स्वास्थ्य के लिए संजीवनी बूटी हैं ये 5 पौधे, कई गंभीर बीमारियों में हैं रामबाण इलाज


स्वास्थ्य के लिए संजीवनी बूटी हैं ये 5 पौधे, कई गंभीर बीमारियों में हैं रामबाण इलाज

ऐसे कई औषधीय पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियाँ हैं जिन्हें आयुर्वेद में संजीवनी बूटी का दर्जा दिया गया है। ये जड़ी-बूटियां हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। इनके इस्तेमाल से ना केवल शरीरिक समस्याओं में लाभ होता है बल्कि कई गंभीर बीमारियाँ जड़ से खत्म हो जाती हैं। आयुर्वेद में इन पेड़-पौधों को बहुत मत्वपूर्ण और गुणकारी बताया गया है। हल्दी, पुदीना, अर्क और पुनर्नवा जैसे कई औषधीय पेड़-पौधे हैं जिनमें शरीर की गंभीर से गंभीर बीमारियों को ठीक करने की क्षमता होती है। आयुर्वेद में हज़ारों सालों से इनका प्रयोग कई शरीरिक समस्याओं के उपचार के लिए किया जा रहा है। इनमें कई तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं जिनकी वजह से यह हमारे स्वास्थ्य के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं हैं। आज के इस लेख में हम आपको आयुर्वेद की कुछ ऐसी ही संजीवनी बूटियों के बारे में बताएंगे -  


हल्दी

आयुर्वेद में हल्दी को बहुत लाभकारी औषधि माना गया है। खाने में मसाले के तौर पर इस्तेमाल होने वाली हल्दी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। हल्दी के  पाउडर में एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते हैं। वहीं इसकी जड़ों और पत्तियों में भी कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो शरीर में बैक्टीरिया पैदा होने से रोकती है। यही वजह है कि खाँसी व सर्दी-जुखाम में हल्दी का सेवन किया जाता है। हल्दी के सेवन से जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस की समस्या में आराम मिलता है। पाचन विकार, दिल और लिवर की बीमारियों में भी हल्दी का सेवन बहुत लाभकारी होता है। हल्दी में कैंसर सेल्स को खत्म करने की क्षमता भी होती है। स्वास्थ्य के साथ-साथ हल्दी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। इसी कारण से बाज़ार में मिलने वाले कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में हल्दी का प्रयोग किया जाता है।


पुदीना

पुदीना का इस्तेमाल हर घर में होता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल चटनी या जलजीरा बनाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुदीने में कई औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। पुदीने का इस्तेमाल कई तरह की शारीरिक समस्याओं में बेहद फायदेमंद होता है। पुदीने की पत्तियां हमारे शरीर में खून साफ करती हैं। पुदीने की पत्तियों को पानी में उबालकर पीने से सिरदर्द ठीक होता है और साथ ही शरीर में ताज़गी आती है। पुदीने में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो शरीर में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। पेट संबंधी समस्याओं में भी पुदीना बहुत लाभदायक होता है। इसके सेवन से उल्टी रोकने में लाभ होता है। गला खराब हो तो पुदीने के सेवन से जल्द आराम मिलता है।  


पीपल

हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत पवित्र बताया गया है और इसकी पूजा की जाती है। आयुर्वेद के अनुसार भी पीपल का बहुत महत्व है। पीपल में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं जो कई तरह की बीमारियों में लाभदायक साबित होते हैं। पीपल के पत्तों का सेवन हृदय रोगों में बहुत फायदेमंद होता है। इसके पत्तों का काढ़ा या चाय बनाकर नियमित रूप से  सेवन करने से दिल की कमजोरी दूर होती है। इसके सेवन से रक्तधमनियों में जमा कैल्शियम प्लैक हटते हैं जिससे  वाल्व ठीक होते हैं। शरीर या नसों में सूजन की समस्या में भी यह बहुत लाभदायक है। इसके सेवन से शरीर में वेरिकोस वेन की समस्या में भी बहुत राहत मिलती है। इसकी छाल को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पीने से गठिया में बहुत लाभ होता है। इसके काढ़े का सेवन करने से शरीर में मौजूद घातक तत्व बाहर निकल जाते हैं। किडनी रोगों या त्वचा रोगों में भी इसका काढ़ा बहुत फायदेमंद साबित होता है।  


अर्क

आयुर्वेद में अर्क को बेहद उपयोगी औषधि माना गया है। अर्क को अकव्वा या आंकड़ा भी कहते हैं। आयुर्वेद के अनुसार इसे जड़ी-बूटियों का पारद भी कहा जाता है। अर्क की जड़ की छाल ट्यूमर, सिस्ट, एब्सेस और अन्य तरह के घावों में बेहद फायदेमंद होती है। इसके पत्तों को गर्म करके एड़ी पर बांधने से एड़ियों  के दर्द में आराम मिलता है। इसके पत्तों से निकलने वाले दूध को शरीर के किसी हिस्से में चुभे हुए कांटे या किसी अन्य वस्तु जैसे कांच आदि पर लगाने से वह आसानी से बाहर निकल आती है। अर्क के फूल से पंखुड़ियों को निकालकर बचे हुए भाग को पान में रखकर चूसने से पीलिया जल्दी ठीक होता है।


पुनर्नवा

यह औषधि अपने नाम के अनुकूल ही काम भी करती है। जैसा इस औषधि का नाम है, यह शरीर को फिर से नया कर देती है। इसका इस्तेमाल काढ़े या चूर्ण के रूप में किया जाता है। पुनर्नवा के सेवन से किडनी के रोगों में बहुत फायदा होता है। शरीर से पथरी निकालने के लिए रामबाण औषधि है। लिवर के सभी रोगों में इस औषधि का इस्तेमाल बेहद लाभकारी होता है। इसके सेवन से एनीमिया (शरीर में खून की कमी) की बीमारी में बहुत लाभ होता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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