जानलेवा है योनि का कैंसर, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नज़रअंदाज़


जानलेवा है योनि का कैंसर, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नज़रअंदाज़

वैजाइनल कैंसर या योनि का कैंसर महिलाओं में होने वाली एक जानलेवा बीमारी है। ज़्यादातर महिलाओं को इसके बारे में जानकारी नहीं होती है। इसके शुरुआती चरण में काफी सामान्य से लक्षण नजर आते हैं जिन्हें महिलाऐं नजरअंदाज़ कर देती हैं। लेकिन धीरे-धीरे यह कैंसर फैलने लगता है और घातक बन जाता है। आज के लेख में हम आपको योनि के कैंसर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं - 


क्या है योनि का कैंसर?

योनि का कैंसर या वैजाइनल कैंसर एक विशेष प्रकार का कैंसर है जो योनी की कोशिकाओं में होता है। हालाँकि, यह कैंसर बहुत कम औरतों में पाया जाता है, लेकिन इसके बारे में सही जानकारी ना होने के कारण महिलाएँ इसे पहचान नहीं पाती हैं। यदि शुरूआती चरण में ही इसका इलाज ना किया जाए तो यह कैंसर घातक हो सकता है। योनि एक मांसपेशियों की ट्यूब होती है जो महिला के बाहरी जननांगों को गर्भाशय से जोड़ती है। वैजाइनल कैंसर योनि की आंतरिक सतह की कोशिकाओं को प्रभावित करता है, जो धीरे-धीरे घातक रूप ले लेता है और दूसरे अंगों तक भी फैलने लगता है।


क्या हैं लक्षण?

वैजाइना से पानी जैसा डिस्चार्ज होना

दर्दनाक पेशाब

अनियमित पीरिड्स 

वैजाइना में एक गांठ होना

बार-बार पेशाब आना

पेशाब करते समय तेज दर्द

कब्ज 

पेट के निचले हिस्से में दर्द 

योनि में खुलजी और जलन 


योनि के कैंसर के प्रकार

स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous cell carcinoma)

स्क्वैमस योनि की आंतरिक लाइनिंग में मौजूद पतली व चपटी कोशिकाएं होती हैं। स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा में कैंसर स्क्वैमस सेल्स में शुरू होता है। 


एडेनोकार्किनोमा (Adenocarcinoma)

ग्लैंड्युलर (Glandular) कोशिकाएं योनि की आंतरिक लाइनिंग में मौजूद श्लेम से बनती हैं। एडेनोकार्किनोमा कैंसर योनि की ग्लैंड्युलर कोशिकाओं से शुरू होता है। 


मेलेनोमा (Melanoma)

यह कैंसर योनि की वर्णक उत्पादन कोशिकाओं (मेलेनोसाइट्स) में पनपता है।


सारकोमा (Sarcoma)

यह कैंसर योनि की दीवारों में कनेक्टिव टिश्यू या मांसपेशियों की कोशिकाओं में शुरू होता है। 


योनि के कैंसर के चरण

योनि के कैंसर के पहले चरण में कैंसर योनि के बाहरी भागों में नहीं फैलाता।

योनि के कैंसर के दूसरे चरण में कैंसर योनि से बाहर पेल्विस एरिया में फैलना शुरू हो जाता है।

योनि के कैंसर के  तीसरे चरण में कैंसर पेल्विस के लिम्फ नोड्स तक फैल जाता है।

योनि के कैंसर के चौथे चरण में कैंसर ब्लैडर, मलाशय और पेल्विस के बाकी एरिया में फैलना शुरू हो जाता है। इसके बाद कैंसर शरीर के बाकी हिस्सों में भी फैलना शुरू हो जाता है।


योनि के कैंसर का परीक्षण

डॉक्टर्स योनि के कैंसर का पता लगाने के लिए पैल्विक परीक्षण (Pelvic Test), पैप स्मीयर (Pap Smear), कॉल्पोस्कोपी (Colposcopy) (गर्भाशय ग्रीवा का परीक्षण) और बायोप्सी (Biopsy) करवा सकते हैं। इसमें डॉक्टर्स आपकी मेडिकल हिस्ट्री और लक्षण के बारे में पूछते हैं, जिसके आधार पर परीक्षण किया जाता है। यदि टेस्ट में कैंसर कोशिकाओं की पुष्टि होती है तो इसके बाद कुछ और टेस्ट किए जाते हैं।


क्या है इलाज? 

अगर कैंसर शुरूआती चरण में हो और समय रहते इसके लक्षण पहचान लिया जाए तो इलाज संभव होता है। लेकिन यदि कैंसर योनि के बाहर फैल चुका हो तो इसका इलाज मुश्किल हो जाता है। स्थिति के हिसाब से, छोटे ट्यूमर या घावों को हटाने के लिए डॉक्टर्स सर्जरी करते हैं। पूरे कैंसर को हटाने के लिए योनि का एक हिस्सा सर्जरी द्वारा निकाल दिया जाता है। अगर कैंसर पेल्विस यानि श्रोणि में फैल जाए तो डॉक्टर मूत्राशय, अंडाशय, गर्भाशय, योनि , मलाशय और कोलन के निचले हिस्से को भी निकालने की सलाह देते हैं। इसके अलावा रेडिएशन थेरेपी या और कीमोथेरेपी द्वारा भी योनि के कैंसर का इलाज किया जाता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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