Health Tips: ज्यादा Salt और दवा का गलत समय बढ़ा सकता है Blood Pressure, डॉक्टर ने दी चेतावनी
- Healthy Nuskhe
- Oct 24, 2026

हाई ब्लड प्रेशर सेहत के लिए बढ़ती सबसे गंभीर चिंताओं में से एक है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि जिन भी लोगों का बीपी सामान्य से अक्सर ज्यादा बना रहता है, तो उन लोगों में समय के साथ कई अन्य बीमारियों का खतरा हो सकता है। ब्लड प्रेशर बढ़े रहने से तंत्रिकाओं, आंखों, किडनी, हार्ट और लिवर सहित अन्य कई हिस्सों पर निगेटिव असर हो सकता है। वहीं जिन लोगों में बीपी की समस्या होती है, उनको डॉक्टर नियनित व्यायाम, हेल्दी डाइट और बिना गैप किए डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं लेने की सलाह देते हैं।
ब्लड प्रेशऱ की दवा सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों की रीडिंग को नियंत्रित रखना लाभकारी माना जाता है। लेकिन क्या आप नियमित रूप से दवा लेने से बाद भी आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है। ऐसे में आज हम इस आर्टिकल के जरिए आपको इस समस्या के पीछे छिपे हुए कारणों को जान लेते हैं।
क्यों बढ़ा रहता है ब्लड प्रेशर
रोजमर्रा की कुछ आदतें जैसे खाने में नमक की अधिकतता, शारीरिक गतिविधियों में कमी, वजन अधिक होना, शराब की आदत या फिर नींद की समस्या ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में बाधा बन सकती है। इसके अलावा कुछ अन्य दवाएं भी रक्तचाप को बढ़ा सकती हैं।
इतना ही नहीं घर पर ब्लड प्रेशर नापने का गलत तरीका भी रीडिंग को जरूरत से ज्यादा दिखा सकता है। आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती हैं?
ज्यादा नमक वाली चीजें न खाएं
नमक की अधिकता का मतलब सिर्फ खाने में डाले जाने वाले नमक से नहीं है।
नमकीन, पैकेज्ड खाना, अचार, पापड़, सॉस और कई तैयार खाद्य पदार्थों में छिपा हुआ सोडियम भी ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है।
कम चलना-फिरना, बढ़ा हुआ वेट और ज्यादा शराब का सेवन भी ब्लड प्रेशर पर असर डाल सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो नियमित फिजिकल एक्टिविटी, वेट को कंट्रोल रखने और संतुलित डाइट से ब्लड्र प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए सिर्फ ब्लड प्रेशर की दवा पर निर्भर रहने की जगह रोजाना का आदतों में भी बदलाव करना जरूरी होता है।
दवाओं को लेकर गड़बड़ी
रोजाना अलग-अलग समय पर दवा लेना, रीडिंग सामान्य आते ही दवाओं का सेवन न करना या कई बार दवा लेना भूल जाना ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है।
इसके अलावा कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि कुछ दर्द की दवाएं जैसे नेप्रोक्सेन और आइबुप्रोफेन के अलावा कुछ हार्मोनल दवाएं भी बीपी की समस्या को बढ़ा सकती हैं।
इसलिए डॉक्टर से सभी दवाओं और सप्लीमेंट्स के बारे में सही से पता कर लें। वहीं डॉक्टर की सलाह के बिना बीपी की दवा बंद या उसकी मात्रा में बदलाव नहीं करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।