जानिए थायराइड कैंसर का इलाज, बचाव और लक्षण


जानिए थायराइड कैंसर का इलाज, बचाव और लक्षण

थायराइड हमारी गर्दन के निचले हिस्से में स्थित एक तितली के आकार की ग्रंथि होती है। थायराइड की कोशिकाओं में थायराइड के कैंसर का निर्माण होता है और एक विशेष तरह का हार्मोन बनाता है जो हमारे दिल की दर, रक्तचाप, शरीर का तापमान और वजन को नियंत्रित करता है।


बहुत से विकसित देशों में थाइरॉएड कैंसर के मामले बहुत ही कम होते जा रहे हैं डॉक्टरों का मानना है कि आधुनिक तकनीक से थायराइड कैंसर का इलाज आसानी से हो सकता है। यह पहले संभव नहीं था, थोड़ा एडमिन सर के अधिकांश मामलों को इलाज के साथ ठीक किया जा सकता है।


थायराइड कैंसर के मुख्य प्रकार:


1.कैपिलरी थायराइड कैंसर - कैपिलरी थायराइड कैंसर  का सबसे आम प्रकार है जो उन कोशिकाओं से बनता है या उभरता है जो थायराइड हार्मोन का उत्पादन और उनका वहन करती हैं। यह ऐसा कैंसर है जो किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन ज्यादातर देखा गया है कि यह 30 से 50 साल के लोगों में अधिक होता है।


2.फॉलिक्युलर थायराइड कैंसर - फॉलिकुलर थायराइड कैंसर कुपिक कोशिकाओं से ही उत्पन्न होता है। यह अधिकतर 50 की उम्र या 50 से अधिक उम्र के लोगों को अधिक प्रभावित करता है और 50 से अधिक उम्र के लोगों में अधिक पाया जाता है।


3.मॉड्यूलरी थायराइड कैंसर - मॉड्यूलरी थायराइड कैंसर उन थायराइड कोशिकाओं में बनना शुरू होता है जिसे कोशिका कहते हैं जो कैल्सीटोनिन हार्मोन बनाती है। खून में कैल्सीटोनिन का ज्यादा स्तर शुरू के चरण में मॉड्यूलरी थायराइड कैंसर का पता लगा सकता है।


4.ऐनाप्लास्टिक थायराइड कैंसर: ऐनाप्लास्टिक थायराइड कैंसर खतरनाक और तेजी से बढ़ने वाला कैंसर है जिसका इलाज भी बेहद मुश्किल है। यह कैंसर ज्यादातर 60 या उससे ज्यादा उम्र के लोगों में होता है।


5. थायराइड लिंफा - थायराइड लिंफा कैंसर का एक बेहद खतरनाक प्रकार है जो थायराइड में प्रतिरक्षा प्रणाली कोशिकाओं में शुरू होता है और जल्दी बढ़ने लगता है वैसे आमतौर पर अधिक उम्र के लोगो में होता है।


थायराइड कैंसर के लक्षण:


1.गर्दन में एक गांठ बनना और कभी-कभी जाट का तेजी से बढ़ना

2.गर्दन के सामने के हिस्से में दर्द और कभी-कभी दर्द का कान तक चले जाना

3.गर्दन में सूजन आना

4. ठंड की वजह से होने वाली खासी अर्थात खांसी का होते रहना

5.निगलने में कठिनाई होना या कुछ भी खाते वक्त अटकना, तकलीफ होना

6.गला बैठना या आवाज में कोई परिवर्तन हो जाना और ठीक न होना।


अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं या ऐसी कोई दिक्कतें होने लगती हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए।


कैंसर से बचाव के उपाय:


ज्यादातर मामलों में थायराइड कैंसर का कारण पता नहीं होता है। साफ मतलब यह निकलता है कि अधिकतर मामलों में थायराइड कैंसर का इलाज निर्धारित नहीं होता है या इलाज का तरीका नहीं मिलता है।


ऐसा माना जाता है कि थायराइड कैंसर अनुवांशिक होता है। अगर परिवार में किसी को भी यह कैंसर है तो अपने चिकित्सक को बताएं और एक चिकित्सक से अच्छी सलाह लें कि इस कैंसर का होने का कितना जोखिम आपको है।


थायराइड कैंसर का इलाज:


थायराइड कैंसर के इलाज का मुख्य लक्ष्य आपके शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करना होता है। लेकिन कोशिकाओं को खत्म कैसे किया जा सकता है वह आपकी आयु, कैंसर का प्रकार और आपका स्वास्थ्य कैसा है इन सब पर निर्भर करता है।


अधिकतर लोगों में थायराइड ग्लैंड का कोई हिस्सा या पूरा ग्लैंड निकालने के लिए सर्जरी की जाती है। कभी-कभी एक कैंसर के लिए गांठ या नस को कैंसर का इलाज होने से पहले ही हटा दिया जाता है।


सर्जरी के बाद किसी भी बचे हुए थायराइड उत्तक को नष्ट करने के लिए रेडियो एक्टिव आयोडीन से इलाज की जरूरत हो सकती है। अगर थायराइड ग्लैंड निकाल दिया गया है तो शायद जीवन भर थायराइड हार्मोन की दवाई लेने की भी जरूरत पड़ सकती हैं। यह दवाई जरूरी हारमोंस  को जन्म देती है जो आमतौर पर थायराइड ग्रंथि द्वारा बनाया जाता है और हाइपोथाइरॉएडिज्म होने से रोकती है।


डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


Related Posts