पैरों में दर्द या सूजन को न करें नजरंदाज, हो सकती है डीवीटी, अपनाएँ बचाव के ये तरीके


पैरों में दर्द या सूजन को न करें नजरंदाज, हो सकती है डीवीटी, अपनाएँ बचाव के ये तरीके

हमारे पैर में दो तरह की नसें होती हैं - एक जो त्वचा के पास मौजूद होती हैं और दूसरी जो शरीर में गहराई में होती हैं जिन्हें डीप वेंस भी कहा जाता है। डीप वेंस बॉडी के सभी हिस्सों से गंदा खून इकट्ठा करके हृदय तक पहुँचती हैं। जब शरीर की डीप वेंस में ब्लड क्लॉट या खून का थक्का बन जाता है, तो उसे डीप वेन थ्रोंबोसिस (डीवीटी) या गहरी नस घनास्रता कहा जाता है। पैरों में दर्द या सूजन होना, सूजन वाले भाग में त्वचा का गर्म होना या त्वचा का रंग बदलना डीवीटी के कुछ प्रमुख लक्षण हैं। 


डॉक्टर्स के मुताबिक यह समस्या उन लोगों में अधिक पाई जाती है जिनका डेस्क जॉब होता है यानी जो सारा दिन एक ही जगह बैठकर काम करते हैं। जो लोग कार या हवाई जहाज से अधिक और लंबी यात्रा करते हैं उनमें भी डीवीटी होने का रिस्क रहता है। इसके अलावा वे लोग जो कि किसी बीमारी या दुर्घटना के बाद लंबे समय तक बेड रेस्ट पर रहते हैं वे भी इस बीमारी का शिकार हो सकते हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है, जो धूम्रपान करते हैं या जो महिलाएं गर्भधारण से बचने के लिए दवाइओं का इस्तमाल करती हैं,  ऐसे लोगों में डीवीटी होने का रिस्क अधिक होता है।

अगर आप भी पैरों में दर्द या सूजन की समस्या से परेशान हैं तो जांच करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें। इसके अलावा कुछ ऐसे तरीके हैं जिनकी मदद से डीवीटी की समस्या से बचाव किया जा सकता है। आज के इस लेख में हम आपको डीवीटी से बचाव के तरीकों के बारे में बताएंगे -  


ज्यादा देर तक स्थिर ना बैठें  

लंबे समय तक स्थिर बैठे रहने से या टाँगें लटका कर बैठने से पैर में क्लॉट बनने लगते हैं। अगर आपकी डेस्क जॉब है तो हर आधे-एक घंटे के अंतराल में बॉडी को थोड़ा आराम दें और कुछ कदम चलें। 


लंबे सफर में पैरों को दें आराम 

यदि आप ट्रेन या प्लेन से सफर कर रहे हों तो हर एक-दो घंटे में कुछ दूर चल कर आएं। इससे बॉडी को आराम मिलेगा और ब्लड सर्कुलेशन सही रहेगा। जिन लोगों को डीवीटी की समस्या हो उन्हें लंबी यात्रा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को हवाई यात्रा करते समय विंडो सीट पर नहीं बैठना चाहिए। यात्रा के दौरान संभव हो तो कुछ कदम चल लें या अपनी सीट पर ही पैरों की एक्सरसाइज कर लें।


व्यायाम करें 

डीवीटी से बचने के लिए रोज़ाना व्यायाम करें या कम से कम 20 मिनट वॉक करें। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही रहेगा और नसों में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा कम होगा। 


खूब पानी पिएँ 

शरीर में पानी की कमी से खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है जिससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए डीवीटी से बचने के लिए खूब पानी पिएँ। 


वजन को नियंत्रित करें 

मोटे लोगों में डीवीटी का खतरा ज़्यादा होता है इसलिए अपने वजन को कंट्रोल में रखें। नियमित व्यायाम और सही खान पान से आप अपने वजन को कंट्रोल कर सकते हैं। 


धूम्रपान ना करें 

डॉक्टर के अनुसार, धूम्रपान करने वाले लोगों में डीवीटी का खतरा ज़्यादा होता है। डीवीटी से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव करें और धूम्रपान जैसी आदतों को सुधारें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


Related Posts