Health Tips: इंसुलिन सेंसिटिविटी भी हो सकता है मोटापे की वजह, गोल्डन मिल्क की मदद से कम करें बेली फैट

  • अनन्या मिश्रा
  • Apr 03, 2023

Health Tips: इंसुलिन सेंसिटिविटी भी हो सकता है मोटापे की वजह, गोल्डन मिल्क की मदद से कम करें बेली फैट

आजकल के दौर में मोटापा एक गंभीर समस्या बन गया है। मोटापे से न केवल हमारा फिगर खराब हो जाता है। बल्कि बढ़े हुए मोटापे के कारण कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। खासकर मोटापे के कारण पेट के आसपास के हिस्से में चर्बी जम जाती है। जो देखने में काफी ज्यादा खराब लगता है। बेली फैट को सबसे जिद्दी फैट माना जाता है। बेली फैट में कमर और पेट के आसपास फैट जमा हो जाता है। वहीं इससे छुटकारा पाना मुश्किल होता है। गलत खानपान और अनियमित लाइफस्टाइल के कारण मोटापा बढ़ने लगता है। 


कुछ लोग मोटापे को कम करने के लिए कड़ी डाइट फॉलो करते हैं। लेकिन इसके बाद भी पेट और कमर के आस-पास जमा फैट कम नहीं होता है। जिसके कारण कई बार इंसुलिन सेंसिटिविटी हो सकती है। आपको बता दें कि हमारे शरीर में मौजूद इंसुलिन एक ऐसा हार्मोन है जो हमारे ब्लड में शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। इंसुलिन पैंक्रियाज ग्‍लैंड में बनता है। यह हमारे ब्लड से शुगर को सेल्‍स में ले जाने में सहायता करता है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि इंसुलिन सेंसिटिविटी क्या होता है। साथ ही इसका हमारी बॉडी पर क्या असर पड़ता है और इसको कैसे बढ़ाया जा सकता है।


इंसुलिन सेंसिटिविटी

डाइटीशियन मनप्रीत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर जानकारी देते हुए बताया कि जब भी हम खाना खाते हैं। तो हमारी बॉडी में पैंक्रियाज ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन नाम का हार्मोन छोड़ता है। हमारी कोशिकाओं के दरवाजों को खोलने के लिए इंसुलिन एक चाबी की तरह काम करता है। यह ग्लूकोज को कोशिकाओं में भेजने का काम करने के साथ ही उसे ऊर्जा के रूप में काम करवाता है। जब इस प्रक्रिया से ग्लूकोज हमारी सेल्स में पहुंच जाता है। तब खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल फिर से नॉर्मल होता है।


वहीं जब इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है तो हमारी कोशिकाएं इंसुलिन की ओर से सही प्रतिक्रिया नहीं देती है। जिसके कारण हमारा ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। पैंक्रियाज ब्लड शुगर लेवल को नॉर्मल करने के लिए कुछ और इंसुलिन भेजती है। लेकिन जो शुगर ब्लड में ऑब्जर्व नहीं हो पाती है तो बेली के आसपास चर्बी जमा होना शुरू हो जाता है। इसी कारण बेली फैट बढ जाता है।


इंसुलिन सेंसिटिविटी कैसे बढ़ाएं

इंसुलिन सेंसिटिविटी को अपनी डाइट में कुछ चीजों को शामिल कर बढ़ाया जा सकता है। ऐसा कर आप अपने बेली फैट को कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाने के लिए अपनी डाइट में किन-किन चीजों को बढ़ाना चाहिए। 


गोल्डन मिल्क

हल्दी- एक चुटकी

मिर्च- एक चुटकी

घी- आधा टी स्पून

लौंग- एक

अदरक- आधा टी स्पून

दूध- 150 मि.ली  


ऐसे बनाएं

सब चीजों को दूध में डालने के बाद इसे 5 मिनट के लिए उबाल लें। फिर इस दूध को सोने से पहले पीना चाहिए।


एलोवेरा-आंवला शॉट्स

आंवला जूस- 30 मि.ली

एलोवेरा जूस- 30 मि.ली

पानी- 60 मि.ली


ऐसे बनाएं

सब चीजों को एक साथ मिलाएं और पिएं। इसके बाद एक पानी का गिलास पी सकते हैं। ध्यान रखें कि इस पानी को सुबह के समय पीना चाहिए।


ये भी हैं लाभकारी

इंसुलिन सेंसटिविटी बढाने के लिए आप इन चीजों का सेवन कर सकते हैं।


सीलोन दालचीनी- लंच के कुछ देर बाद दालचीनी(दालचीनी के फायदे) की चाय पिएं।


अदरक वाली चाय- शाम के समय अदरक वाली चाय पिएं।


मेथी दाने का पानी- सुबह खाली पेट मेथी दाने का पानी पिएं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


Tags
insulin sensitivity, Insulin Resistance Diet, fat storage hormone, Diabetes, Body Weight, Weight Loss Tips, Weight Loss Tricks, इंसुलिन सेंसिटिविटी, Amazing Benefits of golden milk, health tips, health tips in hindi, हेल्थ टिप्स, हेल्थ टिप्स इन हिन्दी

Related Posts