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Yoga for Posture: Mobile Neck से Slip Disc तक, Modern Lifestyle की इन बीमारियों का Yoga में छिपा है रामबाण इलाज

By Healthy Nuskhe | Jun 17, 2026

आज की पीढ़ी को जो बीमारियां हो रही हैं, वह शरीर में चुपचाप घर करने वाली समस्या हैं। घंटों मोबाइल देखने से झुकी गर्दन, कुर्सी पर लंबे समय तक बैठे रहने से पेट और वजन बढ़ना और लैपटॉप के आगे जकड़ी कमर आधुनिक जीवनशैली से होने वाली स्वास्थ्य समस्याए हैं। बिगड़ी लाइफस्टाइल की वजह से सर्वाइकल, मोबाइल नेक और लोअर बैक पेन व स्लिप डिस्क जैसी बीमारियां होती हैं। इन समस्याओं के होने पर दवा से राहत तो मिलती है, लेकिन स्थाई समाधान नहीं मिलता है।

लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां का समाधान योग है। योग वह पुरानी विद्या है, आज सबसे आधुनिक इलाज बनकर सामने आई है। अगर दिनभर डेस्क वर्क करने या फिर लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन झुककर देखने की वजह से गर्दन और कमर में दर्द रहता है। तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं। जो मोबाइल नेक और सर्वाइकल जैसी बीमारियों से राहत देते हैं।

नई बीमारियों का रामबाण इलाज है योग


मोबाइल नेक और सर्वाइकल में योग का असर

लगातार गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखने से रीढ़ की ऊपरी हड्डियां दबाव में आ जाती हैं। भुजंगासन, गोमुखासन और गर्दन संचालन क्रिया गर्दन की मांसपेशियों को ढील देती हैं और रक्त संचार बेहतर करती हैं। नियमित अभ्यास से अकड़न कम होती है और दर्द जड़ से जाता है।

स्लिप डिस्क में योग जरूरी

स्लीप डिस्क सिर्फ उम्र की बीमारी नहीं रही है। गलत बैठने और झुकने की वजह से युवा भी इस बीमारी की चपेट में हैं। मकरासन, सेतुबंधासन और शलभासन रीढ़ को सहारा देते हैं और डिस्क पर दबाव कम करते हैं। यहां पर योग इलाज नहीं बल्कि रीढ़ की मरम्मत है।

कमर दर्द और भारीपन

ऑफिस कुर्सी पर बैठा शरीर धीरे-धीरे जड़ हो जाता है। ऐसे में अर्धमत्स्येन्द्रासन और पवनमुक्तासन आसन कमर की जकड़न को खोलते हैं। योग शरीर को फिर से चलना सिखाता है।

मानसिक तनाव

बता दें कि तनाव शरीर को अंदर से सिकोड़ देता है। अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम नसों को शांत करते हैं। वहीं जब मन ढीला होता है, तो शरीर खुद-ब-खुद शांत और सीधा होने लगता है। 

मोबाइल नेक और सर्वाइकल के लिए करें योगासन


ग्रीवा संचालन

इसमें गर्दन को धीरे-धीरे बाएं-दाएं और आगे-पीछे घुमाएं।
इस अभ्यास को 5-5 बार करें।
इससे जमी हुई मांसपेशियां ढीली होती हैं।

ताड़ासन

तड़ासन करने के लिए सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर की ओर उठाएं।
अब एड़ियों पर वजन डालें।
फिर 10-15 सेकेंड तक रुकें और इस अभ्यास को कम से कम 5 बार दोहराएं।
इस आसान को करने से रीढ़ और गर्दन की लाइन सीधी होती है।

भुजंगासन

इस आसन के लिए पेट के बल लेट जाएं और छाती को उठाएं।
इस दौरान गर्दन पर जोर न डालें।
अब 15-20 सेकेंड तक 3 बार यही अभ्यास दोहराएं।
इस आसान के अभ्यास से सर्वाइकल की अकड़न कम होती है।

मार्जरी- बिटिलासन

इसके लिए रीढ़ को ऊपर-नीचे करें।
सांस के साथ अपना तालमेल बिठाएं।
अब 8 से 10 राउंड अभ्यास करें।
इससे पूरी स्पाइन रिलैक्स होती है।
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