अपनी पसंदीदा चीजों में रुचि की कमी होना होता है डिप्रेशन का एक कारण, पढ़ें पूरी जानकारी


अपनी पसंदीदा चीजों में रुचि की कमी होना होता है डिप्रेशन का एक कारण, पढ़ें पूरी जानकारी

डिप्रेशन या अवसाद सामान्यतौर पर एक गंभीर बीमारी है जो  हमारे सोचने, महसूस करने और कार्य करने की क्षमता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। डिप्रेशन हमें उदास और किसी भी चीज में हमारी रुचि लेने को कम कर देता है। यह हमारे अंदर विभिन्न प्रकार की भावनात्मक और शारीरिक समस्याएं पैदा कर सकता है। घर पर काम करने और ऑफिस में काम करने की इच्छा को समाप्त करने लगता है। यह व्यक्ति के व्यवहार को भी काफी प्रभावित करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया भर में विकलांगता का मुख्य कारण डिप्रेशन है। यह किशोरों, बच्चों आदि सभी वर्ग के लोगों को हो सकता है।


क्यों होता है डिप्रेशन ?


डिप्रेशन  के मुख्य कारण दर्दनाक या परेशान करने वाली घटनाएं हो सकती हैं  जैसे- दिल टूट जाना परीक्षा में खराब परिणाम लाना, किसी प्रियजन की मृत्यु, रोग और दवा के दुष्प्रभाव , नींद की गोलियां, जीवन में करने के लिए सार्थक चीजों की कमी जैसे- जिंदगी में कोई लक्ष्य ना होना, अवसाद या चिंता के लिए एक आनुवंशिक प्रवृत्ति, परिवार से प्यार और स्नेह का अभाव, विभिन्न जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारक जो चिंता का कारण हो सकते है। जीवन में क्या करना है उसकी समझ ना होना होना और उसके लिए चिंतित रहना यह भी डिप्रेशन का एक कारण होता है।


डिप्रेशन के मुख्य लक्षण? आप जिस तरीके से अपने आसपास की चीजों को महसूस और उन्हें जवाब दे रहे हैं उसमें बदलाव होना। नीचे दिए गए कुछ बिंदु है जो संकेत करते हैं कि आप डिप्रेशन में है-


मनोदशा के लक्षण: लगातार उदास बने रहना, अपनी पसंदीदा चीजों में रुचि  की कमी होना, जीवन में कोई मज़ा या आनंद  ना होना, आत्मविश्वास की कमी होना, दोषी महसूस करना।


व्यवहार से जुड़े लक्षण: बुरा, अनुचित, या पर्याप्त रूप कुछ भी अच्छा नहीं लगना, बेकार महसूस करना या कठिनाइयों का सामना ना करना, हर समय ऊब महसूस करना, चिंता की भावनाओं में वृद्धि  होना, मन में यह भावना की जीवन व्यर्थ  है, मौत या आत्महत्या के विचार।


सोने से जुड़े लक्षण लक्षण: ज्यादा देर तक सोना,सोने में दिक्कत होना, बुरे सपने आना, रात में जागना, बहुत जल्दी जागना या सामान्य से बहुत अधिक सोना।


पारिवारिक लक्षण: दोस्तों  या परिवार के साथ कम समय बिताना, यौन इच्छा की हानि।


व्यवसाय से जुड़े लक्षण: स्कूल  / कॉलेज / काम पर नहीं जाना

 

अन्य लक्षण : भूख  कम लगना, वजन कम होना। 


शारीरिक लक्षण:

सिरदर्द, पीठ दर्द या पेट में दर्द होना। खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए शराब या ड्रग्स की ओर रुख करना , सामान्य से अधिक चिड़चिड़ा, निराश, या आक्रामक महसूस करना। चीजों पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना, ऊर्जा की हानिक, हर समय थका हुआ महसूस करना।


डिप्रेशन से कैसे आए बाहर या इसका इलाज- यदि आप डिप्रेशन से गुजर रहे हैं तो करिए ये छोटे-छोटे उपाय जिन्हें करके आपने डिप्रेशन से बाहर आ सकते हैं और एक अच्छी और बेहतर जिंदगी जी सकते हैं-

 

अपनी भावनाओं के बारे में दूसरों को बताइए, स्वेच्छा से किसी और की मदद करे,  दोस्तों के साथ खाए खाएं-पियें, प्रियजन से बात कीजिए,  फिल्में देखिए गाने सुनिए , मिलजुल कर रहिए, किसी पुराने मित्र को कॉल या ईमेल करें,  पार्क में घूमे फिरे, प्रकृति के साथ कुछ समय बिताएंबिताएं, अच्छी पुस्तक पढ़ें, कोई मजेदार फिल्म या टीवी शो देखें, दोस्तों या परिवार से आमने-सामने बात करें, कुछ ऐसी ही रोचक चीजें करिए जिससे आपको खुशी मिले।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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