Health Tips: IVF Journey में तनाव बन रहा है रुकावट? Cortisol हार्मोन बिगाड़ सकता है पूरा खेल

  • अनन्या मिश्रा
  • Jun 04, 2026

Health Tips: IVF Journey में तनाव बन रहा है रुकावट? Cortisol हार्मोन बिगाड़ सकता है पूरा खेल

अगर कोई कपल नेचुरल तरीके से पेरेंट नहीं बन पाता है, तो फिर कपल IVF की सहायता लेते हैं। हालांकि यह एक बेहतरीन ऑप्शन है। सामान्यत: महिलाएं IVF के जरिए गर्भवती हो जाती हैं। लेकिन यह आसान प्रोसेस नहीं है। इस प्रोसीजर के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याएं, हार्मोनल बदलाव और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि कुछ महिलाओं को IVF तकनीक के दौरान ज्यादा तनाव होने लगता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि स्ट्रेस का IVF प्रोसेस पर क्या असर पड़ता है। साथ ही यह भी जानेंगे कि क्या तनाव लेने से IVF का रिजल्ट बदल सकता है।


तनाव और IVF के बीच संबंध

तनाव कई तरह की समस्याओं को जन्म देता है। वहीं तनाव के कारण हमारे शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। जो शरीर को बुरी तरह से प्रभावित करता है। साल 2024 के एक शोध पत्र के मुताबिक ज्यादा तनाव और चिंता IVF के इलाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। वहीं तनाव इसकी सफलता दर को कम कर सकते हैं।


IVF प्रोसेस के दौरान तनाव लेने से एड्रिनिलिन और कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ता है। यह दोनों हार्मोन महिला की प्रजनन क्षमता पर सीधे-सीधे बुरा असर डालते हैं। जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के लेवल को बिगाड़ सकते हैं। ऐसे में IVF प्रोसेस का रिजल्ट प्रभावित हो सकता है।


अगर आप लंबे समय तक तनाव में रहते हैं, तो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। IVF प्रोसेस के दौरान अगर महिलाएं तनाव में रहती हैं, तो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण से महिलाओं में अंडों की गुणवत्ता और पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता प्रभावित हो सकती है। यह स्थिति भी IVF प्रोसेस की सफलता में बाधा डाल सकती है।


जब तनाव बढ़ता है, तो शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती है। इस स्थिति में ब्लड फ्लो में अवरोध पैदा होता है। अगर IVF के दौरान भी तनाव लेते हैं, तो गर्भाशय की ओर से होने वाला ब्लड सर्कुलेशन कम हो सकता है। ऐसे में भ्रूण के गर्भाशय की दीवार से चिपकने की संभावना पर भी असर पड़ता है।


कैसे कम करें तनाव

एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए और इस दौरान विशेषज्ञ और काउंसलिंग की सलाह मददगार होती है।


सेल्फकेयर पर ध्यान देना चाहिए, इससे IVF जर्नी आसान लगने लगेगी।


अगर आपको कोई बात परेशान कर रही है, उसका समाधान खोजें। वहीं जरूरत पड़ने पर परिवार की मदद लें।


माइंडफुल एक्टिविटी करनी चाहिए। वहीं आप डॉक्टर की सलाह पर हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना चाहिए।


IVF प्रोसेस के दौरान पार्टनर के साथ अपने इमोशनल बॉन्ड को मजबूत बनाना चाहिए। 


बता दें कि IVF फेल होने के लिए सिर्फ तनाव जिम्मेदार नहीं होता है, लेकिन इसकी सफलता दर में कमी जरूर आती है। इसलिए प्रयास करें कि इस प्रोसेस के दौरान तनाव न दें। वहीं IVF के दौरान योग करना, मानसिक शांति बनाए रखना और सकारात्मक रहना बेहद जरूरी होता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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