क्या आप जानते हैं किन कारणों से होती है पेट में जलन


क्या आप जानते हैं किन कारणों से होती है पेट में जलन

पेट में जलन होना एक आम समस्या है और हम सभी ने कभी ना कभी इसका सामना किया है। आमतौर पर माना जाता है कि गलत खानपान के कारण व्यक्ति को पेट में जलन होती है और इससे आराम पाने के लिए लोग दवाई का सेवन भी कर लेते हैं। यह सच है कि पेट में जलन के लिए आपका खानपान और खाने का तरीका काफी हद तक जिम्मेदार होता है। लेकिन सिर्फ इन्हीं कारणों से ही पेट में जलन नहीं होती। बल्कि अन्य भी कई कारण होते हैं जो पेट में जलन पैदा करते हैं। तो चलिए जानते हैं इन्हीं कारणों के बारे में−

 

अपच

अगर भोजन करने के बाद खाना सही तरह से नहीं पचता, तो इससे पेट में जलन का अहसास होने लगता है। अपच के कारण व्यक्ति को पेट में सूजन, गैस, पेट अधिक भरा लगना, जी मचलाना व पेट में जलन का अहसास होता है। कई बार व्यक्ति द्वारा बहुत अधिक मसालेदार या तला हुआ खाना खाने से भी अपच हो जाती है। जब व्यक्ति द्वारा किया गया आहार देर तक पेट में रहता है तो पेट में अम्ल बनने लगता है और व्यक्ति को तेज जलन का अहसास होता है।

 

गर्भावस्था

गर्भावस्था में पेट में जलन का अहसास होना बेहद सामान्य है। गर्भावस्था में स्त्री के शरीर के अंदरूनी अंगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसके कारण उसे पेट में जलन का अहसास होता है। इस अवस्था में भोजन के पाचन में भी कई बार परेशानी आती है और महिला को पेट में जलन होती है।


खाद्य पदार्थों के प्रति प्रतिक्रिया

कई बार ऐसा भी होता है कि व्यक्ति को कुछ खाद्य पदार्थों के प्रति तीव्र प्रतिक्रिया होती है, जिससे उसे पेट में जलन होती है। जैसे लैक्टोज इनटॉलरेंट लोगों द्वारा डेयरी प्रॉडक्ट खासतौर से दूध का सेवन करके पर यह समस्या हो सकती है।


आईबीएस

इरिटेबल बाउल सिंडोम अर्थात आईबीएस भी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को पेट में जलन का अहसास होता है। हालांकि आईबीएस के सही कारणों के बारे में तो अभी तक नहीं पता चल पाया है, लेकिन इस स्थिति में व्यक्ति को पेट में जलन के साथ−साथ ऐंठन, सूजन, गैस, कब्ज या दस्त भी हो सकते हैं।

 

पेप्टिक अल्सर

पेप्टिक अल्सर घाव हैं, जो पेट की अंदरूनी परत पर हो जाते हैं। पेप्टिक अल्सर होने पर भी व्यक्ति को पेट में तेज जलन होती है। अगर ऐसे लोग मसालेदार भोजन करते हैं तो उनकी यह जलन असहनीय हो जाती है। इसलिए उन्हें अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना होता है।

 

मिताली जैन

 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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