जानिए पिप्पली औषधि के अचूक फायदे और नुकसान


जानिए पिप्पली औषधि के अचूक फायदे और नुकसान

प्रकृति ने हमें ऐसी अलग-अलग जड़ी बूटी दी है जिन्हें हम चाह कर भी छोड़ नहीं सकते। कई ऐसी जड़ी बूटियां है जिनके आगे बड़ी-बड़ी दवाई और अस्पताल फेल है। ऐसी जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से हम अपने शरीर को हमेशा- हमेशा के लिए निरोग कर सकते हैं। हालांकि अपने पूर्वजों की तुलना में आज की पीढ़ी को जड़ी बूटियों के बारे में बहुत ही कम जानकारी है। यदि हम अपने पूर्वजों के जमाने की बात करें तो उस समय ना ज्यादा बड़े अस्पताल होते थे और ना ही बड़े बड़े डॉक्टर उस समय तो केवल वैध्य और उनकी जड़ी बूटियां होती थी जिसके इस्तेमाल से लोग पल भर में ठीक हो जाते थे। यदि हम बड़े बड़े युद्ध की बात करें तो वहां पर भी जड़ी बूटियों ने अपना असर दिखाया है। आज के समय में भी जब अंग्रेजी दवाइयां काम नहीं करती तो लोग दोबारा से देसी जड़ी बूटियों को ढूंढने लगते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी जड़ी बूटी के बारे में जोकि बहुत ही आसानी से आपको मिल जाएगी और कई सारी बीमारियों से निजात पाने के लिए बहुत ही ज्यादा मददगार साबित होगी। ज्यादातर यह जड़ी-बूटी आपको बुखार से निजात पाने में मदद करेगी। आपको किसी भी तरह का बुखार हो इसके सेवन से या इसके इस्तेमाल से आपका बुखार झट से चला जाएगा। इस औषधि को आपने कई बार अपने घर में भी देखा होगा इसका नाम है पिप्पली। आइए जानते हैं इसके फायदे


कितने तरह के बुखार के लिए फायदेमंद


जैसा कि सभी को पता है बुखार कई तरह के होते हैं इनमें कभी खांसी जुखाम के कारण बुखार हो जाता है तो कभी अन्य कारणों की वजह से गंभीर बुखार से जूझना पड़ता है। छोटे बच्चों को बुखार बहुत जल्दी होता है। वह थोड़ा सा भी पानी में भीग जाए तो उन्हें खासी जुखाम के साथ बुखार हो जाता है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी बुखार अक्सर होता रहता है। गर्भवती महिलाओं को होने वाले बुखार को सूतिकाज्वर कहते हैं। इस प्रकार के बुखार में पिप्पली बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित होती है।यदि आप पिप्पली गुड़ और प्रभावों के बारे में जान लेंगे तो आपको हैरानी हो सकती है कि यह हमारे लिए इतनी ज्यादा लाभकारी होती है। पिप्पली का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों से निजात पाने के लिए किया जाता है।फिलहाल आयुर्वेदिक तरीकों से कोरोनावायरस के लिए शोध चल रहा है लेकिन इन सभी शोधों में पिप्पली बहुत ही महत्वपूर्ण किरदार निभा रही है।


पिप्पली का इस्तेमाल


बुखार खांसी जुखाम में फायदेमंद


बुखार उतारने के लिए आप तीन ग्राम पिप्पली जड़ ले साथ ही पांच ग्राम शहद लें और करीब दो ग्राम शुद्ध देसी घी। इन सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिला लें। इन तीनों का मिश्रण बनाने के बाद इसका सेवन करें। औषधि को चाट कर खाने से इससे और ज्यादा लाभ मिलता हैं साथ ही यदि आप ज्यादा परेशान हैं तो इसे चाट कर ही खाएं क्योंकि इस तरह से यह बहुत जल्दी असर दिखाती है। यदि किसी व्यक्ति को  खांसी, जुखाम, बुखार और गले में दर्द एक साथ है तो उसे इस मिश्रण को अवश्य खाना चाहिए। यह चंद मिनटों में ही उसकी बीमारी को कम करने में मदद करेगी।


