नवरात्रि में सिंघाड़ा खाने के होते हैं जबरदस्त फायदे


नवरात्रि में सिंघाड़ा खाने के होते हैं जबरदस्त फायदे

व्रत में कुट्टू के आटे के साथ ही सिंघाड़ा और सिंघाड़े के आटे से बनी चीज़ें भी खाई जाती है, लेकिन क्या आपको पता है कि व्रत में खाया जाने वाला सिंघड़ा सेहत का खजाना है। सिंघाड़े और सिंघाड़े के आटे के सेवन से आपकी सेहत के साथ ही सौंदर्य भी बरकरार रहता है। चलिए आपको बताते हैं सिंघाड़ा यानी पानीफल के फायदे।

  • सिंघाड़े में आयोडीन, मैग्नीज, पोटेशियम जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. जो घेंघा रोग से बचाता है।
  • ये नेचुरल एंटीऑक्सिडेंट है, जो चेहरे को झुर्रियों से बचाता है। सिंघाड़ा आपकी त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से भी बचाता है।
  • सिंघाड़ा शरीर को मैंगनीज के अवशोषण में मदद करता है जिससे मैंगनीज का भरपूर लाभ मिलता है। यह पाचन तंत्र को भी ठीक रखता है और बढ़ती उम्र में बीमारियों से बचाता है।
  • सिंघाड़ा जॉन्डिस से भी बचाता है। यह शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने यानी डिटॉक्सिफाई करने में भी मदद करता है।
  • सिंघाड़े में आयरन की अच्छी मात्रा होती है। इसलिए जिन लोगों को खून की कमी की समस्या हैं उन्हें खूब सिंघाड़ा खाना चाहिए।
  • सिंघाड़ा पेट की समस्याओं को दूर करने में भी सहायक है। सिंघाड़ा खाने से दस्त, एसिडिटी कब्ज और अपच की समस्या से राहत मिलती है।
  • सिंघाड़े में विटामिन-ए, सी, मैंगनीज, थायमाइन, कर्बोहाईड्रेट, टैनिन, सिट्रिक एसिड, रीबोफ्लेविन, एमिलोज, फास्फोराइलेज, एमिलोपैक्तीं, बीटा-एमिलेज, प्रोटीन, फैट और निकोटेनिक एसिड जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी सिंघाड़ा बहुत फायदेमंद होता है। इसके सेवन से मां और बच्चा दोनों की सेहत अच्छी रहती है और मिसकैरेज का खतरा भी कम हो जाता है। सिंघाड़ा पीरियड संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी मददगार है।
  • सिंघाड़े में आयोडीन और मैंग्नीज होता है। आपको बता दें कि मैंग्नीज सौंदर्य के लिए बहुत फायदेमंद है। यह ब्लड को प्यूरीफाई करता है जिससे त्वचा में निखार आता है।
  • सिंघाड़े में पोटेशियम, जिंक, विटामिन बी और ई भी पाया जाता है। जो त्वचा के साथ ही बालों के लिए भी लाभदायक है। साथ ही यह दिल की बीमारियों से भी बचाता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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