प्रेगनेंसी के दौरान कब सेक्स करें और कब नहीं? जानें विस्तार से


प्रेगनेंसी  के दौरान कब सेक्स करें और कब नहीं? जानें विस्तार से
मनुष्य के शरीर मे अलग-अलग प्रकार की ज़रूरतें होती हैं, उन्हीं में से एक है 'सेक्स'। महिला हो या पुरूष दोनों के मन में सेक्स की इच्छा आती है जोकि शरीर की एक स्‍वाभाविक प्रतिक्रिया है। सेक्स करने से दोनों शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी एक दूसरे से जुड़ जाते हैं। शारीरिक संबंध से दोनों के रिश्ते मज़बूत होते हैं। लेकिन वैवाहिक जीवन में एक समय आता है जब दोनों शारीरिक संबंध बनाने से परहेज करते हैं। जब महिला प्रेग्नेंट होती है तो दोनों जीवनसाथी आपस में शारीरिक संबंध बनाने से परहेज करते हैं। उन्हें लगता है की सेक्स या शारीरिक संबंध बनाने से उनके होने वाले बच्चे पर कोई गलत प्रभाव पड़ेगा। हालांकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं हैं। यदि प्रेग्नेंसी नार्मल है तो आप सेक्स कर सकते हैं। इसके कारण प्रेग्नेंसी में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आएगी। यदि पहेली बार प्रेग्नेंसी हुई है तो शारीरिक संबंध बनाने से पहले डॉक्टर से राय जरूर लें। वैसे आमतौर पर प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करने से कोई परेशानी नहीं होती। साथ ही पेट में पल रहे बच्चे को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता क्योंकि भ्रूण एमनियोटिक द्रव, गर्भाशय और मांसपेशियों से घिरा रहता है। साथ ही कुछ हालातों में सेक्स करने से परहेज करना चाहिए।

जानकारों ने कुछ ऐसी परिस्थितियों के बारे में बताया है जिसके दौरान सेक्स करने से परहेज करना चाहिए। एक रोचक बात यह भी है कि हर गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करना बहुत पसंद करती है। लेकिन यह तभी संभव है जब महिला को प्रेगनेंसी के दौरान ब्‍लीडिंग और अन्य शारीरिक समस्‍या ना हो। साथ ही सेक्स का परहेज तब भी करना चाहिए जब इससे पहले गर्भपात या मिसकैरेज हुआ हो। साथ ही अगर ज्यादा मात्रा में वजाइनल डिस्‍चार्ज हो रहा हो तब भी प्रेग्‍नेंसी में शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात है की प्रेग्नेंसी के दौरान गर्ववती महिला को सेक्स टॉयज या लुब्रीकेंट्स का इस्‍तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। खासकर ऐसे लुब्रीकेंट्स का जिनमें खुशबू आती हो क्‍योंकि इनमें मौजूद केमिकल होते हैं जो गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। गर्भावस्‍था की पहली तिमाही में सेक्‍स से परहेज करना चाहिए। क्‍योंकि इस समय होने वाली मां को इन्फेक्‍शन होने का जोखिम बहुत ज्‍यादा होता है। साथ ही इन तीन महीनों में गर्भपात की घटनाएं भी सबसे ज्‍यादा होती हैं। साथ ही अगर एक ज्यादा बच्चे गर्वशय में हो तो सेक्स से कड़े रूप में परेज़ करना चाहिए। क्योंकि माँ का पेट बड़ा होता है। जिसके कारण सेक्स या शारीरिक संबंध काफ़ी तकलीफदेह साबित होता है। इसलिए कह सकते हैं की प्रेग्‍नेंसी के दौरान सेक्‍स सेफ होता है लेकिन कुछ हालातों में सेक्स से बचना भी चाहिए।

प्रेग्नेंसी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

गर्भवती महिला को शुरू के तीन महीने तक सेक्स का परहेज करना चाहिए। क्योंकि इन तीन महीनों में ही महिलाओं के अंदर गर्भ ठहरने की संभावना होती है। साथ ही महिलाओं को गर्भावस्था के अन्तिम एक महीने में भी सेक्स से दूर रहना चाहिए।

प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करने से पहले पति-पत्नी को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही प्रेग्नेंसी के दौरान सही सेक्स पोजीशन अपनानी चाहिए। ताकि गर्भवती को किसी भी तरह की परेशानी ना हो।

महिला की प्रेग्नेंसी के दौरान उसके पति को भी उसकी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही गर्भावस्था के दौरान पुरूष को सेक्स के लिए जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। दोनों की इच्छा से ही सेक्स होना चाहिए। गर्भ के समय पत्नी के साथ ऐसा कोई व्यवहार नहीं करना चाहिए। जिससे उसके मन-मस्तिष्क पर विपरीत प्रभाव पड़े।

गर्भवस्था में शारिरिक आकार में आने वाले बदलावों के कारण कई बार सेक्स के वक्त की स्थित में भी बदलाव करना पड़ता है। इसलिए महिलाओं को परेशानियों और तकलीफों को अपने पति से साझा करनी चाहिए।

पहले कभी प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे को पूर्व समय से पहले जन्म दिया है तो ऐसी महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स से परहेज करना चाहिए।

योनी से अधिक रक्तस्राव होने या तरल पदार्थ बहने की स्थिति में महिला और उसके साथी को सेक्स और शारीरिक संबंध बनाने से परहेज करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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