इन कारणों से पुरुषों में हो सकती है नपुंसकता, आज ही हो जाएं सतर्क


इन कारणों से पुरुषों में हो सकती है नपुंसकता, आज ही हो जाएं सतर्क

नपुंसकता की बीमारी एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में अक्सर लोग खुलकर बात नहीं करते, आजकल लोगों को अधिकतर बीमारियाँ उनके खराब जीवनशैली और खानपान की वजह से लग जाती है। इस बीमारी को मेडिकल भाषा में इम्पोटेंस या इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहते हैं। पुरुष नपुंसकता में स्पर्म से जुड़ी समस्याएं या फिर गतिशीलता में कमी होना सबसे बड़ा लक्षण और कारण है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) में यौन संबंध बनाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इस बीमारी का कारण आमतौर पर चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक दोनों हो सकता है। नपुंसकता की कोई उम्र नहीं होती किसी भी उम्र का पुरुष नपुंसक हो सकता है लेकिन नपुंसकता ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए एक सामान्य समस्या है।

नपुंसकता(इरेक्टाइल डिसफंक्शन) के लक्षण- 

इरेक्शन पाने में परेशानी होना

सम्बन्ध बनाने में परेशानी होना

यौन इच्छा में कमी आना

नपुंसकता (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) के कारण- 

धूम्रपान- धूम्रपान करने से नपुंसकता की समस्या पैदा होती है। धूम्रपान से ब्लड सर्कुलेशन में दिक्कतें  आने लगती है जिसकी वजह से जननांगों में खून का प्रभाव रखने लगता है और नपुंसकता की शिकायत होती है। 

दवाओं का साइड-इफेक्‍ट- सही तरीके की दवाइयाँ नहीं खाने की वजह से अक्सर बहुत बड़ी बीमारियाँ लगने लगती है। गलत तरीके की दवाई खाने से इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन की दिक्कत होने लगती है। इस समस्या की ज्यादा दिक्कत थॉयराइड और डिप्रेशन की दवाइयाँ ज्यादा मात्रा में खाने से होती है।

तनाव- तनाव एक ऐसी समस्या है तो बिमारियों को बुलावा देती है। तनाव, चिंता या घबराहट से किसी भी लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाना भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का एक कारण बनता है। सेक्स करते वक़्त किसी प्रकार की चिंता या घबराहट करने से भी इस बीमारी की दिक्कत होती है। 

सर्जरी- सर्जरी के कारण अक्सर कुछ नसें ऐसी होती है जो पेनिस के आसपास होती है और उन नसों में खून भर जाता है और सुख जाता है जिसकी वजह से अक्सर सर्जरी क्षतिग्रस्त भी हो जाती है। ज्यादातर पेल्विक की सर्जरी में इरेक्टाइल डिसफंक्शन का डर रहता है। 

पेरोनी रोग- पेरोगी रोग एक विकार होता है जो लिंग के अंदर रेशेदार निशान ऊतक के विकास का कारण बनता है। ये रोग लिंग के अंदर काफी चोट पहुँचता है जिसकी वजह से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षण पैदा होने लगते है। 

नपुंसकता(इरेक्टाइल डिसफंक्शन) से बचाव- 

1.स्वस्थ और संतुलित आहार लेना- कुपोषित होने से नपुंसकता (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) होने का कोई तालुख नही होता लेकिन संतुलित आहार नही खाने से ब्लड प्रेसर, कोलेस्ट्रोल और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ लग जाती है जो नपुंसकता का कारण बन सकती हैं। 

2. नशे की मात्रा में कमी- नपुंसकता से बचने के लिए आपको अपनी नशे की आदत में कमी लाने की जरूरत पड़ सकती है। धूम्रपान करने से शरीर में खून का प्रवाह काफी कम हो जाता है और नकारात्मक प्रभाव डालता है।

3. तनाव कम करना- तनाव की वजह से अक्सर बहुत सी बीमारियाँ लग जाती है, बिमारियों से छुटकारा पाने के लिए आपको अपने तनाव को कम करने के जरूरत पड़ेगी क्यूंकि तनाव का सीधा असर आपकी प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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