इस तरह से करें अनुलोम-विलोम, तभी मिलेगा इसका फायदा


इस तरह से करें अनुलोम-विलोम, तभी मिलेगा इसका फायदा

हम सभी जानते हैं की योगा सेहत के लिए कितना फायदेमंद है। योगा करके कई बीमारियों को भी ठीक किया जा सकता है। योगा करने के लिए बहुत सारे योग आसन यानी की प्रणायाम हैं। प्रणायाम संस्कृत शब्द है जो प्राण यानि की सांस और आयाम यानि की लेने और छोड़ने से लिया गया है। इस पूरे शब्द का मतलब सांस लेना और छोड़ना है। नाक से सांस लेना और छोड़ना ही प्रणायाम नहीं है बल्कि यह तो जीवन शक्ति को नियंत्रित करने का स्र्तोत है। बहुत सारे प्रणायाम में से एक प्रणायाम अनुलोम विलोम है। इसलिए आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे अनुलोम विलोम करने का तरीका और इसके फायदे।

 

अनुलोम विलोम क्या है?

 

नाड़ियाँ मानव शरीर में सूक्ष्म ऊर्जा चैनल हैं जो विभिन्न कारणों से बंद हो सकती हैं। अनुलोम विलोम प्राणायाम साँस लेने की एक ऐसी प्रक्रिया है जो इन ऊर्जा प्रणाली को साफ कर ऊर्जा को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद करती है जिससे आपका मन शांत रहता है। इस प्राणायाम को हर उम्र के लोग कर सकते हैं।

अनुलोम विलोम करने की प्रक्रिया

 

इसको करने के लिए सबसे पहले अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा और कंधों को ढीला छोडकर आराम से बैठ जाएं, और अपने फेस पर थोड़ी स्माईल रखें। इसके बाद आप अपने बाएँ हाथ को बाएँ घुटने पर रखें, ध्यान रहे की आपकी हथेली आकाश की ओर खुली हो। इसके बाद अपने दूसरे हाथ को इस प्रकार रखें की तर्जनी और मध्यमा दोनों उंगलीयां भौहों के बीच में हो, अनामिका और छोटी उंगली को नाक के बाएँ नासीका पर, और अंगूठे को दाहिनी नासिका पर रखे। 

 

बाएँ नासिका को खोलने और बंद करने के लिए आप अनामिका और छोटी उंगली का और दाएँ नासिका के लिए अंगूठे का उपयोग करें। आप अपने अंगूठे को दाएँ नासिका पर धीरे से दबा कर बाएँ नासिका से साँस बाहर निकाले। अब बाएँ नासिका से साँस लिजिए और उसके बाद बाएँ नासिका को अनामिका और छोटी उंगली के साथ धीरे से दबाएँ। दाहिने अंगूठे को दाएँ नासिका से खोलकर दाएँ नासिका से साँस बहार निकालें और सांस लें। इसके बाद आप दाएँ नासिका से साँस लिजिए और बाईं ओर से साँस छोड़िए। अब आपने अनुलोम विलोम प्राणायाम का एक दौर पूरा कर लिया है। 

 

इसके बाद एक नासिका से साँस लेने और छोडने की प्रक्रिया जारी रखें। इस तरह बारी-बारी से दोनों नासिका के माध्यम से साँस लेते हुए 9 राउन्ड पूरा करे। हर साँस छोड़ने के बाद याद रखें कि उसी नासिका से साँस भरे जिस नासिका से साँस छोड़ी हो। अपनी आँखें पूर्णतः बंद रखे और किसी भी दबाव या प्रयास के बिना लंबी और गहरी साँस लेते रहें।

अनुलोम विलोम के फायदे

 

अनुलोम विलोम प्राणायाम से मन को आराम मिलता है और आपका कॉनसनट्रेशन बढ़ता है 

हर दिन इसे बस कुछ ही मिनट करने से मन स्थिर, खुश और शांत रहता है।

यह प्रणायाम तनाव और थकान को दूर करने में मदद करता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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