Women Health: मेनोपॉज से पहले शरीर देता है ये 7 Warning Signs, महिलाएं न करें नजरअंदाज

  • अनन्या मिश्रा
  • Jan 27, 2026

Women Health: मेनोपॉज से पहले शरीर देता है ये 7 Warning Signs, महिलाएं न करें नजरअंदाज

किसी भी महिला की जिंदगी में मेनोपॉज एक ऐसा पड़ाव होता है, जब शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस दौरान ओवरीज धीरे-धीरे एग रिलीज करना बंद कर देती है। वहीं पीरियड्स आना भी बंद हो जाता है। मेनोपॉज में महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल कम होने लगता है। जिसका असर महिलाओं के पूरे शरीर पर होता है। हालांकि कई महिलाओं को लगता है कि मेनोपॉज का संबंध सिर्फ फर्टिलिटी और पीरियड्स से है, लेकिन ऐसा नहीं है। मेनोपॉज के कारण से शरीर के कई फंक्शन्स प्रभावित होते हैं। यहां तक कि इसका असर महिलाओं को बोन हेल्थ औक हार्ट पर भी होता है।


मेनोपॉज के दौरान नींद न आना, रात में पसीना आना, वजाइनल ड्राईनेस और मूड स्विंग्स जैसे कई लक्षण नजर आते हैं। यह मेनोपॉज के आम लक्षण होते हैं, जिनके बारे में अधिकतर महिलाएं जानती हैं। मेनोपॉज से पहले पेरिमेनोपॉज का फेज आता है। जब एस्ट्रोजन का लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है। पेरिमेनोपॉज के भी कई ऐसे लक्षण होते हैं। जिनसे अधिकतर महिलाएं अनजान होती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पेरिमेनोपॉज के लक्षणों के बारे में जानते हैं। 


पेरिमेनोपॉज के लक्षण

कई महिलाओं को पेरिमेनोपॉज के दौरान कानों में खुजली होती है। दरअसल, हार्मोन्स के उतार-चढ़ाव का असर आपकी त्वचा पर होता है। एस्ट्रोजन के लेवल में होने वाले ड्रॉप की वजह से कानों में खुजली हो सकती है।


एस्ट्रोजन के लेवल में होने वाली कमी का असर सर्कुलेशन और नर्व्स पर भी होता है। इसके कारण से आपको कानों में घंटी बजने या फिर किसी और तरह की तेज आवाज सुनाई दे सकती है।


हार्मोनल इंबैलेंस की वजह से पैनिक अटैक और एंग्जायटी आ सकते हैं। अगर आपको पहले भी पैनिक अटैक या एंग्जायटी जैसी समस्याएं नहीं हुई हैं, तो इस दौरान आपके साथ ऐसा हो सकता है।


एस्ट्रोजन में कमी की वजह से कान के अंदर के फंक्शन पर भी इसका असर होता है। जिस कारण से कुछ महिलाओं को चक्कर आने लगते हैं।


कई महिलाओं को पेरिमेनोपॉज में ऐसा फील होता है कि उनका दिल काफी तेजी से धड़क रहा है। एस्ट्रोजन में उतार-चढ़ाव का हमारी हार्ट रिदम पर होता है।


इस समय पर हार्मोनल इंबैलेंस के कारण से मूड स्विंग्स होने लगते हैं। कई बार छोटी सी बात पर बहुत गुस्सा और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।


एस्ट्रोजन की कमी की वजह से इंफ्लेमेशन, अकड़न और जोड़ों में दर्द हो सकती है।


एक्सपर्ट की मानें, तो पेरिमेनोपॉज में महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। इस दौरान डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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