अगर प्रेग्नेंट हैं, तो न बरतें लापरवाही और इन बातों पर दें विशेष ध्यान


अगर प्रेग्नेंट हैं, तो न बरतें लापरवाही और इन बातों पर दें विशेष ध्यान

गर्भवती होना हर महिला का सौभाग्य होता है। प्रेगनेंट होने के बाद महिला की ज़िंदगी में काफी चीजों का बदलाव होता है। उसके शरीरिक रूप से बदलाव होता है और मानसिक रूप पर भी काफी प्रभाव पड़ता है। प्रेग्नेंट होने के बाद महिला का जीवन बिल्कुल बदल जाता है। गर्वावस्था के दौरान महिला को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। साथ ही घरेलू काम कुछ दिनों के लिए छोड़ देने चाहिए। साथ ही परिवारवालों को उसके काम खुद ही बांट लेने चाहिए और गर्ववती पर किसी भी काम का कोई दवाब नहीं होना चाहिए। जॉइंट फैमिली में रहने वाली महिलाओं के लिए सम्भव नहीं होता की घर का काम छोड़ के वह आराम करें और साफ सफाई भी घर में बनी रहे। लेकिन गर्ववती महिला तभी स्वस्थ रह सकती है जब उसके आस-पास सफाई और खुशी का माहौल हो।


जब घर साफ होगा तो आपने आप मन में पॉजिटिव एनर्जी आएगी। लेकिन आराम करने के बाद भी इस बात की पूरी संभावना होती है की गर्ववती महिला को थकान महसूस हो। साथ ही पेट बढ़ने और फेफड़ो की क्षमता कम होने की वजह से गर्भधारण की हुई महिला की मुश्किल काफ़ी बढ़ जाती है। उसके ऊपर से मॉर्निंग सिकनेस और दूसरी तरह की शारीरिक समस्याएं भी काफी तकलीफ़ देती हैं। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान घर में सभी काम और चीज़े संतुलित की जायें तो यह तकलीफें काफ़ी कम हो जाती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान घर में सफाई अति आवश्यक है। आज हम आपको बताएंगे की प्रग्नेंसी के शुरुआती दौर में किस तरह से महिला और उसका परिवार उनका और उनकी सेहत का कैसे ध्यान रखें।


गर्भावस्‍था के दौरान कोशिश करें ज्यादा-ज्यादा पौष्टिक आहार ही खाएं जो आपके शरीर को स्वस्थ बनाएं रखें। लेबल पढ़े किसी भी प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले उसका लेबल आवश्य पढ़ लें। की उसके अंदर किसी भी तरह का कोई केमिकल ना हो। जो आपके होने वाले बच्चे को किसी भी तरह का नुकसान पहुचाए। अगर लेबल पर टॉक्सिक, डेंजर, पॉइजन या करोसिव लिखा हो तो इसका इस्तेमाल न करें।


प्रेगनेंसी के दौरान आप अपने घर में साफ सफाई का ध्यान रखें। साथ ही सफाई के दौरान घर की सारी खिड़कियां खुली रखें। इससे आपके घर में अच्छी हवा मिलेगी और साथ ही ध्यान रखें की किसी भी सफाई क्लिनिक प्रोडक्ट की महक कमरे में ज्यादा देर तक ना रहे।


आप चाहे किसी भी तरह के सफाई के प्रोडक्ट यूज़ करें। ध्यान रखें उनके इस्तेमाल के समय आप दस्ताने जरूर पहनें। इनको पहनने के कारण आप किसी भी क्लीनिक प्रोडक्ट के कॉन्टैक्ट में नही आएगी। और यदि आपको गर्भावस्‍था में सफाई करनी पड़े तो दस्ताने आवश्य पहनें।


सुरक्षा पर दें ज्यादा ध्यान- प्रेगनेंसी के दौरान आपको अपनी सेहत और सुरक्षा पर पूरा ध्यान देना चाहिए। साथ ही आपको यह पता होना चाहिए की सफाई के दौरान मुड़ने और पालथी मार कर बैठने की सीमा क्या होती है। 


प्रेग्नेंसी के समय घर में हल्के काम ही करने चाहिए। अगर ऐसी अवस्था में महिला ज्यादा काम करेगी तो शरीरिक समस्या बढ़ सकती है। साथ ही सीढ़ी या कुर्सी पर चढ़कर काम बिल्कुल भी ना करें। और ऐसा कोई काम ना करें जिससे ऐसी अवस्था में ज्यादा थकान हो।


ज्यादा से ज्यादा पानी पियें- प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला को ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करना चाहिए। उसे यह ध्यान रखना चाहिए की प्रतिदिन 3-4 लीटर पानी का सेवन वो अवश्य करें। पानी की सही मात्रा होने के कारण गर्भवती महिला के अंदर डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं आएगी।


विटामिन्स का सही तरह से सेवन करें - यदि गर्भवती महिला सही रूप में विटामिन्स का सेवन नहीं करती तो उसे कई समस्याएं हो सकती हैं इसलिये विशेष रूप से गर्वावस्था के लिए निर्धारित फोलिक एसिड की पूरित खाने से करना काफ़ी मुश्किल होता है। इसिलए दवाओं के द्वारा विटामिन्स का सेवन करना चाहिए।


भारी सामान ना उठाएं - प्रेग्नेंसी की अवस्था में भूल कर भी किसी भी प्रकार का भारी सामान ना उठाएं। ऐसी हालत में भारी चीजो को उठाना बहुत ही जोख़िम भरा हो सकता है। यहाँ तक की पानी से भरी बाल्टी तक को हाथ ना लगाए।


 अकेले कोई काम ना करें - प्रेग्नेंसी के दौरान कोई भी काम अकेले ना करें। कोशिश करे दूसरों से मदद ले और अपने ऊपर काम का भार कम करें। साथ ही आप सिर्फ छोटे-मोटे ही काम करें। और भारी कम दूसरों पर छोड़ दे।


धूम्रपान शराब और सिगरेट का सेवन ना करें - प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को किसी भी तरह धूम्रपान या शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। और ना ही ऐसे पेय का सेवन करना चाहिए। जो उनकी और बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव डाले।


प्रदूषण से दूर रहें - ऐसी अवस्था में प्रदूषण से गर्भवती महिला को काफ़ी दूरी बना के रखनी चाहिए। साथ ही यात्रा करने से बचाव करना चाहिए। यहाँ तक की ऐसी हालत में पेडीक्योर या मेनिक्योर भी करना बिल्कुल ठीक नहीं होता। क्योंकि उसमें इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स में भी केमिकल होता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार का ट्रीटमेंट ना करवाए।


प्रेग्नन्सी के दौरान डॉक्टर की सलाह और मंज़ूरी के बिना किसी भी तरह की दवाई का सेवन ना करें। यह आपके और बच्चे के लिए काफ़ी नुकसानदायक हो सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


Related Posts