लिवर के लिए फायदेमंद


पिप्पली के इस्तेमाल से आप अपने जीवन को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं क्योंकि इसके अंदर हेपेटोप्रोटेक्टिव के गुण होते हैं जिसकी वजह से लिवर के लिए यह औषधि बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित होती है। यदि आप लंबे समय से लीवर से संबंधित परेशानियों से जूझ रहे हैं तो आपको पिप्पली का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इससे संबंधित एक शोध में इस बात का पता लगा है कि पिप्पली ग्लूटाथिओन को बढ़ाने का काम करती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर यानी बिना शराब का सेवन किए लिवर में अधिक फैट जमने की समस्या से पीड़ित मरीजों में ग्लूटाथिओन प्रभाव दिखा सकता है।


कब्ज के लिए फायदेमंद 


यदि आप लंबे समय से कब जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं और सारे उपाय आपके फेल हो गए हैं तो आप पिप्पली का इस्तेमाल जरूर कर सकते है। जन औषधि आपके शरीर के अंदर डाइजेस्टिव एजेंट की तरह काम करते हैं जिससे कि आप किसी भी तरह के भोजन को बहुत ही आसानी से बचा सकते है। साथ ही यह औषधि मन निकासी में मदद करती है और कब्ज की समस्या में आराम दिलाती है।


मलेरिया के लिए फायदेमंद


कई बार ऐसा होता है कि हम मलेरिया जैसी बीमारी का इलाज कराते हैं लेकिन बाहर की दवाई से उस बीमारी में किसी भी तरह की राहत नहीं मिलती। यदि ऐसा है तो आप देसी जड़ी बूटी पिप्पली का इस्तेमाल करके मलेरिया जैसी बीमारी से निजात पा सकते है। यह मलेरिया जैसी बीमारी को दूर करने में बहुत ही ज्यादा कारगर है। ऐसा कहा भी जाता है कि मलेरिया से बचाव के लिए पिप्पली का वैकल्पिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।


दातों के दर्द के लिए फायदेमंद


यदि आप लंबे समय से दांत के दर्द से झूझते आ रहे हैं और किसी भी तरह की दवाई या औषधि आपके काम नहीं आई है तो आप एक बार पिप्पली का इस्तेमाल करके जरूर देखें क्योंकि इसके अंदर पिपराइन नामक एल्कलॉइड पाया जाता है जो कई तरह की समस्याओं में हर्बल औषधि की तरह काम कर सकता है जोकि दांत से संबंध परेशानियों को दूर करने में मदद करता है।


पिप्पली के नुकसान


यह औषधि जितनी ज्यादा फायदेमंद है उतनी ज्यादा नुकसानदायक भी है। बिना किसी सावधानी के या किसी अनुभवी इंसान से राय लिए बिना औषधि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।


1.पिप्पली को लंबे समय तक या अधिक मात्रा में बिल्कुल भी ना लें। ऐसा करने से यह आपके स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती है क्योंकि पीपली के अंदर बहुत ही ज्यादा गर्मी के तत्व मौजूद रहते हैं।


2.पिप्पली औषधि की तासीर काफी गर्म होती है इसे हमेशा नियमित मात्रा में लेना चाहिए ज्यादा मात्रा में लेने से यह हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है।


3.यदि आपके छोटे बच्चों को खांसी जुखाम जैसी समस्या हो तो आप इस औषधि को उन्हें बिल्कुल भी ना दें। कोशिश करें कि छोटे बच्चे और शिशुओं को इस औषधि से दूर ही रखें। यह औषधि ज्यादातर बड़े लोग या जवान लोगों को ही खानी चाहिए।


4.इस औषधि को यदि आप खुराक के रूप में लेते हैं तो कभी भी खाली ना लें इसके साथ दूध का मिश्रण अवश्य बना ले और उसके बाद ही इसका सेवन करें।


5.यदि आपके बच्चे की आयु 5 वर्ष से ज्यादा है तो दूध और घी के साथ यह प्रतिदिन ढाई सौ मिलीग्राम की एक छोटी खुराक आप बच्चे को दे सकते है।


6.जो महिलाएं अपने बच्चों को या शिशुओं को स्तनपान कराती हैं उन्हें पिप्पली का बहुत ही कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए।जो महिलाएं गर्भावस्था में है उन्हें इस औषधि को इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह मशवरा जरूर कर लेना चाहिए।


डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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