कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए सावधान और सतर्क रहने की जरुरत


कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए सावधान और सतर्क रहने की जरुरत

कोरोना वायरस का संक्रमण अब तेज गति से अपना पांव पसारना शुरू कर चूका है। कोरोना वायरस का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए संपूर्ण भारत को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया। लाकडाउन क्यों जरूरी है? इस प्रश्न के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने चीन का उदाहरण लेकर समझाया जिसमें उन्होंने बताया चीन में 67 दिनों में 1लाख संक्रमण फैला, और पुनः एक लाख संक्रमण मात्र 11 दिन में फैला, इसके बाद संक्रमण ने अपनी तेज गति से मात्र 4 दिन में एक लाख लोगों को संक्रमित कर दिया। इसलिए इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए लॉकडाउन अति आवश्यक है। लाकडाउन की गंभीरता को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से अपील किया कि इन 21 दिनों में घर से बाहर लाने के लिए सिर्फ घर में ही रहें। कोरोना वायरस की सावधानी और सतर्कता से जागरूक रहें।


कोरोना वायरस से सतर्कता क्यों जरूरी? जानते हैं कुछ आंकड़े!


कोरोना वायरस के कहर को जानने के लिए समृद्ध देश अमेरिका का उदाहरण लेते हैं।अमेरिका जैसे समृद्ध स्वास्थ्य सेवाएं वाले देश में अभी तक संक्रमण के कुल 80,000 मामले सामने आ चुके हैं,तथा 1200 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। इटली जैसे समृद्ध स्वास्थ्य सेवाएं वाले देश में भी कुल  80,000 संकर संक्रमित मामले और 8000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में कोरोना वायरस (COVID-19) से 19 लोगों की मौत हो चुकी है और वहीं कुल संक्रमण के मामले 1000 से उपर पहुंच गए हैं। सभी लोगों का इलाज कराया जा रहा है। राहत की बात यह है कि अभी तक 66 पूर्ण रूप से ठीक भी हो चुके हैं। WHO के अनुसार दुनिया भर में 202 देशों में अभी 5,12,701संक्रमित मामलों की पुष्टि हुई है,तो वहीं 23,495 लोगों की मौत हो गई है।


कोरोना वायरस के लक्षण 


कोरोना का सामान्य लक्षण है सर्दी जुकाम,तेज तापमान का बुखार,है।कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले लोगों में शुरुआत में बुखार और नाक बहने जैसे लक्षण दिखते हैं। इसके बाद सूखी खांसी होती है इलाज न हो तो करीब हफ्ते भर में सांस की तकलीफ शुरू  होने लगती है गंभीर मामलों में बात न्यूमोनिया तक पहुंच जाती है। इसके अलावा मरीज की किडनी फेल होने की स्थिति बन जाती है। कोरोना के ज्यादातर मरीज 50 वर्ष की ऊपर की  लोग हैं। खासकर वे जो पहले से ही डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं।

 

कैसे करें बचाव 


अंग्रेजी में कहावत है prevention is better than cure जिसका मतलब है  इलाज से   बेहतर सावधानी है। इसलिए हमें भी कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए सावधानी लेना और जरूरी है।

  1. कोरोना से बचाव के लिए आप अपने परिजनों, रिश्तेदारों और मित्रों को जीवनशैली से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताएं।
  2. पड़ोसियों के साथ मिलकर कोरोना से जुड़ी आपातकालीन स्थिति की योजना बनाएं जरूरत  ना हो तो अपने घरों से बाहर ना निकलें।
  3. आप खुद बीमार हैं तो डॉक्टर से मिलने के अलावा बाहर निकलने या अन्य जगहों पर जाने से बचें।
  4. सर्दी-खांसी और जुकाम होने पर टिश्यू का इस्तेमाल करें, परिजनों के साथ भी कम बैठने की कोशिश करें।
  5. जिन चीजों का इस्तेमाल प्रतिदिन  हो रहा हो और हर व्यक्ति उसका उपयोग करते हो, उसकी सफाई अवश्य रखें।
  6. खाने के पहले और बाद, शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएं।
  7. हैंड सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें जिसमें कम से कम 60 फीसदी अल्कोहल हो।
  8. अपने घर में सभी को ऐसा करने के लिए प्रेरित करें खासकर बच्चों को हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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