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Monsoon Yoga: मॉनसून में बिगड़ेगा नहीं पाचन और निखरेगी Skin, डेली रुटीन में शामिल करें ये असरदार Yoga Poses

By Healthy Nuskhe | Jul 24, 2026

मॉनसून अपने साथ गर्मी से राहत लेकर तो आता है, लेकिन साथ ही यह मौसम स्किन संबंधी समस्याएं भी बढ़ा देता है। इस मौसम में अपच, गैस, फूड पॉइजनिंग, त्वचा पर खुजली, पेट खराब होना, एसिडिटी, रैशेज और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं। वहीं मॉनसून में हमारी पाचन शक्ति कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में सिर्फ खानपान पर ध्यान देना जरूरी नहीं है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत बनाना जरूरी होता है। योग एक ऐसा प्राकृतिक उपाय है, जो न सिर्फ आपके पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है।

रोजाना योगाभ्यास से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, शरीर को संक्रमणों से लड़ने की क्षमता प्राप्त होती है और तनाव कम होता है। वहीं कुछ योगासन मॉनसून में होने वाली पेट और स्किन संबंधी समस्याओं को भी कंट्रोल करने में मदद करता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ प्रभावी योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं।

पवनमुक्तासन

इस आसन का अभ्यास करने से गैस और अपच से राहत मिलती है।

मॉनसून में पाचन संबंधी समस्याएं अधिक देखने को मिलती है।

इस आसन का अभ्यास करने पेट में जमा गैस बाहर निकालने और पाचन तंत्र को सक्रिय होता है।

पवनमुक्तासन का अभ्यास करने से ब्लोटिंग, कब्ज और अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं।

रोजाना 5 से 10 मिनट इसका अभ्यास करने से पेट हल्का और स्वस्थ महसूस होता है।

वज्रासन

वज्रासन का अभ्यास करने से पाचन बेहतर होता है।

यह एकमात्र ऐसा योगासन है, जिसको भोजन करने के फौरन बाद किया जा सकता है।

इस आसन का अभ्यास करने से एसिडिटी और गैस की समस्या कम होती है।

मॉनसून में पेट संबंधी गड़बड़ियां बढ़ जाएं, तो वज्रासन का अभ्यास फायदेमंद होता है।

भुजंगासन

भुजंगासन का अभ्यास करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

इस आसन का अभ्यास करने से शरीर में बल्ड सर्कुलेशन बेहतर होता है।

पेट के सभी अंगों को मजबूती मिलती है।

नियमित रूप से अभ्यास करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

मॉनसून में होने वाले संक्रमणों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

इस योगासन को करने से रीढ़ की हड्डी लचीली होती है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। 

त्रिकोणासन

त्रिकोणासन के नियमित अभ्यास से स्किन हेल्दी और ग्लोइंग बनती है।

इसके अभ्यास से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद मिलती है।

बेहतर ब्लड सर्कुलेशन की वजह से स्किन तक पर्याप्त पोषक तत्व और ऑक्सीजन पहुंचते हैं।

इसका अभ्यास करने से स्किन हेल्दी और चमकदार बनती है।

मॉनसून में होने वाली स्किन संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए त्रिकोणासन लाभकारी होता है।

प्राणायाम

इसका अभ्यास करने से संक्रमण से बचने में सहायता मिलती है।

अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसे प्राणायाम का अभ्यास करने से श्वसन तंत्र मजबूत होता है।

यह शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

नियमित प्राणायाम का अभ्यास करने से तनाव कम होता है।

प्राणायाम करने से मानसिक शांति मिलती है।

इसका अभ्यास करने से शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार रहता है।

मॉनसून के दौरान हर 10 से 15 मिनट प्राणायाम करने से पूरी सेहत में सुधार देखा जा सकता है।
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