उपवास के बाद इन बातों का ज़रूर रखें ख्याल


उपवास के बाद इन बातों का ज़रूर रखें ख्याल

नवरात्रों के बाद उपवास खोलते समय लोगो को काफ़ी चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए, बल्कि नवरात्रि के आखिरी दिन उपवास खोलते समय व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपने खाने का ख़ासकर ध्यान रखना चाहिए। व्रत किए हुए व्यक्ति को ज्यादा मसालेदार और भारी खाना खाने से परहेज करना चाहिए। साथ ही हम आपको बताएंगे की व्रत खोलने के बाद किस तरह के खाने का सेवन करना चाहिए।


सबसे पहले याद रखे कि एक बार में अधिक भोजन ना करे। काफ़ी समय से खाली पेट रहने के बाद एकदम भर पेट खाने का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इस तरह भोजन करने के कारण आपको पेट दर्द जैसी समस्या हो सकती है। साथ ही आपको पाचन में भी परेशानी हो सकती है। 


लंबे समय तक खाली पेट होने के कारण आपको शुरुआत में केवल पानी का सेवन करना चाहिए। पानी पीने से आपके पेट में ठंडक पहुँचेगी। साथ भी बाद में होने वाली पाचन संबंधी परेशानियों से आप खुद को बचा सकेंगे। भारी खाने का सेवन करने की जगह आप चाहें तो नींबू पानी, शरबत, लस्सी, नारियल पानी या फिर मौसंबी के जूस सेवन कर सकते हैं। इस से आपके शरीर में एनर्जी आएगी और साथ ही यह आपके पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को ठीक करने में मदद मिलेगी।


नवरात्रों के व्रत के बाद ज्यादा प्रोटीन वाले खाने का सेवन करें। कोशिश करे आपके शरीर में ज्यादा से ज्यादा विटामिन और प्रोटीन वाली चीजें जाएं ताकि आपके शरीर में उर्जा की पूर्ति होती रहे। इसके लिए आपको कुछ समय रुक कर पनीर से बने व्यंजन या अंकुरित आहार का सेवन करना चाहिए।


व्रत के बाद तेल से बने खाने से बचने की कोशिश करे और साथ ही मिठाईयों और तले हुए खाने से भी दूरी बनाए रखे। ताकि आपके पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव ना पड़े और आपकी सेहत बिल्कुल ठीक और अच्छी रहे। यदि आपको कुछ खाना ही है तो मिले जुले आटे की रोटी बना सकते है। हरी सब्जियां, दाल, लौकी और दही जैसी पाचक और हल्की चीज़ों का सेवन करें। दिनभर के व्रत करने के बाद यह सभी चीजें आपके पेट और पाचनतंत्र को संतुलित रखेगी। उपवास के बाद ज्यादा से ज्यादा ठंडी चीज़ों का सेवन करें। जैसे दही जिसके सेवन से आपके पेट में किसी भी तरह की कोई तकलीफ़ नहीं होगी। साथ ही आप फलों का भी सेवन कर सकते हैं जिससे आपका पेट भी भरेगा और आपके शरीर में उर्जा भी आयेगी। उपवास में भोजन के लिए उपमा और पोहा आपके लिए बहुत ही अच्छा विकल्प है। यह पौष्टि‍क भी है और पाचक भी, साथ ही ध्यान रखें कि लंबे व्रत  के बाद आप जो भी खाएं कम मात्रा में ही खाएं।


डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


Related Posts