आयुर्वेदिक तरीके से ऐसे करें शरीर को डिटॉक्स


आयुर्वेदिक तरीके से ऐसे करें शरीर को डिटॉक्स

डिटॉक्सिफिकेशन एक व्यक्ति के शरीर को साफ करने की एक व्यापक और अच्छी प्रक्रिया है। इस मुद्रा को अभ्यास प्रणाली अर्थात अपान प्रणाली भी कहते हैं। ये प्रणाली सभी अशुद्धियों को डेटॉक्सिफाय या निकालने में मदद करती है। डिटॉक्सिफिकेशन मुद्रा दोनों हाथों से की जाती है। डिटॉक्सिफिकेशन मुद्रा शरीर से अपशिष्ट पदार्थों और विषैले पदार्थों, पुरानी परेशानियों, बुरी आदतों, बुरे लक्षणों को दूर करती है। 


शायद आप नही जानते की सिर्फ अच्छे से साँस लेने से भी आप अपने शरीर के 90% से ज्यादा विषैले पदार्थों को साफ कर सकते हैं। ये वही विषैले पदार्थ हैं जो आपके शरीर में रहकर आपको बीमार कर देते हैं। कुछ ऐसी मुद्राएं हैं, जो आपके शरीर को साफ कर देती हैं।


अपान मुद्रा -

ये मुद्रा आपकी आँख, कान, नाक से सभी अपशिष्ट पदार्थों को निकालकर आपके शरीर को डीटॉक्सीफाइ करती हैं। इस मुद्रा के अभ्यास से बीमारिया जैसे उल्टी, हिचकियां और घबराहट आदि से भी राहत मिलती हैं। आपन मुद्रा से ब्लड प्रेशर, महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द में भी राहत मिलती हैं।


अपान योग मुद्रा को करने का आसान तरीका-

1.सबसे पहले सुखासन अर्थात विश्राम अवस्था मे बैठ जाए। 

2. अब अपने अंगूठे को माध्यमा और अनामिका से मिलाएं। अपनी तर्जनी और छोटी उंगली को सीधा रखें।दोनों हाथों को इसी अवस्था में रखें।

3.अब शांत मन से सांस ले और इस प्रक्रिया को दोहराए ।

4.इस मुद्रा को रोज 30-45 मिनट एक बार में करें या फिर तीन बार में 10-15 मिनट के लिए भी कर सकतें है।


इस मुद्रा को आप अपनी सुविधा अनुसार किसी भी जगह किसी भी समय कर सकते हैं। परन्तु सुबह इस मुद्रा को करने से ज्यादा लाभ मिलता है।

 

सावधानी- यदि आपको कफ या इस से संबंधित कोई परेशानी है, तो आपको यह मुद्रा कम समय के लिए करना चाहिए।


डिटॉक्सिफिकेशन डाइट -

इसके लिए सबसे पहले टॉक्सिन का सेवन कम करना चाहिए। अल्कोहल, कॉफी, सिगरेट, रिफाइंड शूगर और सैचुरेटेड फैट, ये सब शरीर में टॉक्सिन का कार्य करते हैं और शरीर की नियमित कार्य करने में बाधा डालते हैं।


60 प्रतिशत तरल और 40 प्रतिशत अन्य खाद्य होना चाहिए क्योंकि शरीर को 70 प्रतिशत पानी की जरूरत होती ।


ढेर सारे फलों जैसे तरबूज, पपीता और खीरे का जूस पिएं लेकिन अंगूर का रस न पिएं क्योंकि यह डिटॉक्स प्रणाली में रुकावट पैदा करता है।


गहरी हरी पत्तेदार सब्जियों, फूलगोभी, पत्तागोभी और ब्रोकली को भोजन में प्रमुखता से शामिल करें। इनके अलावा प्याज भी एक अच्छा क्लीनजिंग एजेंट है। शलजम लीवर को डिटॉक्स करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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