भुजंगासन करने की सही विधि, लाभ और इसकी सावधानियां


भुजंगासन करने की सही विधि, लाभ और इसकी सावधानियां
आज के युग में व्यक्ति के जीवन में योग बहुत महत्वपूर्ण बन चुका है। योग करने से किसी भी प्रकार का रोग, बीमारी, मोटापा, अनिद्रा और तनाव आदि जैसी समस्याएं हमारे शरीर से दूर रहती हैं। प्रतिदिन योग करने से हमारा शरीर स्वस्थ बना रहता है।

सभी योगासन महत्वपूर्ण माने जाते है परंतु भुजंगासन की कुछ अलग ही विशेषताएं हैं। आज हम आपको भुजंगासन क्या होता है, इसे करने की सही विधि, समय, लाभ और सावधानियों के बारे में बताएंगे।

क्या होता है भुजंगासन ?

भुजंग शब्द संस्कृत से लिया हुआ एक शब्द है जिसका अर्थ है सर्प। इसलिए भुजंगासन को सर्पआसन या कोबरा पोज भी कहते हैं क्योंकि इस आसन में हमारा शरीर एक सर्प की भांति होता है। सभी योगासनों में भुजंगासन एक प्रसिद्ध आसन माना जाता है। पीठ के दर्द के रोगियों के लिए यह आसन अत्यंत लाभदायक है। सूर्य नमस्कार में भुजंगासन सातवें क्रम पर आता है प्रतिदिन यह आसन करने से कंधे, कोहनी, पीठ, गर्दन और लीवर को मजबूती मिलती है।

भुजंगासन करने का उचित समय

भुजंगासन हमेशा खाली पेट करना चाहिए। यदि आपने खाना खाया है तो उसके तकरीबन 3 से 4 घंटे बाद ही इस आसन को करें। इससे खाने को पचने का पर्याप्त समय मिलता है और आसन करने में आसानी होती है।

भुजंगासन करने की विधि

1. भुजंगासन करने के लिए सर्वप्रथम पेट के बल लेट जाइए
2. इसके बाद हथेली को कंधे के नीचे रखिए
3. अपने दोनों पैरों को पीछे की तरफ खींचते हुए सीधा रखिए और दोनों पैरों में दूरी नहीं होनी चाहिए
4. इसके बाद साँस लें और शरीर के अगले भाग को ऊपर की और उठाएं
5. इस वक्त एक बात का ख्याल रखें की कमर पर ज्यादा खिंचाव ना आने पाए
6. 10-20 सेकंड्स के लिए इसी अवस्था में बने रहिए
7. फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं
8. शुरुआती दिनों में दो से तीन बार इसे करिए और फिर धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाइए

भुजंगासन से जुड़ी सावधानियां सावधानियां

1.हर्निया से पीड़ित व्यक्ति इस आसन को ना करें।
2. पेट दर्द होने पर यह आसन ना करें।
3. गर्भवती महिलाएं इस आसन को बिल्कुल ना करें।
4. हाथ, पीठ और गर्दन में दर्द या चोट है तो इस आसन को मत करिए।
5. आसन करते समय अपने सर को पीछे की ओर ज्यादा ना झुकाएं वरना मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है।
6. अपनी क्षमता के अनुसार आसन कीजिए।

भुजंगासन करने के फायदे

1. पीठ के दर्द के लिए अत्यंत लाभदायक आसन।
2. गले से संबंधित रोग में फायदा मिलता है।
3. लड़कों को यह आसन अवश्य करना चाहिए इससे उनकी छाती चौड़ी होती है।
4. इस आसन को करने से कमर से संबंधित परेशानियां जैसे दर्द या झुकाव दूर हो जाता है।
5. यह आसन रीढ़ की हड्डी को सक्रिय बनाता है।
6. इस आसन से पैंक्रियाज सक्रिय होते हैं जिसके कारण हमारे शरीर में अच्छी मात्रा में इंसुलिन बनना शुरू हो जाता है। इसलिए डायबिटीज से जुड़े व्यक्तियों को भुजंगासन जरूर करना चाहिए।
7. पेट और कमर दर्द से छुटकारा मिलता है।
8.पेट के अंगो को सुचारू रूप से कार्य करवाने में यह आसन मदद करता है।
9. मोटापा कम करने में भी यह आसन लाभदायक है।
10. तनाव से जुड़ी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


Related Posts