जीवन में पाना चाहते हैं सफलता तो अपनाए सुबह की ये 6 आदतें


जीवन में पाना चाहते हैं सफलता तो अपनाए सुबह की ये 6 आदतें

सुबह उठते ही हमारा दिमाग तरह-तरह की बातें सोचना शुरू कर देता है। आज मैं लेट हो गया हूँ, आज मेरी ऑफिस जाने की इच्छा नहीं है, इस तरह की बातें हमारे दिमाग में मॉर्निंग में चलती रहती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुबह हमारे दिमाग का शांत होना बहुत जरूरी है। बहुत से लोगों का कहना है, हमसे सुबह जल्दी नहीं उठा जाता, हाँ देर रात तक जितना मर्ज़ी काम करवा लो।

अगर आप भी अपनी सुबह उठने की आदत को लेकर सजग नहीं है तो आपके लिए ये काफ़ी परेशानी का सबक़ बन सकती है। सुबह जल्दी उठना हमारे जीवन में काफ़ी ज़्यादा ज़रूरी है, क्योंकि सुबह की आदतें आपके जीवन में सफलता पाने में काफ़ी मददगार साबित हो सकती हैं। तो इसी को ध्यान में रखते हुए आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे सुबह की उन आदतों के बारे में जिन्हें अपना कर आप अपने जीवन में वो सब कुछ पा सकते हैं जिसकी कल्पना करना आपको मुश्किल लगता है।

सुबह जल्दी उठना

अक्सर हम देर रात तक काम करते हैं और फिर सुबह में देर से उठते हैं। लेकिन ये आदत बिल्कुल सही नहीं है, रिसर्च के अनुसार सुबह उठने का सही समय 4 बजे का है, ऐसा कहा जाता है की सुबह हमारा चेतन मन काफ़ी ऐक्टिव होता है। इस समय आप अपने दिमाग़ की सभी शक्तियों को जान सकते हैं। आपको बता दें कि अगर आप सुबह जल्दी उठकर हेल्दी धूप को ग्रहण करते हैं, तो आपको कभी हड्डी व जोड़ों से संबंधित समस्या नहीं होगी।

मेडिटेशन

दिन की शुरुआत मेडिटेशन के साथ  करनी चाहिए । यदि आपको मेडिटेशन नहीं आता तो आप सुबह उठकर 10-15 मिनट शांत जगह पर बैठें और अपनी सांसो को महसूस करें। मन में कोई भी विचार ना हो, बस शांत मन से आस-पास के माहोल को महसूस करें। लगातार रोज मेडिटेशन करने पर आपको एक अलग सी अनुभूती होने लगती है जिसे शब्दों द्वारा नहीं बताया जा सकता। हमें उन सवालों के जवाब मिलने लगते हैं जिनके बारे में हम सोचते हैं कि ये संभव नहीं हैं।

मेडिटेशन करने से हमें ऐसा लगता है जैसे हमारे साथ एक शक्ति है जो हमेशा हमारी मदद करेगी। शांत रहने से आप अपने मन पर कंट्रोल कर पाएंगे जिससे आपको किसी भी चीज के लिए फैसला लेने में कठिनाई नहीं होगी।

जीवन का लक्ष्य

सुबह के समय हमारे दिमाग़ की शक्ति काफ़ी ज़्यादा तेज़ होती, ऐसे में आप अपनी जीवन में जो भी लक्ष्य हासिल करना चाहते है उसके बारे में सोचें और उसे लिखने की आदत डालें, और उनको रोज़ मेडिटेशन के बाद एक बार ज़रूर पढ़ें। ऐसा करने से आप अपने जीवन के लक्ष्य को अच्छी तरह से समझ पाएँगे और उसे पाने के लिए ज़्यादा प्रयत्नशील हो जाएँगे।

एक्सरसाइज 

सुबह के समय एक्सरसाइज हमारे शरीर और हमारे दिमाग़ दोनो के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद होती है। एक्सरसाइज करने से हमारे शरीर की सभी कोशिकाएं पूरी तरह से ऐक्टिव हो जाती हैं। आपको बता दें एक्सरसाइज करके हम कई बीमारियों से अपने आप को बचा सकते हैं, इससे आपके शरीर में रक्त का संचार सहीं ढ़ंग से होने लगता है जिससे आपका दिमाग सक्षम रूप से कार्य करने लगता है। रोज़ सुबह एक्सरसाइज आपकी आदत में ज़रूर शामिल होना चाहिए, अगर आप एक्सरसाइज नहीं कर सकते तो आप सुबह के समय 30 मिनट की सैर कर सकते है जो कि व्यायाम जितना ही लाभदायक होता है।

मानसिक दर्शन

मानसिक दर्शन को समझना काफ़ी आसान है इसे हम Affirmation भी कहते है। Affirmation आपको सुबह में पूरी तरह से पॉजिटिव कर देगा। सुबह आप ये लाइन्स बोल सकते है "मैं खुश हूँ, मेरे पास जिंदगी में बहुत कुछ है, मेरी जिंदगी में थोड़े दुःख हैं लेकिन उनसे लड़ने की हिम्मत भी है। आप जो लाइफ़ में हासिल करना चाहते हैं, उसे आप visualise कीजिए यानी की उसकी परिकल्पना कीजिए। ये एक अध्यन में पाया गया है कि सुबह के समय दिमाग़ को हम जो परिकल्पना देते हैं, हमारा दिमाग उस लक्ष्य को हासिल करने में काफ़ी ज़्यादा कारगर साबित होता है।

आपको बता दें हमारा दिमाग 2 तरह से काम करता है सबकॉन्सियस और कॉन्सियस, लेकिन क्या आप जानते हैं 90% फैसले सबकॉन्सियस दिमाग से ही लिए जाते है यानि आपकी जो आदत है उनके हिसाब से फैसले लिए जाते हैं। इसलिए जब आप सुबह अपने आप से यह कहते है की आप खुश इंसान हैं और आप अपनी जिंदगी को बदलने जा रहे हैं तो ये बात आपके सबकॉनेसेश दिमाग में स्टोर हो जाती है फिर आपके फैसले उसी के अनुसार चलते है।

दैनिक विचार

इन सभी आदतों के बाद आते है दैनिक विचार, औपको बता दें कि अच्छी तरह से काम करने पर ही आप भविष में अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते है। इस आदत में आपको रोज़ सुबह अपना दिन के कार्य लिखने होंगे उन्हें करने का सही तरीक़ा और उसके रिज़ल्ट को भी ध्यान रखना होगा। ऐसा करने से आपके काम जल्दी और ज़्यादा प्रभावशाली होंगे। इसलिए सभी कामों को करणे का समय निर्धारण कर लें और उससे जुड़ी सभी बातों पर एक बार विश्लेषण ज़रूर कर ले, इससे ना केवल आपके काम बल्कि आपकी अंदर की क्षमता भी बढ़ेगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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