पेट की गंभीर बीमारी है कोलाइटिस, जानें इसके लक्षण, उपचार व बचाव के तरीके


पेट की गंभीर बीमारी है कोलाइटिस, जानें इसके लक्षण, उपचार व बचाव के तरीके

कोलाइटिस एक क्रॉनिक डाइजेस्टिव डिसऑर्डर है, जिसमें कोलोन की इनर लाइनिंग में सूजन होती है। कोलाइटिस के कई कारण हैं जिनमें संक्रमण, इंफ्लामेटरी बॉवेल डिजीज, इस्केमिक कोलाइटिस, एलर्जी प्रतिक्रियाएं और माइक्रोस्कोपिक कोलाइटिस शामिल हैं। कोलाइटिस होने पर आपको अचानक और लंबे समय तक पेट में बेचैनी और दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द हल्का या गंभीर हो सकता है। इसके अलावा यह ब्लोटिंग व डायरिया से भी जुड़ा हो सकता है। कोलाइटिस के लक्षणों पर ध्यान देकर सही समय पर उपचार किया जाना बेहद जरूरी है। आज के इस लेख में हम आपको कोलाइटिस के लक्षणों, उपचार व इससे बचाव के कुछ तरीकों के बारे में बता रहे हैं−


कोलाइटिस के लक्षण

  • पेट में दर्द और ऐंठन
  • दस्त
  • मल में रक्त के साथ या उसके बिना 
  • कोलन में अल्सर  
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम में गैस
  • ब्लोटिंग
  • अपच 
  • हार्टबर्न
  • गैस्ट्रो एसोफैगल रिफ्लक्स रोग 
  • बुखार
  • ठंड लगना
  • भूख की कमी 
  • थकान
  • डिहाइड्रेशन 
  • आँख में सूजन
  • जोड़ों या त्वचा में सूजन

परीक्षण और उपचार 

मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक परीक्षण के आधार पर, कोलाइटिस के कारण का पता लगाने के लिए कुछ परीक्षण आवश्यक हो सकते हैं। इसमें ब्लड टेस्ट, मूत्र और मल के सैंपल, कोलोनोस्कोपी और बेरियम एनीमा शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा कोलाइटिस की पहचान के लिए कोलन का एक्स−रे, सिग्मायोडोस्कोपी और कोलोनोस्कोपी के लिए मल का परीक्षण आदि किया जाता है।


हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोलाइटिस का उपचार इसके कारण पर निर्भर करता है। अक्सर डॉक्टर दर्द, सूजन और कोलाइटिस के संक्रामक कारणों का इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक्स दे सकते हैं। इसके अलावा आपका डॉक्टर दर्द की दवाओं या एंटीस्पास्मोडिक दवाओं के साथ भी आपका इलाज कर सकता है। यदि अन्य उपचार काम नहीं करते हैं तो कोलन या रेक्टम के हिस्से को हटाने के लिए सर्जरी भी करवानी पड़ सकती है। डॉक्टर्स के मुताबिक जिन लोगों को यह समस्या होती है उन्हें अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कई तरह के खाद्य पदार्थ इस समस्या को टि्रगर कर सकते हैं। कोलाइटिस से बचाव के लिए आपको शराब, कैफीन, कार्बोनेटेड शीतल पेय, सूखे सेम, मटर, फलियां, सूखे फल या जामुन, गूदे या बीज वाले फल, गर्म सॉस और मसालेदार भोजन, मीट, पॉपकॉर्न, रिफाइंड चीनी आदि से दूरी बनानी चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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