अगर आप भी करती हैं स्मोकिंग तो ज़रूर होगा इन पांच बड़े रोगों का खतरा


अगर आप भी करती हैं स्मोकिंग तो ज़रूर होगा इन पांच बड़े रोगों का खतरा

सिगरेट पीना वैसे तो पुरुषों और महिलाओं दोनों की सेहत के लिए खतरनाक है, लेकिन पुरुषों के मुकाबले यह महिलाओं पर ज़्यादा बुरा असर डालती है। स्मोंकिंग से सिर्फ फेफड़े और किडनी पर ही असर नहीं होता, बल्कि इससे कई और गंभीर समस्याएं होती हैं।

आजकल फैशन और खुद को कूल दिखाने के चक्कर में महिलाएं भी जमकर सिगरेट पीने लगी हैं, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाज़ा नहीं हो पाता कि उनकी ये आदत सेहत के लिए कितनी खतरनाक है।

प्रेग्नेंसी में खतरनाक

प्रेग्नेंसी के दौरान सिगरेट पीने से महिलाओं में इनफर्टिलिटी और मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही इससे बच्चे की ग्रोथ भी ठीक से नहीं हो पाती। ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं यदि स्मोकिंग करती हैं तो इससे ब्रेस्ट मिल्क की मात्रा कम हो जाती है और बच्चे को पूरा पोषण नहीं मिला पाता। अध्ययन के मुताबिक, यदि कोई महिला प्रेग्नेंसी के दौरान स्मोकिंग करती है तो जन्म लेने वाला बच्चा आगे चलकर मोटापे का शिकार हो सकता है। यह गर्भावस्था में उचित पोषण न मिलने के कारण होता है।

कमज़ोर हड्डियां

अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के मुताबिक, सिगरेट पीने वाली महिलाओं की हड्डियां कमज़ोर हो जाती है। शरुआत में भले ही इस बात का पता न चले, लेकिन आगे चलकर समस्या गंभीर हो सकती है।

किडनी खराब होती है

सिगरेट पीने से फेफड़ें और दिल ही नहीं, बल्कि किडनी (गुर्दे) को भी नुकसान पहुंचता है। एक अध्ययन के अनुसार, एक दिन में एक पैकेट से ज़्यादा सिगरेट पीने से किडनी खराब होने की संभावना 51% तक बढ़ जाती है।

अस्थमा का खतरा

स्मोकिंग से शरीर में कार्बन मोनाऑक्साइड चली जाती है और पर्याप्त मात्रा मे ऑक्सीजन नहीं मिल पाता। जिस कारण थोड़ा चलने पर भी सांस फूलने लगती है। आगे चलकर इसकी वजह से अस्थमा हो सकता है।

दिल की बीमारियां

सिगरेट में निकोटीन और अन्य जहरीले पदार्थ होते हैं जो दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा देते हैं। ज़्यादा सिगरेट पीने वाली महिलाओं को कोरोनरी हार्ट डिजीज़ की संभावना ज़्यादा होती है।

चेहरे पर दिखता है बुढ़ापा

ज़्यादा सिगरेट पीने वाली महिलाओं के चेहरे पर समय से पहले ही झुर्रियां दिखने लगती है, नतीजतन वह उम्र से ज़्यादा दिखने लगती है। दरअसल, स्मोकिंग से त्वचा का ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है और उसे ऑक्सीजन व पोषक तत्व नहीं मिल पाते जिससे झुर्रियां होने लगती हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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