लिवर को रखना है फिट और हेल्दी तो करें ये योगासन, मिलेगा बहुत लाभ


लिवर को रखना है फिट और हेल्दी तो करें ये योगासन, मिलेगा बहुत लाभ

लिवर हमारे शरीर का एक अहम अंग है। यह शरीर से विषैले पदार्थों यानि टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है। हम जो भी खाते-पीते हैं उसे पचाने में भी लिवर मदद करता है। लिवर के बिना हमारे शरीर के काम करने की क्षमता ना के बराबर हो जाती है। लेकिन कई बार हम अपनी भागदौड़ भरी जीवन शैली और खान-पान की गलत आदतों के चलते लिवर के स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते हैं जिसके कारण फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है। लिवर को साफ और स्वस्थ रखने के लिए सही खान-पान और अच्छी जीवनशैली बहुत जरूरी है। इसके साथ ही आप योग की मदद से भी अपने लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं। आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आप कौन से योगासन करके अपने लिवर को फिट रख सकते हैं -  


मंडूकासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर कमर सीधी करके बैठ जाएं। इसके बाद अपने दोनों घुटनों को मिलाकर पंजों और एड़ियों को नितंबों के पास ले जाएं। इस तरह आपको वज्रासन में बैठना है। इसके बाद आपको दोनों हाथों की हथेलियों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर नाभि तक ले जाना है। अब सांस को छोड़ते हुए पेट को थोड़ा अंदर खींचें। इसके बाद धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और नाभि को अपनी मुट्ठी से दबाएं। अपनी पीठ को सीधा रखें और आगे कि ओर झुके रहें। अब इस मुद्रा में सांस को बाहर ही रोककर रखें और कुछ समय तक इसी मुद्रा में रहें। धीरे-धीरे सांस लें और छोड़े और जितना संभव हो इस स्थिति को बनाएं रखें। फिर सांस लेते हुए अपनी प्रारम्भिक अवस्था में वापस आ जाएं। इस प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं। 


गौमुखासन 

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पालथी लगाकर बैठ जाएं। अब अपने बाएँ पैर को एड़ी के पास से अपनी तरफ खींचते हुए इस तरह रखें कि आपके पैर की एड़ी और दाईं तरफ का हिप आपस में टच हो जाएं। अब दाएं पैर को उठाते हुए बाएं पैर के ऊपर इसी तरह रखें, जैसे बायां पैर रखा हुआ है। इस अवस्था में आपके दोनों पैर के घुटने एक के ऊपर एक होने चाहिए। अब आपका जो पैर नीचे है, उस तरफ का हाथ ऊपर उठाइए और पीठ के पीछे की तरफ ले जाएं। अब दूसरा हाथ नीचे की तरफ से पीठ के पीछे की तरफ लेकर जाएं। पीठ के पीछे इन दोनों हाथों को आपस में उंगलियों की मदद से पकड़ने का प्रयास करें। अब इस प्रक्रिया को बाएं पैर को उठाते हुए दाएं पैर के ऊपर रखें और पूरी प्रक्रिया दोहराएं। इस आसान को 4 से 5 बार करें।


धनुरासन

धनुरासन का नियमित अभ्यास से लिवर से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इस आसान को करने के लिए जमीन पर पेट के बल उल्टा लेट जाएं और अपनी ठुड्डी को जमीन पर नीचे टिका दें। फिर अपने दोनों पैरों को मिलाएं और सीधे रहें। इसके बाद अपने पैरों को मोड़ते हुए पीछे लाएं और अपने हाथों से टकने को पकड़ने की कोशिश करें। फिर अपने दोनों पैरों को खींचे और इस अवस्था में 20-30 सेकंड तक रहें। इस आसान को 10 बार करें।


सेतुबंधासन (ब्रिज पोज़)

इस आसान को करने के लिए ज़मीन पर पीठ के बल लेट जाएं। हाथ को शरीर से सटा कर और हथेलियों को ज़मीन से लगा कर रखें। फिर धीरे-धीरे नितंबों, कमर और पीठ के सबसे ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। इस अवस्‍था में 3 से 5 मिनट तक रहें। सांस छोड़ते हुए आसन से बाहर आ जाएं।


पवनमुक्तासान

इस आसान को करने के लिए जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। ध्यान रखें कि आपके दोनों हाथ शरीर के साथ सटे रहने चाहिए। अब गहरी सांस अंदर लेते हुए दाएं पैर को घुटने से मोड़ें। इसके बाद अपने दोनों हाथों से घुटने को पकड़ें और उसे छाती से लगाने की कोशिश करें। अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सिर को उठाइए और नाक को घुटने से स्पर्श कराने की कोशिश करें। कुछ सेकंड तक इसी अवस्था में रहें। अब सांस छोड़ते हुए अपने पैर और सिर को प्रारंभिक अवस्था में ले आएं। इसके बाद बाएं पैर के साथ यही प्रक्रिया दोहराएं। फिर दोनों पैरों को एक साथ लेकर यह प्रक्रिया करें। इस आसान को करीब 3-5 बार दोहराएं।


उत्तानपाद आसन

इस आसान को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। अब दोनों पैरों को मिलाएं और 40-60 डिग्री पर एकदम सीधा उठाएं। ध्यान रहे कि ये करते समय आपकी मुद्रा सीधी होनी चाहिए। अब गहरी सांस भरें और दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें। अब साँस छोड़ते हुए पैरों को प्रारंभिक अवस्था में ले आएं। इस आसान को करीब 3-5 बार दोहराएं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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