Yoga Tips: मानसून में बीमारियों से बचने के लिए Pawanmuktasana और Vajrasana हैं सबसे कारगर उपाय
- अनन्या मिश्रा
- Aug 04, 2026
मानसून अपने साथ जहां गर्मी से राहत लेकर आता है और साथ ही कई सेहत संबंधी चुनौतियां बढ़ जाती हैं। इस मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने से वायरस, बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में अपच, गैस, पेट खराब होना, एसिडिटी, स्किन पर खुजली, फूड पॉइजनिंग, रैशेज और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं आम हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक मानसून में हमारी पाचन शक्ति कमजोर पड़ जाती है। वहीं नमी के संपर्क में रहने या बार-बार भीगने से स्किन संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं।
ऐसे में शरीर को अंदर से मजबूत बनाना जरूरी होता है। वहीं योग एक ऐसा प्राकृतिक उपाय है, जिससे न सिर्फ पाचन तंत्र बेहतर होता है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। नियमित योगाभ्यास करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। वहीं योगाभ्यास करने से पेट और स्किन संबंधी समस्याओं को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन का अभ्यास करने से अपच और गैस से राहत मिलती है।
मानसून में पाचन संबंधी समस्याएं अधिक होती हैं।
इस आसन को करने से पेट में जमा गैस बाहर निकालने और पाचन तंत्र को सक्रिय बनाने में मदद करता है।
इस योगासन का अभ्यास करने से ब्लोटिंग, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में लाभकारी माना जाता है।
रोजाना 5 से 10 मिनट तक इस योगासन का अभ्यास करने से पेट हल्का और हेल्दी महसूस होता है।
वज्रासन
इस आसन को करने से भोजन के बाद पाचन बेहतर होता है।
वज्रासन एक ऐसा योगासन है, जिसको खाना खाने के फौरन बाद किया जा सकता है।
वज्रासन पाचन प्रोसेस को बेहतर बनाता है।
इस आसन को करने से एसिडिटी और गैस की समस्या कम करने में मदद करता है।
मानसून में जब पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं, तब वज्रासन का रोजाना अभ्यास करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
भुजंगासन
यह आसन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है।
इस आसन के नियमित अभ्यास से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
भुजंगासन को करने के पेट के अंगों को मजबूती मिलती है।
इसके नियमित अभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधकर क्षमता मजबूत होती है।
इससे मानसून में होने वाले संक्रमण का जोखिम कम हो सकता है।
भुजंगासन का अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी लचीली होती है और शरीर में एनर्जी का संचार करता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।