Women Health: क्या Delivery के बाद खत्म हो जाता है Gestational Diabetes? जानें पूरी सच्चाई
- अनन्या मिश्रा
- Mar 26, 2026

प्रेग्नेंसी के समय कई महिलाओं को डायबिटीज की समस्या हो जाती है। जिसको जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है। इस स्थिति में महिलाओं को ब्लड शुगर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन ऐसे में मन में यह सवाल आता है कि क्या यह स्थिति डिलीवरी के बाद भी रह सकती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डायबिटीज क्या डिलीवरी के बाद भी रह सकती है।
डायबिटीज का खतरा
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक आमतौर पर डिलीवरी के बाद जेस्टेशनल डायबिटीज ठीक हो जाता है। अधिकतर मामलों में डिलीवरी के बाद प्लेंसेंटा निकालने के बाद ब्लड शुगर का लेवल सामान्य हो जाता है। लेकिन ध्यान रखें कि बच्चे के जन्म के करीब 6 से 12 सप्ताह बाद तक ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट कराना चाहिए। लेकिन अगर किसी महिला को पहले से डायबिटीज की समस्या है, तो उनको अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे के ग्रोथ को बढ़ाने के लिए महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स प्रभावित होते हैं। जिसकी वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ती है।
जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा
अगर प्रेग्नेंसी से पहले मोटापे की स्थिति में है।
डिलीवरी के बाद अधिक वेट बढ़ने पर।
जेनेटिक प्रेडिस्पोजिशन की स्थिति में।
फिजिकल एक्टिविटी न करने की वजह से।
प्रेग्नेंसी के समय इंसुलिन ट्रीटमेंट लेने की स्थिति में।
ज्यादा मीठा खाने की वजह से हाई शुगर की समस्या होने पर।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।