ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने में मदद करते हैं ये योगासन, नियमित अभ्यास से होगा फायदा


ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने में मदद करते हैं ये योगासन, नियमित अभ्यास से होगा फायदा

स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए शरीर में ब्लड सर्कुलेशन यानी रक्त संचार सही से होना जरुरी है। इससे शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर ढंग से होता है और तमाम बीमारियों से बचाव होता है। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही से होने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कई गंभीर बीमारियों से बचने में मदद मिलती है। सही खानपान और नियमित योग अभ्यास से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही ढंग से होता है। आज के इस लेख में हम आपको ब्लड सर्कुलेशन सही करने के कुछ योग बताने जा रहे हैं -      


पश्चिमोत्तानासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले ज़मीन पर सीधा बैठ जाएं और दोनों पैरों को फैलाकर एक-दूसरे से सटाकर रखें। अब दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान आपकी कमर बिल्कुल सीधी रहनी चाहिए। अब झुककर दोनों हाथों से अपने पैरों के दोनों अंगूठे पकड़ें। ध्यान रखें कि इस दौरान आपके घुटने मुड़ने नहीं चाहिए और पैर भी जमीन से सटे हुए होने चाहिए।


ताड़ासन 

इस आसान को करने के लिए सीधे खड़े हो जाए और पैरों के बीच कुछ दूरी रखें। दोनों हाथों अपने शरीर के पास में सीधा रखें। अब गहरी सांस लेते हुए अपनी दोनों बाजुओं को सिर के ऊपर उठाएं और अपनी उंगलियों को आपस में बांध लें। हाथों को सीधा रखें और स्ट्रेच करें। अपनी एड़ी उठाते हुए अपने पैर की उंगलियों पर खड़े हो जाएं। इस दौरान आपके शरीर में पैरों से लेकर हाथों की उंगलियों तक स्ट्रेच महसूस होना चाहिए। इस अवस्था में 10 तक रहें और सांस लेते रहें। अब सांस छोड़ते हुए अपनी शुरुआती अवस्था में आ जाएं। इस आसन को 10 बार दोहराएं।


पर्वतासन

इस आसान को करने के लिए जमीन पर पालथी लगाकर बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों को नमस्ते के आकार में जोड़ते हुए ऊपर की ओर ले जाएं।  इसके बाद गहरी सांस भरते हुए अपने कंधे, बाजू और पीठ की मांसपेशियों में एक साथ खिंचाव महसूस करें। इस स्थिति में एक से दो मिनट तक रहें। अब सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे लाएं। इस आसान को 10 से 15 बार दोहराएं।


त्रिकोणासन  

इस आसन को करने के लिए अपने पैरों को कंधों के जितना खोल कर आराम से आप खड़े हो जाएं। पैर खोल कर खड़े होने के बाद दाएं पंजे को थोड़ा बाहर की तरफ ले जाएं और बाएं पंजे को अंदर की तरफ करें। अब दोनों हाथों को दोनों तरफ कंधे की सीध में अच्छी तरह से फैला लें। इतना करने के बाद एक लंबी गहरी सांस लें और उसके बाद सांस को बाहर की तरफ छोड़ते हुए सिर और कमर को सामान्य रखते हुए कूल्हों की तरफ से दाई तरफ झुकें और दाएं हाथ की उंगली को तलवे के पास लगाने की कोशिश करें। ऐसा करने के बाद सास लेते हुए दोबारा से अपनी उसी अवस्था में लौट आए। इसके बाद दूसरी तरफ से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।


सर्वांगासन 

अपने हाथ और पैर सीधे कर जमीन पर लेट जाएं और गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को सीधे ऊपर की ओर उठाएं। हिप्स को ऊपर उठाते हुए पैरों को सीधा करें और बाद में सिर की ओर 45 डिग्री का कोण बनाने की कोशिश करें। सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों से पीठ को सहारा दें। इस स्थिति में अंगूठे को शरीर के अगले हिस्से और बाकी उँगलियों को पीठ के पीछे रखें। अब पैरों को ऊपर की ओर उठाएँ और कुछ देर इस मुद्रा में रहें। इस आसान के दौरान अपने मन को शांत रखने की कोशिश करें और फिर पहले की स्थिति में वापस लौट आएँ।  


उष्ट्रासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर व्रजासन की तरह घुटने मोड़कर बैठकर जाएं। इस दौरान घुटनों तथा पैरों के बीच करीब एक फुट की दूरी रखें। अब घुटनों के सहारे ही खड़े होकर हो जाएं। अब सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें। आप इतना झुकने का प्रयास करें कि दोनों हाथ आपकी एडि़यों को छू रहे हों। ध्यान रहे कि पीछे झुकते समय गर्दन को झटका न लगे। अब सिर को भी पीछे की ओर झुका लें। कोशिश करें कि शरीर का वजन बांहों तथा पांवों पर समान रूप से हो। अब धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते रहें। और कुछ क्षण इस अवस्था में रूकें। अंत में लंबी गहरी सांस छोड़ते अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएं। आप अपनी क्षमतानुसार इस आसन का अभ्यास कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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