तंदरुस्त रहने के लिए करें क्रायोथेरेपी का इस्तेमाल, जानें इसके चमत्कारी फायदे


तंदरुस्त रहने के लिए करें क्रायोथेरेपी का इस्तेमाल, जानें इसके चमत्कारी फायदे

सेहतमंद रहने के लिए इंसान कई तरह के विकल्प चुनता है। कोई जिम जाता है, कोई थेरेपी तो कोई मेडिकल प्रोसीजर चुनता है। ऐसी ही एक थेरेपी आजकल बहुत पॉपुलर हो रही है। इस थेरेपी को 'क्रायोथेरेपी' के नाम से जाना जाता है। इसका इस्तेमाल बड़े-बड़े सेलेब्रिटीज़ और एथिलीट भी स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए करते हैं। आज के इस लेख में हम आपको क्रायोथेरेपी और इसके फायदों के बारे में जानकारी देंगे -   


क्रायोथेरेपी, जिसका शाब्दिक अर्थ है "कोल्ड थेरेपी", एक ऐसी तकनीक है जिसमें शरीर को कई मिनटों तक बेहद ठंडे तापमान के संपर्क में रखा जाता है। क्रायोथेरेपी को सिर्फ एक क्षेत्र में पहुंचाया जा सकता है या आप पूरे शरीर में क्रायोथेरेपी का विकल्प चुन सकते हैं। क्रायोथेरेपी में कई मिनटों तक शरीर को बेहद ठंडी हवा में डुबो कर आप कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए व्यक्ति को एक छोटे लेकिन ठंडे हवा वाले कमरे में भेजा जाता है। अल्ट्रा-कम तापमान वाली हवा से व्यक्ति के ब्लड और स्किन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसे आइसपैक थेरेपी और क्रायो सर्जरी के नाम से भी जाना जाता है। आप क्रायोथेरेपी के सिर्फ एक सेशन से लाभ प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन नियमित रूप से उपयोग किए जाने पर यह सबसे प्रभावी है। आप महीने में एक बार एक सेशन ले सकते हैं। 


क्रायोथेरेपी के फायदे 

माइग्रेन के लक्षणों को कम करता है

क्रायोथेरेपी गर्दन के क्षेत्र में नसों को ठंडा और सुन्न करके माइग्रेन का इलाज करने में मदद कर सकती है। एक अध्ययन में पाया गया कि गर्दन में कैरोटिड धमनियों के पास आइस पैक लगाने से माइग्रेन के दर्द को कम करने में काफी मदद मिली। 


मूड ठीक करने में मददगार 

पूरे शरीर के क्रायोथेरेपी में अति-ठंडा तापमान शारीरिक हार्मोनल प्रतिक्रियाओं का कारण बन सकता है। इससे शरीर में एड्रेनलिन, नॉरएड्रेनलिन, और एंडोर्फिन रिलीज करने में मदद मिलती है। यह उन लोगों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है जो चिंता और अवसाद जैसे मूड विकारों का सामना कर रहे हैं। 


स्किन प्रॉब्लम्स दूर करे 

क्रायोथेरेपी की मदद से स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाया जा सकता है। इससे ऐटोपिक डरमैटायटिस और स्किन के मुंहासे और दाग-धब्बे को दूर किया जा सकता है। क्रायोथेरेपी से शरीर में खून में एंटीऑक्सीडेंट का स्तर ठीक रहता है, जिससे त्वचा की सूजन कम करने में मदद मिलती है। 


मोटापा कम करने में मदद 

क्रायोथेरेपी से वजन कम करने में मदद मिलती है। इससे शरीर का मेटाबॉलिज़्म तेज़ होता है जिससे मोटापा कम करने में मदद मिलती है। क्रायोथेरेपी के एक सेशन से 400-800 कैलोरी बर्न की जा सकती है।    


थकान और दर्द से छुटकारा 

क्रायोथेरेपी के जरिए थकान को कम किया जा सकता है। इसके 4-5 मिनट के एक सेशन से थकान, शरीर में दर्द और नसों में होने वाली ऐंठन से छुटकारा पाया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


Related Posts