है मृत शरीर यानि जीवित अवस्था में मन को एकाग्रचित्त करना आसान होता है।

उत्तानासन
इस आसन को अंग्रेजी में स्टैंडिंग फॉरवर्ड बैंड कहते हैं। उत्तानासन का अर्थ होता है जोर से खींचना इस आसन को करने से गजब के फायदे होते हैं।
मन की शांति के लिए इस आसन को करने का अभ्यास करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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