क्या है आपकी याददाश्त को प्रभावित करने वाला अल्जाइमर रोग इसके लक्षण, कारण और रोकथाम


क्या है आपकी याददाश्त को प्रभावित करने वाला अल्जाइमर रोग इसके लक्षण, कारण और रोकथाम

अल्जाइमर रोग डिमेंशिया का सबसे आम कारण है - सोच, व्यवहार और सामाजिक कौशल में लगातार गिरावट जो किसी व्यक्ति की स्वतंत्र रूप से कार्य करने की क्षमता को बाधित करती है।


क्या है अल्जाइमर?

अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है, जिसके कारण मरीज की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है और उसका असर दिमाग के कार्यों पर पड़ता है। आमतौर पर यह मध्यम उम्र या वृद्धावस्था में दिमाग के ऊतकों को नुकसान पहुंचने के कारण होता है।

 

यह डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार है, जिसका असर व्यक्ति की याद्दाश्त, सोचने की क्षमता, रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें दिमाग की कोशिकाएं डी-जनरेट होकर मरने लगती हैं, जिसका प्रभाव हमारी याददाश्त और मानसिक कार्यों पर पड़ता है।


अल्जाइमर के लक्षण

याददाश्त का खोना अल्जाइमर रोग का प्रमुख लक्षण है। बीमारी का प्रारंभिक संकेत आमतौर पर हाल की घटनाओं या वार्तालापों को याद रखने में कठिनाई होती है। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, स्मृति क्षीणता बिगड़ती है और अन्य लक्षण विकसित होते हैं।


एक अल्जाइमर से प्रभावित व्यक्ति :

1. बार-बार बयान और सवाल करना, वार्तालाप भूलना, अपॉइंटमेंट या ईवेंट भूल जाना और उन्हें बाद में ना याद आना।

2. चीजो को उनके निर्धारित स्थानों से उठाकर  अतिरिक्त स्थानों पर रखना।

3. परिचित स्थानों में खो जाना।

4. परिवार के सदस्यों और रोजमर्रा की वस्तुओं के नाम भूल जाना।

5. वस्तुओं को पहचानने, विचार व्यक्त करने या बातचीत में भाग लेने के लिए सही शब्द खोजने में परेशानी होना।

6. रोजमर्रा की स्थितियों में उचित निर्णय लेने की क्षमता में गिरावट आना।

7. अल्जाइमर रोग ध्यान केंद्रित करने और सोचने में कठिनाई का कारण बनता है, विशेष रूप से संख्याओं में।


अल्जाइमर का कारण

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि ज्यादातर लोगों में अल्जाइमर रोग आनुवांशिक, जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन से उत्पन्न होता है जो समय के साथ मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं। 5% से भी कम बार, अल्जाइमर विशिष्ट आनुवंशिक परिवर्तनों के कारण होता है जो वास्तव में यह रोग को विकसित करने की दृढ़ता देता है।


हालाँकि, अल्जाइमर रोग का कारण अभी तक पूरी तरह से निश्चित नहीं है, लेकिन मस्तिष्क पर इसका असर स्पष्ट है। अल्जाइमर रोग मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुक्सान पहुंचता है या उन्हें मारता है। एक स्वस्थ मस्तिष्क की तुलना में, अल्जाइमर रोग से प्रभावित मस्तिष्क में बहुत कम कोशिकाएं होती हैं और जीवित कोशिकाओं के बीच बहुत कम संबंध होता हैं।


अल्जाइमर के प्रमुख कारक

1. आयु -  60-85 वर्ष वाले लोगों को अल्जाइमर रोग होने का जोखिम अधिक होता है।

2. पारिवारिक इतिहास - परिवार में अन्य लोगों को अल्जाइमर रोग होने के कारण आपको भी यह होने का प्रथम कारण बनता है।

3. कम शैक्षिक और व्यावसायिक प्राप्ति।

4. पहले की सिर की चोट

5. खराब या अधूरी नींद


अल्जाइमर का इलाज :

अल्जाइमर के लिए कोई ठोस इलाज नहीं है। मस्तिष्क कोशिकाओं की मृत्यु को उलटा नहीं किया जा सकता है। हालांकि, फिर भी कुछ ऐसी दवाई थेरेपी और तौर तरीके तरीके हैं, जिससे हम अल्जाइमर के लक्षणों को कम कर सकते हैं।


1. एक्सरसाइज करना- अल्जाइमर रोग का इलाज करने का प्रमुख तरीका एक्सराइज करना है। ये एक्सराइज़ दिमाग की मांसपेशियों को शांत करके अल्जाइमर रोग को ठीक करने में सहायता करते हैं।

 

2. दवाई लेना- अक्सर डॉक्टर अल्जाइमर रोग से पीड़ित व्यक्ति को कुछ दवाई देते हैं। ये दवाईयाँ अल्जाइमर को बढ़ने से रोकने और इससे पीड़ित लोगों को ठीक करने का काम करती हैं।

 

3. थेरेपी लेने- कई बार अल्जाइमर रोग का इलाज थेरेपी के द्वारा भी किया जाता है।ये थेरेपी अल्जाइमर की बीमारी को ठीक करने में सहायता करते हैं।

 

4. मनोवैज्ञानिक के संपर्क में रहना- अक्सर, अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों को मनौवेज्ञनिक की सहायता लेने की भी जरूरत पड़ सकती है। इस प्रकार, अल्जाइमर रोग का इलाज मनोवैज्ञानिक संपर्क द्वारा भी संभव है।

 

5. डीप ब्रेन स्टिमुलेशन करना- जब अल्जाइमर रोग का इलाज किसी भी तरीके से नहीं हो पाता है, तब डॉक्टर डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (गहरी मस्तिष्क उत्तेजना) का सहारा लेते हैं। इसमें मस्तिष्क में एक तरह के उपकरण को लगाया जाता है ताकि मस्तिष्क तक इलेक्ट्रिक सिग्नल पहुंच सके।


अल्जाइमर की रोकथाम

अगर निम्नलिखित सावधानियों को बरतें तो बाकी लोगों की तरह इस अल्जाइमर रोग की रोकथाम भी संभव है-

 

1. नशीले पदार्थों का सेवन न करना- अल्जाइमर रोग की रोकथाम करने का प्रमुख तरीका नशीले पदार्थों का सेवन न करना है।

 

2. पोष्टिक भोजन करना- हमारे खान-पान का हमारा  सेहत पर गहरा असर पड़ता है। इसी कारण, हम सभी को पोष्टिक भोजन ही करना चाहिए क्योंकि ये हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

3. लोगों से मुलाकात करना- अल्जाइमर रोग की रोकथाम करने का अनोखा तरीका लोगों के साथ अधिक-से-अधिक समय बिताना है। हमें लोगों से मिलने-जुलना चाहिए ताकि हम अपने मन की बात उनसे साझा कर सकें।

 

4. मानसिक एक्सराइज़ करना- चूंकि, अल्जाइमर रोग मानसिक बीमारी है, इसलिए इसकी रोकथाम में मानसिक सेहत का ठीक होना काफी आवश्यक है।

इसी कारण, हम सभी को मानसिक एक्सराइज जैसे कोई किताब पढ़ना, शतरज़ खेलना इत्यादि जैसे काम करने चाहिए।

 

5. अधिक एंटीऑक्सीडेंट का सेवन करें और एक सक्रिय सामाजिक जीवन बनाए रखें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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