चतुरंग दंडासन से शरीर को मिलते हैं ढेरों लाभ, जानें इस आसान को करने का सही तरीका


चतुरंग दंडासन से शरीर को मिलते हैं ढेरों लाभ, जानें इस आसान को करने का सही तरीका

हमारी व्यस्त जीवनशैली में हम अक्सर अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही कर जाते हैं। स्वस्थ्य रहने के लिए शारीरिक गतिविधि बहुत जरूरी होती है। इसके लिए योग एक अच्छा विकल्प है। योग के कई आसन हैं जिनके नियमित अभ्यास से हमें स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। ऐसा ही एक आसान है चतुर दंडासन। चतुरंग दंडासन तीन शब्दों को जोड़कर बना है- चतुर, अंग और दंड। चतुर का मतलब चार, अंग का मतलब शरीर का हिस्सा और दंड का मतलब डंडा। यह योगासन सूर्य नमस्कार का एक महत्वपूर्ण भाग है। यह दिखने में पुश अप जैसा लगता है लेकिन दोनों के बीच काफी अंतर है। चतुरंग दंडासन करने से शरीर को ताकत मिलती है इसलिए इस योगासन का रोजाना अभ्यास करना चाहिए।


चतुरंग दंडासन करने का तरीका 

सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर अपने कंधों  से आगे रखें और अपनी उंगलियों को सामने की ओर रखें।

अब अपनी दोनों पैरों की उंगलियों को जमीन से सटाएं जिससे शरीर का वजन उठाया जा सके।

अपने पैरों की उंगलियों पर वजन डालते हुए धीरे-धीरे अपने घुटनों को ऊपर उठाने का प्रयास करें।

अब अपनी हथेलियों पर वजन डालकर अपने शरीर को ऊपर उठाएं।

अपने हाथ के ऊपरी और निचले हिस्से के बीच होनी पर 90 डिग्री का कोण बनाएं। 

इस दौरान आपके शरीर का भार आपकी हथेली और तलवों की उंगलियों पर होना चाहिए और आपका पूरा शरीर फर्श के समानांतर होना चाहिए।

इस मुद्रा में 10 से 30 सेकंड के लिए रहें।

इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।


चतुरंग दंडासन करने के फायदे 

चतुरंग दंडासन के नियमित अभ्यास से पीठ पैर और हाथ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।


इस आसान के नियमित अभ्यास से शरीर में जमा हुई अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिलती है और वजन घटाने में भी यह आसन लाभदायक है। 


इस आसन को करने से पैरों में रक्त संचार बेहतर होता है और पैरों को मांसपेशियां मजबूत होती हैं।


इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन आता है और शरीर की संतुलन शक्ति बढ़ती है।


मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी चतुरंग दंडासन बहुत लाभदायक है। इससे मन शांत रहता है और  स्मरण शक्ति बढ़ती है। इस आसन के अभ्यास से दिमाग और मांसपेशियों के बीच संबंध स्थापित होता है।


चतुरंग दंडासन से एप्स मजबूत बनते हैं जिससे पेट टोंड लगता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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