कोविड-19 के दौरान फेफड़ों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए करें ये 5 योगासन


कोविड-19 के दौरान फेफड़ों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए करें ये 5 योगासन

फेफड़े हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग हैं, जो हमें सांस लेने में मदद करते हैं। आज पूरा देश कोरोना की दूसरी लहर से प्रभावित है। आए दिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है और हजारों लोगों की मौत हो रही है। कोरोना वायरस संक्रमण हमारे रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को भी प्रभावित करता है इसलिए बहुत जरुरी है कि हम अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखें। फेफड़ों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए योग एक बेहतरीन तरीका है। हर दिन कुछ योगासन करने से आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। योग अभ्यास से आप कोरोना वायरस से संक्रमित होने से जटिलता के जोखिम को कम कर सकते हैं। आज के इस लेख में हम आपको फेफड़ों को मजबूत और स्वस्थ रखने वाले कुछ योगासन बताने जा रहे हैं - 


सेतुबंधासन (ब्रिज पोज़)

इस आसान को करने के लिए ज़मीन पर पीठ के बल लेट जाएं। 

हाथ को शरीर से सटा कर और हथेलियों को ज़मीन से लगा कर रखें। 

फिर धीरे-धीरे नितंबों, कमर और पीठ के सबसे ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। इस अवस्‍था में 3 से 5 मिनट तक रहें। 

सांस छोड़ते हुए आसन से बाहर आ जाएं।


कपालभाति 

योग मैट पर आराम से बैठें। 

अब अपनी नाक के माध्यम से गहराई से श्वास लें। 

साँस लेते समय, अपने पेट को जितना संभव हो अंदर की ओर खींचें।

अब अपनी नाक के माध्यम से साँस छोड़ें। इसे दिन में 20 मिनट तक दोहराएं।


अर्धचक्रासन 

सबसे पहले जमीन पर अपने घुटनों के बल बैठें। 

अब अपने बाएं पैर को पीछे खींचें और अपने पैर की उंगलियों को बाहर निकालें। 

अपनी बाहों को अपने सिर के ऊपर रखें और ऊपर की ओर देखें। 

सुनिश्चित करें कि आपके दाहिने घुटने को आपके टखने के साथ संरेखित किया गया है। 

अपने ऊपरी शरीर को पीछे झुकाएं, और एक आर्च बनाएं। 

थोड़ी देर इसी मुद्रा में रहें और फिर दूसरे पैर के साथ भी यही दोहराएं।


मत्स्य आसन (मछली मुद्रा):

अपनी पीठ के बल लेटें और अपने शरीर के नीचे अपनी बाहों को मोड़ें। 

अपने सिर और छाती को ऊपर उठाएं, सांस लें और फिर अपनी पीठ को झुकाते हुए सिर को जमीन पर टिका दें। 

अपनी कोहनी का उपयोग करके अपने पूरे शरीर का संतुलन बनाए रखें। 

इस मुद्रा में साँस लेते और छोड़ते रहें। 

जब तक आप सहज हों, तब तक इस मुद्रा को बनाए रखें।


भुजंगासन 

ज़मीन पर पेट के बल लेट जाएँ।

अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।  

अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं। 

उसके बाद अपने पेट के भाग को धीरे धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहे। 

अब बाद सांस  छोड़ते हुए, अपने पेट, छाती और फिर सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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