सर्दियों में होता है जांघों, टखनों और घुटनों में दर्द, तो करें ताड़ासन


सर्दियों में होता है जांघों, टखनों और घुटनों में दर्द, तो करें ताड़ासन

आजकल की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में योग करना बेहद जरुरी साबित होता है। योग जीवन में बहुत उपयोगी साबित होता है जिसके जरिए हम फिट और हिट दोनों रहने में सक्षम होते हैं। योग करने से चुस्ती और बिमारियों से मुक्ति मिलती है। योग हमारी पाचन क्रिया को भी सही रखता है जिसके मदद से पेट सम्बन्धी बीमारी दूर ही रहती हैं। ऐसे ही आज हम आपको ताड़ासन के बारे में बताएंगे, जिसे करने से आपका दिन और शरीर दोनों ही बेहतरीन होगा। 

ताड़ासन - ताड़ासन योग का सबसे आसान आसन होता है जो शरीर को शांत करने में बहुत मददगार होता है ,ताड़ शब्द का मतलब संस्कृत में पर्वत होता है जो इस आसन का मतलब अच्छे से बता रहा है। ताड़ आसन को करते वक़्त एक पर्वत की तरह डटा रहना पड़ता है। हर आसन की तरह इस आसन के भी काफी फायदे हैं जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।   

ताड़ासन के फायदे

ताड़ासन शारारिक और मानसिक संतुलन को विकसित करने में काफी फायदेमंद होता है। 

ताड़ासन करने से जांध, टखने और घुटने को मजबूत करता है। 

ताड़ासन शरीर के पोस्चर को सुधारता है।  

ताड़ासन शरीर और दिमागी विकारों को सुधरने में सक्षम है। 

ताड़ासन कटिस्नायुशूल(sciatica) को ठीक करने का एक बेहतरीन उपाय है। 

जिन लोगों के पैर नीचे से सीधे होते हैं उनकी परेशानी में ताड़ासन बहुत मददगार होता है।

ताड़ासन करने की सही विधि-

  • ताड़ासन का सही तरीका ये है कि दोनों पंजों को मिलाकर उसमें 10 सेंटीमीटर का गैप रखें।
  • उसके बाद दोनों पैरों को उँगलियों के सहारे खड़े हों।
  • उँगलियों के सहारे खड़े होने के बाद एक लम्बी साँस लें और धीरे-धीरे अपने हाथों को ऊपर की तरफ लेकर जाएं।
  • अब हाथ ऊपर करने के बाद अपने शरीर को हल्का-हल्का खिंचाव दें।
  • शुरुआत में ये आसन थोड़ा मुश्किल होगा, लेकिन रोज करने से आपको बहुत फायदा और चुस्ती मिलेगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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