Health Tips: बड़ा Health Risk, रोजाना Plastic Bottle का पानी पीना मतलब गंभीर बीमारियों को दावत देना

  • अनन्या मिश्रा
  • Jan 07, 2026

Health Tips: बड़ा Health Risk, रोजाना Plastic Bottle का पानी पीना मतलब गंभीर बीमारियों को दावत देना

लाइफस्टाइल और खानपान में होने वाली गड़बड़ी ने हमारे स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। वहीं पर्यावरणीय स्थितियों ने दोहरी मार दी है। भारत में वायु प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। वहीं कोरोना के बाद तेजी से बढ़ने वाले प्रदूषण की स्थिति को वैज्ञानिकों ने गंभीर स्वास्थ्य संकट बताया था। वायु प्रदूषण के अलावा वातावरण में बढ़ते माइक्रो और नैनोप्लास्टिक के लेवल ने भी चिंता को बढ़ाया है।


कई अध्ययनों से यह पता चलता है कि प्लास्टिक के छोटे कण हमारी शरीर में जमा होकर गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। वहीं रोजाना इस्तेमाल में आने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक की चीजों ने इस खतरे को दोगुना कर दिया है। ऐसे में अगर समय रहते इसको कंट्रोल नहीं किया गया, तो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकते हैं।


सिंगल यूज प्लास्टिक के नुकसान

वहीं रोजाना इस्तेमाल में आने वाली सिंगल यूज पीईटी बोतलों से नैनोप्लास्टिक पैदा होती है। जोकि सीधे खून, आंतों और कोशिकाओं के बायोलॉजिकल सिस्टम को नुकसान पहुंचाती है। यह अदृश्य कण लंबी अवधि में शरीर में सूजन, डीएनए क्षति, मेटाबॉलिज्म की गड़बड़ी और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए खतरा बन सकते हैं।


क्या कहते हैं एक्सपर्ट

वैज्ञानिकों की मानें, तो सिंगल-यूज पीईटी बोतलों से निकलने वाले नैनोप्लास्टिक काफी खतरनाक होता है। यह शरीर के अहम जैविक तंत्रों को बाधित कर सकते हैं। यह कण आंतों में मौजूद गुड जीवाणुओं, एपिथेलियल सेल्स और रक्त कोशिकाओं के सामान्य कामकाज को कमजोर करते हैं। जिसका इंसानी स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।


प्लास्टिक के महीन कण दुनिया के करीब हर पर्यावरणीय माध्यम जैसे पानी, मिट्टी, नदियों, समुद्र, बादलों और इंसानी ब्लड और ऊतकों तक पहुंच चुके हैं।


गट माइक्रोब्स और इम्युनिटी को खतरा

नैनोप्लास्टिक की मौजूदगी माइक्रोब्स यानी आंतों के लाभकारी जीवाणुओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। क्योंकि गट माइक्रोब्स पाचन, मेटाबॉलिज्म, प्रतिरक्षा प्रणाली और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए इसका नुकसान सीधे तौर पर शरीर को प्रभावित करने का काम करता है।


बता दें कि डीएनए क्षति और मेटाबॉलिज्म गड़बड़ी कई गंभीर बीमारियों का कारण हो सकती है। इन अदृश्य कणों का जोखिम अब सिर्फ पर्यावरण तक नहीं बल्कि पोषण, कृषि और व्यापक परिस्थितिक तंत्र पर भी असर डाल सकता है।


सेहत पर असर

हालिया अध्ययनों के मुताबिक नैनोप्लास्टिक के ये कण सिर्फ आपके पाचन तंत्र नहीं बल्कि हार्मोनल बैलेंस, कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम और न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं तक के लिए समस्याएं बढ़ा रही हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कण कोशिकाओं की मेम्ब्रेन को पार करके सीधे नाभिक तक जाते हैं। जिससे डीएनए क्षति और दीर्घकालिक सूजन का खतरा बढ़ जाता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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