ट्रुथ और मिथ में अंतर समझें डायबिटीज के मरीज, चिंता से भी बढ़ता है शुगर


ट्रुथ और मिथ में अंतर समझें डायबिटीज के मरीज, चिंता से भी बढ़ता है शुगर

डायबिटीज एक गंभीर समस्या होती है, ये ऐसी समस्या होती है जो खत्म नहीं होती। डायबिटीज को आम भाषा में शुगर और मधुमेह भी कहते हैं। डायबिटीज की बीमारी पूरी तरीके से खत्म नहीं होती। डायबिटीज का सबसे ज्यादा प्रभाव शरीर में आँखों, किडनी और दिल पर पड़ता है। कुछ डायबिटीज के मरीजों को इस बात की चिंता होती है कि हमारे बाद हमारी पीढ़ी को भी इस समस्या से गुजरना पड़ सकता है लेकिन यह बात सच नही है, अगर आपके बच्चे की लाइफस्टाइल ठीक है तो उसे इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

डायबिटीज के लक्षण- डायबिटीज में बहुत ज्यादा और बार बार प्यास लगती है, बार बार पेशाब आना, लगातार भूख लगना, आँखों की दृष्टि कम होना, थकावट महसूस होना, वजन कम होना या वजन अधिक होना, घाव ठीक न होना या देर से घाव ठीक होना, रक्त में इन्फेशन होना। 

डायबिटीज में जुड़े मिथक-  

1. डायबिटीज सिर्फ बूढ़ों को होता है- कुछ लोग आज भी ये मानते हैं कि डायबिटीज सिर्फ उम्रदराज लोगों को होने वाली बीमारी है लेकिन आपको बता दें कि डायबिटीज हर उम्र चाहे बच्चा हो या बूढ़ा सबको होती है। आजकल की जीवनशैली के चलते डायबिटीज हर उम्र के लोगों को होने लग गई है। बचपन में होने वाले डायबिटीज में बच्चों की शारारिक गति रुकने के साथ उनका वजन भी तेज़ी से गिरने लगता है। 3 से 4 साल के उम्र में बच्चों बच्चों को ज्यादा डायबिटीज होता है।    

2. मीठा खाने से डायबिटीज होता है- आधे से ज्यादा लोगों का ये मानना है कि मीठा खाने से डायबिटीज हो जाता है लेकिन आमतौर पर डायबिटीज से मीठे का कोई मेल नहीं होता। कई डायबिटीज के मरीज ऐसे भी होते हैं जो मीठा बिल्कुल नहीं खाते फिर भी उनको ये समस्या हो जाती है लेकिन अगर डायबिटीज  समस्या से ग्रस्त है तो आपको अपने मीठे खाने की मात्रा कम करनी होगी। 

3. दवाइयों से डायबिटीज खत्म हो जाता है- लोगों  लोगों का मानना ये है कि दवाई खाने से डायबिटीज खत्म होने लगता है, लेकिन ये बात बिल्कुल भी सही साबित नहीं होती। डायबिटीज की दवाई सिर्फ शरीर में इन्सुलिन के लेवल को सामान्य रखने के लिए इस्तेमाल की जाती है। अपने शरीर की गतिविधियों को ठीक ढंग से चलाने के लिए डायबिटीज की दवाइयाँ खाई जाती है। 

4. सिर्फ हार्ट अटैक की आशंका होना- हार्ट अटैक होने की आशंका डायबिटीज में दस गुना होती है लेकिन कुछ लोग ये मानते हैं कि डायबिटीज में सिर्फ हार्ट अटैक ही होते है। डायबिटीज में माइक्रो एन्जियोपैथी की वजह से उन्हें छोटे-छोटे हार्ट अटैक आते रहते हैं जिसकी वजह से ब्लड पंप होना रुकने लगता है और  शरीर में ताकत की कमी होने लगती है।

5. डायबिटीज में आलू, चावल और फल खाना मना होता है- अक्सर लोगों से सुनने में आता है कि डायबिटीज के मरीजों को आलू, चावल और फल खाना मना होता है जबकि ऐसा कुछ नहीं है। डायबिटीज के मरीजों को रोजाना 100 से 200 ग्राम फल प्रतिदिन खाना चाहिए लेकिन फल खाते वक़्त इस बात का ध्यान रखें कि फल ज्यादा मीठे न हो। डायबिटीज के मरीजों को सब चीज खानी होती है लेकिन सिमित मात्रा में चावल, फल और आलू खा सकते हैं।

6 क्या डायबिटीज वंशानुगत रोग है- अगर किसी इंसान को डायबिटीज है, तो उनकी आने वाली पीढ़ी को भी डायबिटीज की मार झेलनी पड़ सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक माँ के अपेक्षा पिता को डायबिटीज होने पर उन के लक्षण उसकी पीढ़ी पर नज़र आएंगे। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चल सकती है। लेकिन अगर आपकी जीवन शैली ठीक है तो आप इससे बच सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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