Iron Deficiency: महिलाओं की ये आम गलतियां खामोशी से बढ़ रही हैं एनीमिया का खतरा, हो जाइए सावधान
- अनन्या मिश्रा
- Feb 19, 2026

अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार लेना सबसे जरूरी माना जाता है। लेकिन जब बात महिलाओं की सेहत की हो, तो इस पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। महिलाओं में आयरन की कमी से एनीमिया की समस्या हो जाती है। वहीं भारतीय महिलाओं में इसका खतरा और भी ज्यादा होता है। आंकड़ों की मानें, तो देश में 57% से ज्यादा महिलाओं को एनीमिया की समस्या है। शरीर में आयरन की कमी को एनीमिया कहा जाता है।
बता दें कि शरीर में आयरन की मुख्य भूमिका हीमोग्लोबिन को बनाने में होती है। जो ब्लड के जरिए पूरे शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। लेकिन जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो हीमोग्लोबिन घटने लगता है। यह स्थिति एनीमिया का रूप ले लेती है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो अक्सर कई महिलाएं इसके शुरूआती लक्षणों को कमजोरी या सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन धीरे-धीरे यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एनीमिया के लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं।
आयरन की कमी के कारण
खानपान में पोषक तत्वों की कमी के कारण भी एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
दाल, हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, गुड़ और आयरन युक्त खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में नहीं लेने से शरीर को जरूरी आयरन नहीं मिल पाता है।
वहीं लंबे समय तक आयरन की कमी रहने पर चक्कर आना, बाल झड़ना, ज्यादा थकान, सांस फूलना और स्किन का पीला पड़ना आदि लक्षण दिखने लगते हैं।
गलत खानपान
डाइट में दालों, हरी पत्तेदार सब्जियों, साबुत अनाज, फलों और सूखे मेवे शामिल करना चाहिए। इससे आपका आयरन मिलता है।
अगर लंबे समय तक लो कैलोरी और कम डाइट लेती हैं, तो महिलाओं में हीमोग्लोबिन का लेवल तेजी से गिरता है।
खानपान गड़बड़ होने की वजह से एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
ज्यादा चाय या कॉफी पीना
चाय और कॉफी में टैनिन और कैफीन मौजूद होता है, ऐसे में इसका अधिक सेवन आयरन के अवशोषण को कम कर देता है।
खाना खाने के फौरन बाद चाय या कॉफी पीने से शरीर में आयरन का अवशोषण 40-60% तक घट सकता है।
जो महिलाएं पहले से आयरन की कमी से जूझ रही हैं, उनके लिए यह आदत विशेषरूप से नुकसानदायक साबित हो सकती है।
अनियमित पीरियड्स की अनदेखी
बता दें कि हर महीने जरूरत से ज्यादा खून निकलने पर बॉडी में आयरन की मात्रा कम होने लगती है।
अगर समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जांच करानी चाहिए, वरना एनीमिया गंभीर रूप ले सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक जिन महिलाओं को लंबे समय तक अनियमित या हैवी पीरियड्स रहते हैं। उन महिलाओं में एनीमिया का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।