बदलते मौसम में करें ये योगासन, बीमारियाँ आपको छू भी ना सकेंगी


बदलते मौसम में करें ये योगासन, बीमारियाँ आपको छू भी ना सकेंगी

बदलते मौसम में हमारे शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है जिसके कारण हम संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। ऐसे में सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और बुखार जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। बदलते मौसम में बीमार होने से बचने के लिए खानपान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है और संक्रमण से बचाव होता है। आज के इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासन बताने जा रहे हैं जिनके अभ्यास से आप बदलते मौसम में बीमार होने से बच सकते हैं - 


भुजंगासन 

इस आसान को करने के लिए ज़मीन पर पेट के बल लेट जाएँ। अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें। अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं। उसके बाद अपने पेट के भाग को धीरे धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहे। अब बाद सांस  छोड़ते हुए, अपने पेट, छाती और फिर सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।


मार्जरीआसन

इस आसन को करने के लिए वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों को फर्श पर आगे की ओर रखें। अपने दोनों हाथों पर थोड़ा सा भार डालते हुए अपने हिप्स (कूल्हों) को ऊपर उठायें। अपनी जांघों को ऊपर की ओर सीधा करके पैर के घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाएँ। अब साँस भरते हुए अपने सिर को पीछे की ओर झुकाएं, अपनी नाभि को नीचे से ऊपर की तरफ धकेलें और टेलबोन (रीढ़ की हड्डी का निचला भाग)) को ऊपर उठाएं। अब अपनी सांस को बाहर छोड़ते हुए अपने सिर को नीचे की ओर झुकाएं और मुंह की ठुड्डी को अपनी छाती से लगाने का प्रयास करें। इस स्थिति में अपने घुटनों के बीच की दूरी को देखें। अब फिर से अपने सिर को पीछे की ओर करें और इस प्रक्रिया को दोहराहएं। इस क्रिया को आप 10-20 बार दोहराएं।


शवासन

ज़मीन पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों के बीच में थोड़ी दूरी रखें और हाथों को बगल में सीधा रखें। हथेलियों को ऊपर की ओर रखें और शरीर को ढ़ीला छोड़ दें। आंखों को बंद कर लें। सांस को सामान्य ही रखें और अपना पूरा ध्यान अब अपनी सांसों पर केंद्रित करें।


सेतुबंधासन (ब्रिज पोज़)

इस आसान को करने के लिए ज़मीन पर पीठ के बल लेट जाएं।  हाथ को शरीर से सटा कर और हथेलियों को ज़मीन से लगा कर रखें। फिर धीरे-धीरे नितंबों, कमर और पीठ के सबसे ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। इस अवस्‍था में 3 से 5 मिनट तक रहें। सांस छोड़ते हुए आसन से बाहर आ जाएं।


सर्वांगासन 

इस आसान को करने के लिए जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने हाथों को सीधा पीठ के बगल में रखें, हथेलियां नीचे रहेंगी। अब सांस अंदर लेते हुए अपनी टांगों को सीधे हवा में ऊपर की तरफ उठाएं। इसके बाद धीमी गति से टांगों को सिर की तरफ मोड़ें। दोनों कोहनियों को जमीन पर टीकाकार हाथों से कमर को सहारा दें। अब अपनी टांगों को ऊपर की तरफ खींचकर उठाएं। कंधे, रीढ़ की हड्डी और हिप्स एक सीध में ले आएं। इस अवस्था में 30 से 60 सेकेंड तक रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पुरानी अवस्था में वापस लौट आएं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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