सर्दियों में इस तेल से करें अपने बच्चे की मालिश, सर्दी-खाँसी में है रामबाण उपाय


सर्दियों में इस तेल से करें अपने बच्चे की मालिश, सर्दी-खाँसी में है रामबाण उपाय

सर्दियों के मौसम में सर्दी-खांसी होना आम बात है। इससे बड़े ही नहीं छोटे बच्चे भी बहुत परेशान होते हैं। छोटे बच्चों में सर्दी-खांसी के कारण उन्हें कुछ भी खाने-पीने में दिक्कत होती है और वे चिड़चिड़े हो जाते हैं। छोटे बच्चों की इम्युनिटी कमज़ोर होती है, ऐसे में उन्हें सर्दी-खाँसी और संक्रमण होने का खतरा ज़्यादा रहता है। सर्दियों में छोटे बच्चों की अधिक देख-भाल बहुत जरूरी है। ठंड में बच्चे को नहलाने से पहले तेल मालिश करना बहुत फायदेमंद होता है, इससे बच्चे का शरीर गर्म रहता है और मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। सर्दियों के तेल में सरसों के तेल की मालिश कितनी फायदेमंद होती है यह तो आप जानते ही होंगे। आपने अक्सर अपनी दादी-नानी या माँ से इस तेल के चमत्कारी गुणों का बखान सुना होगा। सर्दियों में सरसों के तेल में लहसुन और अजवाइन डाल कर इस तेल से बच्चे की मालिश करने से इसका फायदा दोगुना हो जाता है। आजकल बाजार में कई तरह के बेबी मसाज ऑयल मौजूद हैं लेकिन आज भी सर्दियों में बच्चे की मालिश के लिए  सरसों का तेल इस्तेमाल किया जाता है। आज के इस लेख में हम आपको अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल बनाने की विधि और इसके गुणों के बारे में बताएंगे - 


सर्दी-खाँसी में है रामबाण 

आयुर्वेद के अनुसार सरसों के तेल में कई औषधीय गुण होते हैं। सरसों का तेल त्‍वचा में जाकर शरीर को कई बीमारियों से बचाव करने में मदद करता है। सर्दी-खांसीमें गर्म सरसों के तेल से छाती की मालिश करने से जल्द आराम मिलता है। सरसों के तेल में सेलेनियम और मैग्नेशियम मौजूद होते हैं जो एंटी-इन्फ्लामेट्री गुणों से भरपूर होते हैं। वहीं, लहसुन और अजवाइन में रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो शरीर को सर्दी-खांसी और संक्रमण से बचाते हैं। इस तेल से मालिश करने पर शरीर में गर्माहट पैदा होती हैं और ये तत्व सर्दी-खांसी में राहत पहुँचाते हैं। 


ऐसे बनाएं अजवाइन लहसुन का तेल  

अजवाइन लहसुन का तेल बनाने के लिए एक कप सरसों के तेल में 10-12 कलियाँ लहसुन और 1 चम्मच अजवाइन डालकर गैस पर अच्छी तरह गर्म कर लें। इस तेल को तब तक गर्म करें, जब तक लहसुन अच्छी तरह जल ना जाएं और तेल से महक ना आने लगे। इसके बाद तेल को थोड़ा ठंडा करके बच्चे की छाती और पीठ पर मालिश करें। सर्दी, खांसी और कफ जमा होने पर नियमित रूप से इस तेल की मालिश करें। 


इन बातों का भी रखें ख्याल 

छोटे बच्चे की इम्युनिटी को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं। अक्सर कान खुले होने पर सर्दी लग जाती है इसलिए बच्चे के सिर और कानों को टोपी से ढँक कर रखें। इसके अलावा सर्दी-जुकाम या खांसी से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति से भी छोटे बच्‍चे में संक्रमण हो सकता है। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति बच्चे के पास छींकता, खांसता उसे छूता है तो उससे बच्‍चे को भी इंफेक्‍शन हो सकता है। बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए बच्चे को छूने से पहले अपना हाथ साफ करें। खासतौर पर बच्चे को कुछ खिलाने से पहले हाथ अपना जरूर साफ करें। यदि आपको सर्दी-खांसी है तो बच्चे के ज़्यादा सम्पर्क में आने से बचें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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