पतंजलि ने कोरोना की आयुर्वेदिक औषधि की लांच, कोरोनिल से हफ्ते भर में ठीक होगा कोरोना का मरीज?


पतंजलि ने कोरोना की आयुर्वेदिक औषधि की लांच, कोरोनिल से हफ्ते भर में ठीक होगा कोरोना का मरीज?

कई महीने बीत चुके पर अभी भी पूरी दुनिया के ऊपर कोरोना के बादल मंडरा रहे हैं। दुनिया भर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और डॉक्टर इस कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में दिन-रात जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक उनके हाथ कुछ नहीं लगा है। पूरी दुनिया यह आस लगाए बैठी है कि कब इस वायरस की दवा आएगी और वह इससे निजात पाएंगे।

 

आज पूरी दुनिया के लिए इस कोरोना काल में एक राहत की खबर सामने आई है। आज मंगलवार को हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में बाबा रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CCT और CCS बेस्ड, एविडेंस बेस्ड, 0-7 दिनों में 100% रिकवरी रेट, 0% डेथ रेट के साथ कोरोना की आयुर्वेदिक औषधि कोरोनिल लॉन्च कर दी है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया?

योग गुरु बाबा रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा "पूरा देश और दुनिया कोरोना के लिए दवा या टीका का इंतजार कर रहा था। हमें यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि पतंजलि रिसर्च सेंटर और NIMS के संयुक्त प्रयासों से पहला आयुर्वेदिक, चिकित्सकीय नियंत्रित, परीक्षण आधारित साक्ष्य और शोध-आधारित दवा तैयार की गई है। 3-7 दिनों के भीतर 100 प्रतिशत वसूली दर।" उन्होंने कहा, " आज हम COVID दवाएँ कोरोनिल और श्वसारि लॉन्च कर रहे हैं।

 

बाबा रामदेव ने कहा कि दिल्ली से कई शहरों में हमने क्लिनिकल कंट्रोलर स्टडी किया। इसके तहत हमने 280 मरीजों को सम्मिलित किया। क्लिनिकल स्टडी के रिजल्ट में 100 प्रति मरीजों की रिकवरी हुई और एक भी मौत नहीं हुई। कोरोना के सभी चरण को हम रोक पाए हैं। दूसरे चरण में क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल किया गया।"


पतंजलि के संस्थापक योगगुरु गुरु बाबा रामदेव ने दावा किया कि 100 लोगों पर क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल की स्टडी की गई। 3 दिन के अंदर 69 फीसदी मरीज रिकवर हो गए, यानी पॉजिटिव से निगेटिव हो गए। यह इतिहास की सबसे बड़ी घटना है। सात दिन के अंदर 100 प्रति मरीज रिकवर हो गए। हमारी दवाई का 100 प्रतिशत रिकवरी रेट है और 0 प्रतिशत डेथ रेट है। बाबा रामदेव ने कहा कि क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल को लेकर बहुत से अप्रूवल लेने होते हैं। इसके लिए पहले एथिकल अप्रूवल लिया, फिर CTR का अप्रूवल और फिर रजिस्ट्रेशन कराया गया।


पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने कहा, "हमने COVID-19 के प्रकोप के बाद वैज्ञानिकों की एक टीम नियुक्त की। सबसे पहले, सिमुलेशन किया गया था और यौगिकों की पहचान की गई थी जो वायरस से लड़ सकते हैं साथ ही शरीर में इसके प्रसार को रोक सकते हैं। फिर हमने सैकड़ों सकारात्मक रोगियों पर एक नैदानिक मामले का अध्ययन किया और हमें 100 प्रतिशत अनुकूल परिणाम मिले हैं। पतंजलि ने दावा किया है कि नियंत्रित नैदानिक परीक्षण संयुक्त रूप से पतंजलि अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जयपुर द्वारा किया गया है।


किन-किन जड़ी बूटियों से बनी है कोरोनिल?

पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, कोरोना की इस खास आयुर्वेदिक दवा को तैयार करने के लिए शास्त्रों और वेदों को पढ़कर उसे विज्ञान के स्वरूपूले में ढाला गया, जिसके परिणाम स्वरूप इस आयुर्वेदिक दवा को तैयार किया गया है। आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल में गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, अश्वारि रस और अणु तेल का मिश्रण है।


कोरोना वायरस पर कैसे प्रहार करती है कोरोनिल?

