क्या है न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर जिससे नहीं जीत पाए दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता इरफ़ान खान


क्या है न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर जिससे नहीं जीत पाए दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता इरफ़ान खान

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता इरफान खान ने 29 अप्रैल को एक गंभीर बीमारी के कारण आखिरी सांस ली। उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। इरफान खान ने ट्वीट करके जानकारी दी थी कि उन्हें न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी है और बाद में यही घातक बीमारी उनके इंतकाल का भी कारण बनी। आइये जानते हैं इस घातक बीमारी न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर के लक्षण, कारण, इलाज और इससे बचने के सुझाव।

क्या है न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर?
यह एक घातक दुर्लभ किस्म का ट्यूमर है। यह ट्यूमर कभी मरीजों पर धीरे-धीरे अपनी छाप छोड़ता है तो कभी इसकी गति तेज रफ्तार भी हो जाती है। यह ट्यूमर व्यक्ति के शरीर कई हिस्सों में हो सकता है और इसके लक्षण भी अमूमन शरीर के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग प्रकार के होते हैं। इस गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या की मानें तो यह ट्यूमर सबसे ज्यादा आंत में होता है। यह घातक कैंसर सर्वप्रथम ब्लड सेल्स पर असर करता है और यही ब्लड सेल्स खून में हार्मोन्स पहुंचाने का काम करते हैं।

शरीर के कुछ विभिन्न अंगों में इसके लक्षण
1 अगर यह घातक ट्यूमर पेट में हो जाए तो व्यक्ति को लगातार कब्ज की शिकायत होती रहती है।
2 अगर यह घातक बीमारी फेफड़े में हो जाए तो लगातार बलगम रहेगा।
3 इस बीमारी के होने के बाद व्यक्ति का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल लगातार बढ़ता रहता है।

बीमारी का मुख्य कारण
इस घातक बीमारी का मुख्य कारण बताने में चिकित्सक भी अभी असमर्थ हैं। चिकित्सक अभी इसका सटीक इलाज बताने के निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाए हैं। परंतु मरीजों के लक्षण व उनके उपचार के अनुसार यह बीमारी विविध कारणों से हो सकता है।
1 इस बीमारी को  अमूमन अनुवांशिक रूप से पाया गया है।
2 यदि परिवार में किसी एक व्यक्ति को है तो उस परिवार में इस बीमारी के होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
3 इस घातक बीमारी का कई डिटेल ब्लड टेस्ट, स्कैन और बायोप्सी करने के बाद ही ये बीमारी पकड़ में आती है।

इस बीमारी के इलाज:- इस ट्यूमर का इलाज व्यक्ति के विभिन्न परिस्थितियों में होती है जैसे-
1 ट्यूमर का स्टेट क्या है।
2 व्यक्ति की सेहत कैसी है।
3 यह ट्यूमर व्यक्ति के किस शारीरिक हिस्से में है।
4 इसकी जानकारी मिलने के बाद इसका इलाज परिस्थितियों के अनुसार किया जाता है।
5 अमूमन इस बीमारी से निजात पाने के लिए सर्जरी की जाती है।
5 बीमार मरीज को ऐसी दवा दी जाती है जिससे शरीर कम मात्रा में हार्मोन रिलीज करे।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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