क्या आपको इस बात की जानकारी है कि डिहाइड्रेशन यानी की शरीर में पानी की कमी का असर सिर्फ थकान या प्यास तक ही सीमित नहीं होता है। डिहाइड्रेशन महिलाओं के हार्मोनल संतुलन और पीरियड्स पर भी असर डाल सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो कई जरूरी शारीरिक प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। जिनमें हार्मोनल संतुलन भी शामिल है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि कम पानी पीने से हार्मोनल हेल्थ और पीरियड्स पर भी क्या असर होता है।
डिहाइड्रेशन से पीरियड्स और हार्मोनल हेल्थ पर असर
शरीर में पानी की कमी से स्ट्रेस हार्मोन जैसे कोर्टिसोल का लेवल बढ़ सकता है। इससे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोंस का बैलेंस बिगड़ सकता है। यह हार्मोन्स पीरियड्स को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, कभी-कभी पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द हो सकता है या फिर पीरियड्स देरी से आ सकते हैं।
वहीं डिहाइड्रेशन का असर ब्लड सर्कुलेशन पर भी देखने को मिलता है। जब शरीर में पानी कम मात्रा में होता है, तो ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है। जिस कारण पीरियड्स के दौरान क्रैम्प्स ज्यादा महसूस हो सकती है। वहीं शरीर में पानी की कमी से चक्कर, थकान और मूड स्विंग्स जैसे लक्षण भी बढ़ सकते हैं। यह पीरियड्स के दौरान आपको ज्यादा परेशान कर सकते हैं।
लेकिन यह कहना पूरी तरह से सही नहीं होगा कि सिर्फ डिहाइड्रेशन ही पीरियड्स को पूरी तरह से बिगाड़ता है। हालांकि यह एक अहम फैक्टर जरूर हो सकता है। लेकिन अगर लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी रहती है, तो यह ओवरऑल हार्मोनल हेल्थ पर असर डालती है।
इसलिए महिलाओं को रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। खासकर पीरियड्स और गर्मियों में। सही हाइड्रेशन न सिर्फ आपके शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखता है। बल्कि यह पीरियड्स को बेहतर और हार्मोनल संतुलन को भी बेहतर तरीके से मैनेज करता है।