जानिए प्रेगनेंसी के दौरान कौन सी एक्सरसाइज या योगासन करना होता हैं सबसे फायदेमंद


जानिए प्रेगनेंसी के दौरान कौन सी एक्सरसाइज या योगासन करना होता हैं सबसे फायदेमंद

गर्भावस्था का समय किसी भी महिला के लिए सबसे जरूरी होता है। यही वह समय होता है जब महिला खुद को सबसे ज्यादा खुश और खुश नसीब महसूस करती हैं। इस समय में वह कई तरह के पड़ाव से गुजरती है, कई सारी परेशानियों का सामना कर करती हैं। ऐसे समय में जरूरी होता है कि अपनी सेहत का ख्याल रखा जाए और खुद को फिट रखने की कोशिश की जाए। तो आज हम आपको बताने वाले हैं कई ऐसे उपाय जिनसे गर्भावस्था के समय महिला खुद को स्वस्थ रख सकती है। गर्भावस्था का समय बेहद तनाव और चिंता वाला होता है इसी कारण इस समय दिमाग को शांत रखना एक माँ के लिए महत्वपूर्ण होता है। गर्भावस्था के दौरान शरीर और मन दोनों ही शांत रहने चाहिए। अपने मन में तनाव रहने से आपको या आपके शिशु को शारीरिक और मानसिक कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गर्भावस्था के समय बेहद जरूरी है कि आप योगआसन, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार या कई सारी एक्सरसाइज करते रहे, उससे पहले आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत होती है। तो आज हम आपको कुछ योगासन या एक्सरसाइज बताने वाली है जो आप प्रेग्नेंसी के समय अपना सकती हैं।


1.तितली आसन - शरीर को लचीला बनाने के लिए


तितली आसन को प्रेगनेंसी के तीसरे महीने तक आप कर सकते हैं। शरीर में लचीलापन बढ़ाने के लिए यह आसन किया जाता है। इसे करने से शरीर के निचले भाग का तनाव या खिंचाव खुलता है। इससे शिशु के जन्म के दौरान गर्भवती महिला को बेहद कम परेशानी होती है।


तितली आसन करने का तरीका  - तितली आसन करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को सामने की ओर मोड़कर उनके तलवे मिला ले यानी पैरों से नमस्कार की मुद्रा बनानी है। इसके पश्चात दोनों हाथों की उंगलियों को क्रॉस करते हुए पैर के पंजों को पकड़े और पैरों को ऊपर नीचे तितली की तरह करें। आपकी पीठ और बाजू बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। इस आसान को 15 से अधिक बार करें।


जरूरी बात - अगर यह योग करते वक्त आपको कमर के निचले हिस्से में दर्द अनुभव होता है, तो इसे बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।


2.श्वशन - मन को शांत करने के लिए


गर्भावस्था के दौरान श्वशन करने से मन को शांति मिलती है। यह एक सबसे बेहतर गर्भावस्था योगासन है। इस आसन की सबसे खास बात यह है, कि इसे करने से आपकी ग्रभ के अंदर पल रहे शिशु पर अच्छा असर पड़ता है।


करने का तरीका - इस आसन को करने के लिए बाहर खुली हवा में किसी चटाई को बिछा ले और उस पर आरामदायक तरीके से लेट जाएं और अपने हाथ और पैरों को खुला हुआ छोड़ दें। इसके पश्चात आप पूरी तरह से तनाव मुक्त हो जाएं और हल्के हल्के से लंबी सांसे ले और फिर छोड़े।


3.पर्वतासन - इस आसन से कमर दर्द दूर होता


गर्भावस्था में पर्वतासन करने से कमर के दर्द से छुटकारा मिलता है। इसे करने से आने वाले समय में चलकर शरीर बेडौल नहीं होता है।


करने का तरीका - इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सुखासन में आराम से बैठ जाइए, इस समय आपको पीठ सीधी रखनी होगी । इसके बाद सांस को अंदर की तरफ लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठा कर हथेलियों को नमस्ते की मुद्रा में जोड़ ले। ध्यान रहे कोनी को सीधी रखना होगा, कुछ टाइम के लिए इसी मुद्रा में रहे और फिर नॉर्मल पोजीशन में आ जाए। इस आसन को दो या तीन से ज्यादा बार ना करें।


4.अनुलोम विलोम - हमारे शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाना


प्रेगनेंसी में अनुलोम विलोम आसन को सबसे बेहतर माना जाता है। इस आसन को करने से रक्त संचार कंट्रोल में रहता है। गर्भावस्था में तनाव मुक्त रहने के लिए इस आसन को आप जरूर करें।


करने का तरीका - इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक चटाई बिछाई और उस पर सुखासन में बैठ जाए। उसके बाद दाएं हाथ के अंगूठे से नाक का छिद्र बंद करें और अपनी सास अंदर की तरफ खिंचे। फिर उसे हाथ की दो उंगलियों से बाय ओर का चित्र बंद कर ले और अंगूठे को हटाकर दाएं ओर से सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया को फिर नाक से दूसरे छिद्र से दोहराएं। लगातार इस प्रक्रिया को करें, इससे मन को शांति मिलेगी और रक्त संचार भी अच्छा रहेगा। प्रेगनेंसी में इस योग को सबसे बेहतर माना जाता है।


ये थे प्रेगनेंसी के दौरान कुछ ऐसे ही योगासन जीने करने से आपकी सेहत पर सकारात्मक असर होगा। 


डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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