पतंजलि के दावे के अनुसार दवा में मौजूद अश्वगंधा, कोरोना के रिसेप्टर-बाइंडिंग डोमेन (RBD) को शरीर के एंजियोटेंसिन-कन्वर्टिंग एंजाइम (ACE) से नहीं मिलने देता। यानी कोरोना इंसानी शरीर की स्वस्थ्य कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर पाता है। वहीं, इसमें मौजूद गिलोय कोरोना संक्रमण को रोकता है। तुलसी कोरोना के RNA पर अटैक करती है और उसे मल्टीप्लाई होने यानी संख्या बढ़ाने से रोकती है।


कितना रहेगा कोरोनिल का डोज?

पतंजलि का यह दावा है कि कोरोना मरीजों के लिए यह दवा कारगर साबित होगी। क्लिनिकल ट्रायल के दौरान ही कोरोना रोगियों पर इस दवा ने सकारात्मक असर दिखाया है। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, यह दवा दिन में दो बार, सुबह और शाम को ली जा सकती है।


रेस्पिरेट्री सिस्टम में सुधार करेगी श्वसारि वटी

कोरोना आयुर्वेदिक औषधि कोरोनिल के साथ श्वसारि वटी भी साथ में दी जाएगी। श्वसारि रस कफ में गाढ़े बलगम को बनने से रोकता है। साथ ही यह बने हुए बलगम को खत्म कर फेफड़े में सूजन को कम करता है।


अणु तेल करेगा वायरस का खात्मा

पतंजलि ने कोरोनिल और श्वसारि वटी के अलावा अणु तेल भी प्रस्तुत किया है। बाबा रामदेव ने कहा कि कोरोनिल में गिलोय, तुलसी और अश्वगंधा हमारे इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करता है। श्वसारि वटी हमारे रेस्पिरेट्री सिस्टम को मजबूत करेगा। इसके अलावा अणु तेल को नाक में डालना बहुत फायदेमंद होगा। ऐसा करने से हमारे रेस्पिरेट्री सिस्टम में किसी वायरस के मौजूद होने पर उसका खात्मा होता है।


कहां हो रहा है दवा का उत्पादन?

कोरोना रोगियों के लिए आयुवेर्दिक दवा कोरोनिल को पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जयपुर ने मिलकर तैयार किया है। वर्तमान में इस दवा का उत्पादन हरिद्वार की दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड कर रहे हैं। पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया है कि यह दवा कोरोना के रोगियों के लिए बहुत असरदार साबित होगी।


क्या कोरोनिल का कोई साइड इफेक्ट भी है?

बाबा रामदेव ने कहा है कि हमने इस दवा को पूरी रिसर्च के साथ तैयार किया है। हमारी दवा की रिकवरी दर 100 प्रति है, जबकि डेथ रेट शून्य है। यानी इससे मौत का खतरा नहीं है। रामदेव ने कहा कि भले ही लोग इस दावे पर संदेह या प्रश्न करें, लेकिन हमने सभी वैज्ञानिक नियमों का पालन किया है और पूरी रिसर्च और क्लिनिकल ट्रायल के बाद दवा तैयार की है।


कब, कहां, कैसे और कितने में मिलेगी दवा?

बाबा रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आयुर्वेद से बनी यह दवा अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर उपलब्ध होगी। कोरोना का इलाज करने वाली कोरोनिल दवा को लोग घर बैठे भी मंगा सकेंगे। इसके ऑर्डर करने के कुछ ही घंटे के अंदर दवा डिलिवर कर दी जाएगी। पतंजलि ने बताया है कि अगले सोमवार को दवा के ऑनलाइन ऑर्डर के लिए एक मोबाइल ऐप 'ऑर्डर मी' लॉन्च करेगी, जिसके चलते दवा की होम डिलीवरी की जाएगी। आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि कोरोना किट मात्र 545 रूपयों में उपलब्ध कराई जाएगी। कोरोना किट में 30 दिनों के लिए दवाएं होंगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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